हेलो दोस्तों, कैसा चल रहा है सब? आज मैं तुम्हें अपनी एक देसी xxx कहानी सुनाने जा रहा हूं, जो कि मेरी जिंदगी की वो सच्ची घटना है जिसे मैंने सालों तक अपने दिल में दबाकर रखा था, कभी किसी से शेयर करने की हिम्मत नहीं हुई। मेरा नाम राहुल है, मैं 20 साल का हूं, और मेरी दिल्ली के एक व्यस्त बाजार में साड़ी की दुकान है। भगवान की कृपा से दुकान अच्छी चल रही है, मैं अकेला ही सब संभालता हूं। अपनी दुकान में मैं सिर्फ साड़ियां ही नहीं रखता, बल्कि रेडीमेड ब्लाउज, पेटीकोट, ब्रा और पैंटी भी बेचता हूं। रोजाना तरह-तरह की ग्राहक आती हैं, कुछ शर्मीली, कुछ बोल्ड, लेकिन उस दिन जो हुआ, वो मेरी जिंदगी का सबसे यादगार पल बन गया। मैंने कभी सोचा नहीं था कि दुकान पर काम करते हुए ऐसा कुछ हो सकता है, लेकिन वो दिन मेरी किस्मत बदल गया। मैं सुबह दुकान खोलकर बैठा था, चाय की चुस्कियां ले रहा था, बाहर की हलचल देख रहा था, बाजार में लोग आ-जा रहे थे, हॉर्न बज रहे थे, और मैं सोच रहा था कि आज कितनी सेल होगी। तभी दरवाजे पर एक छाया पड़ी, और मैंने ऊपर देखा तो मेरी आंखें फटी रह गईं।
एक दिन की बात है, जब मैंने दुकान अभी-अभी खोली थी, तभी एक औरत अंदर आई, जो दिखने में बेहद खूबसूरत थी। उसके बूब्स का साइज काफी बड़ा और आकर्षक था, शायद 38 या 40, और वो एकदम फैशनेबल ड्रेस में थी – टाइट जींस और क्रॉप टॉप, जिससे उसकी कमर और नाभि साफ दिख रही थी। उसे देखकर मेरे होश उड़ गए, दिल की धड़कन तेज हो गई, और मैं सोचने लगा कि काश ऐसी लड़की मेरी जिंदगी में आ जाए। वो सीधे मेरे पास आई और बोली, ‘भैया, मुझे एक नई साड़ी दिखाओ, लेटेस्ट डिजाइन वाली।’ मैंने मुस्कुराते हुए कहा, ‘मैडम, मेरी दुकान में तो सिर्फ लेटेस्ट साड़ियां ही हैं, आप क्या पहनेंगी – रोजाना या स्पेशल ओकेजन के लिए?’ उसने कहा कि वो साड़ी पहनकर देखना चाहती है। मैंने कई साड़ियां निकालीं, रंग-बिरंगी, सिल्क की, कॉटन की, हर तरह की दिखाई। थोड़ी देर देखने के बाद उसने एक लाल रंग की साड़ी पसंद की, जो काफी महंगी और आकर्षक थी। फिर उसने ब्लाउज के बारे में पूछा, तो मैंने बताया, ‘मैडम, हमारे पास रेडीमेड ब्लाउज और पेटीकोट भी हैं, हर साइज में।’ मैंने उससे ब्लाउज का साइज पूछा, तो उसने शर्माते हुए कहा, ’40।’ मैंने कहा, ‘मैडम, हमारे पास ये साइज का स्टिच्ड ब्लाउज है, और ये लेटेस्ट फैशन स्टाइल का है, थोड़ा डीप नेक और बैकलेस टाइप, आपको प्रॉब्लम तो नहीं होगी?’ उसने मुस्कुराकर कहा, ‘नहीं, चलेगा, मैं ट्राई करके देखती हूं।’ मैंने मन ही मन सोचा कि ये तो मजेदार होने वाला है, और मेरी आंखों में एक चमक आ गई।
फिर मैंने उसे ब्लाउज और पेटीकोट दिया, और कहा, ‘मैडम, एक बार ट्राई करके देख लीजिए, अगर फिटिंग में कोई दिक्कत हो तो बता दीजिएगा।’ उसने हामी भरी और मैंने उसे ट्रायल रूम दिखाया, जो दुकान के पीछे एक छोटा सा कमरा था, पर्दे वाला। मैं बाहर इंतजार करने लगा, दिल में उथल-पुथल मची हुई थी। थोड़ी देर बाद वो बाहर आई, साड़ी पहने हुए, लेकिन वो काफी सिंपल तरीके से बांधी हुई थी, पल्लू ठीक से नहीं डाला था। मैंने पूछा, ‘मैडम, ये साड़ी आप रोज पहनने के लिए ले रही हैं या पार्टी के लिए?’ उसने कहा, ‘पार्टी के लिए।’ तो मैंने कहा, ‘मैडम, जिस तरह आपने पहनी है, ये पार्टी के लायक नहीं लग रही, साड़ी का पूरा शो नहीं आ रहा। आपका ब्लाउज तो फैशनेबल है, लेकिन साड़ी का स्टाइल सिंपल है। अगर आप चाहें तो मैं आपको पार्टी स्टाइल में साड़ी पहनना सिखा दूं, लो वेस्ट और सेक्सी लुक वाला।’ मैंने ये कहते हुए उसकी आंखों में देखा, और वो थोड़ा हिचकिचाई, लेकिन फिर बोली, ‘ठीक है, सिखा दो।’ मैंने मन में सोचा कि मौका मिल गया, अब खेल शुरू होगा।
वो थोड़ी देर सोचती रही, फिर बोली, ‘ओके, सिखाओ।’ मैंने कहा, ‘मैडम, पहले साड़ी निकालिए, ताकि मैं स्टेप बाय स्टेप दिखा सकूं।’ वो धीरे-धीरे साड़ी निकालने लगी, जैसे ही पल्लू हटाया, उसके बूब्स ब्लाउज में से उभरे हुए दिखे, और मैं उन पर नजरें गड़ा बैठा। मैंने कहा, ‘मैडम, आपको ब्लाउज पहनना भी ठीक से नहीं आता, देखिए स्ट्रैप्स साइड में खिसक गए हैं।’ उसने पूछा, ‘कैसे?’ तो मैंने अपनी उंगली से छूकर दिखाया, और फिर उसके पीछे जाकर कहा, ‘मैडम, आपने कम एक्सपोज किया है, ब्लाउज को ठीक से एडजस्ट करना पड़ता है। अब इसे दोबारा पहनना पड़ेगा, मैं मदद कर दूं?’ उसने कुछ नहीं कहा, बस सिर हिला दिया। मैंने उसके ब्लाउज के हुक खोले, उसकी पीठ पर हाथ फेरा, वो कांप गई, लेकिन चुप रही। फिर मैंने ब्लाउज ठीक किया, उसके बूब्स को एडजस्ट किया, और वो शर्म से लाल हो गई।
मैंने कहा, ‘मैडम, पहले पूरी साड़ी निकालिए।’ उसने कहा, ‘निकाल तो दी।’ मैंने हंसकर कहा, ‘पल्लू हटाने से नहीं, पूरी उतारनी पड़ती है।’ उसने पूरी साड़ी उतार दी, अब वो ब्लाउज और पेटीकोट में मेरे सामने खड़ी थी, उसकी गोरी कमर और जांघें दिख रही थीं। मैंने कहा, ‘मैडम, मैं दुकान बंद कर देता हूं, अगर कोई आ गया तो अच्छा नहीं लगेगा।’ उसने कहा, ‘हां, बंद कर दो।’ मैंने शटर गिराया, दुकान लॉक की, और वापस आया। फिर कहा, ‘मैडम, आपको पूरा सिखाना पड़ेगा, आपने पेटीकोट भी ठीक से नहीं पहना, इसे कमर के नीचे बांधते हैं ताकि नाभि दिखे। अब ब्लाउज और पेटीकोट निकालिए, मैं दिखाता हूं।’ वो हिचकिचाई, लेकिन मैंने जोर दिया, और वो मान गई। मैंने उसके ब्लाउज के हुक खोले, पेटीकोट का नाड़ा ढीला किया, और वो सब उतार दिया। अब वो ब्रा और पैंटी में थी, मैंने उसकी बॉडी को घूरा, वो शर्म से आंखें नीची कर ली।
मैंने पूछा, ‘मैडम, क्या आप साड़ी पहली बार ट्राई कर रही हैं?’ उसने कहा, ‘हां, चेंज के लिए, वेस्टर्न ड्रेस से बोर हो गई हूं।’ मैंने कहा, ‘तो ब्लाउज और पेटीकोट निकालिए, मैं सिखाता हूं।’ उसने कहा, ‘तुम्हारे सामने कैसे? तुम मेरे पति थोड़े हो।’ मैंने कहा, ‘मैडम, इसमें क्या बड़ी बात, मैं तो रोज ग्राहकों को सिखाता हूं, कई लड़कियां तो फटाफट कपड़े उतार देती हैं क्योंकि मैं नया स्टाइल बताता हूं।’ ये सुनकर वो मान गई, और ब्रा-पैंटी में खड़ी हो गई। मैंने कहा, ‘मैडम, आपकी उम्र में इतनी सिंपल ब्रा-पैंटी? मेरे पास लेटेस्ट हैं, मैं लाता हूं।’ मैंने 3 सेट निकाले, खोलकर दिखाए, लेस वाली, पुश-अप ब्रा, थोंग पैंटी। उसने देखीं, और शर्माती रही, लेकिन उत्सुक भी लग रही थी। मैंने उसके शरीर को छूकर माप लिया, और सोचा कि अब खेल आगे बढ़ेगा।
