ये मेरी xxx बहन की चुदाई कहानी है, एक देसी हिंदी सेक्स कहानी जो मेरी जिंदगी की वो हकीकत है जिसे मैंने सालों तक अपने सीने में दबाकर रखा था, कभी किसी से शेयर करने की हिम्मत नहीं की, लेकिन अब लगता है वक्त आ गया है इसे बयां करने का। मेरा नाम रोहन है, मैं 21 साल का हूं और मुंबई में रहता हूं। हमारी फैमिली में चार लोग हैं – पापा जो एक छोटी सी दुकान चलाते हैं, मां घर संभालती हैं, मैं कॉलेज में पढ़ता हूं, और मेरी बड़ी बहन प्रिया, जो 24 साल की है। अभी तक उसकी शादी नहीं हुई है। वो थोड़ी सांवली है, पतली कमर, नॉर्मल साइज के स्तन और गांड हल्की सी बाहर निकली हुई, जो उसे और आकर्षक बनाती है। उसका कोई बॉयफ्रेंड नहीं है क्योंकि हमारे घर में लड़कियों को बाहर ज्यादा घूमने