उसने कहा, ‘तुम्हें बिल्कुल शर्म नहीं आती?’ मैंने कहा, ‘मैडम, ये मेरा रोज का काम है, अगर शर्माता रहा तो बिजनेस कैसे चलेगा?’ फिर कहा, ‘अपनी ब्रा-पैंटी निकालिए, ये नई ट्राई कीजिए।’ मैं उसके पीछे गया, ब्रा का हुक खोला, वो निकाल दी, फिर पैंटी नीचे सरकाई, और कहा, ‘पैर ऊपर करके निकालो।’ उसने किया, अब वो हाथों से बूब्स और चुत छुपा रही थी। मैं सामने आया, कहा, ‘मैडम, इतनी शर्म? हाथ हटाओ।’ उसने हटाए, और मैंने उसकी नंगी बॉडी देखी – गोरी चमड़ी, बड़े बूब्स, गुलाबी निप्पल, नीचे चुत पर बाल। मैंने मन में सोचा, ये तो परफेक्ट है।
मैडम मेरे सामने पूरी नंगी खड़ी थी, मैंने कहा, ‘ये हुई ना बात, अब अच्छा लग रहा है। मैडम, रिक्वेस्ट है, पुरानी ब्रा-पैंटी मत पहनो, नई खरीदो। मैं खुद दुकानदार हूं, लेटेस्ट इस्तेमाल करता हूं।’ फिर कहा, ‘मैं भी लेटेस्ट अंडरवियर पहनता हूं।’ पैंटी पहनाते हुए मेरी नजर उसकी चुत पर पड़ी, बाल भरे थे। मैंने कहा, ‘मैडम, आप चुत शेव नहीं करतीं?’ वो शर्मा गई, लाल हो गई। मैंने उसकी आंखों में देखा, और महसूस किया कि वो गर्म हो रही है।
उसने मना किया, लेकिन मैंने कहा, ‘लाओ, मैं शेव कर देता हूं।’ मैंने उसे टेबल पर लिटाया, वो मना करती रही, लेकिन मैंने जिद की, और वो लेट गई। फिर बोली, ‘जरूरत नहीं, बाद में कर लूंगी।’ मैंने कहा, ‘एक्स्ट्रा चार्ज नहीं लूंगा।’ उसने कहा, ‘पैसे की टेंशन नहीं, शर्म आती है।’ मैंने कहा, ‘नंगी हो गईं तो अब क्या शर्म? मैं खुद अपने लंड को शेव रखता हूं।’ ये कहकर मैंने पैंट उतारी, कहा, ‘देखो, कितनी फैन्सी अंडरवियर।’ वो देखने लगी, आंखें चमक उठीं।
फिर मैंने अंडरवियर उतारी, उसका हाथ पकड़कर अपने लंड पर रखा, कहा, ‘देखो, एक भी बाल नहीं।’ लंड पकड़ते ही वो गर्म हो गई, उसका हाथ कांप रहा था। मैंने टी-शर्ट उतारी, पूरा नंगा हो गया। फिर उसके पैर फैलाए, चुत शेव की, क्रीम लगाई, रेजर से साफ किया। शेव के बाद हाथ फेरा, कहा, ‘कितना स्मूद लग रहा है।’ वो आहें भर रही थी, आंखें बंद।
फिर मैंने कहा, ‘पूरी बॉडी के बाल निकाल दूं।’ मैंने वैक्सिंग की, हर हिस्से को साफ किया, फिर चुत में उंगली डाली, वो ‘आह आह’ करने लगी, मना कर रही थी, लेकिन बॉडी रिस्पॉन्ड कर रही थी। मैं गर्म हो गया, जानता था वो चुदवाने को तैयार है।
मैंने उंगली निकाली, अपना लंड चुत में डाला, वो चिल्लाई, ‘आह, दर्द हो रहा है।’ थोड़ी देर बाद मजा आने लगा, हमने 1 घंटे तक चुदाई की, अलग-अलग पोजिशन में, मिशनरी, डॉगी, वो ऊपर। फिर बोली, ‘तुम साड़ी पहनाने आए थे, चोद दिया।’ मैंने चूमा, फिर गांड मारी, वो चीखी लेकिन मजा लिया। फिर कपड़े पहने, वो साड़ी, ब्लाउज, ब्रा, पैंटी ले गई, मैंने पैसे नहीं लिए, दुकान खोली, वो गई।
धन्यवाद
यह मेरी असली कहानी है। क्या आपको लगता है मैंने सही किया? कृपया अपनी राय कमेंट में जरूर बताएं। अगर आपकी भी ऐसी कोई अनोखी अनुभव है तो शेयर करें।”
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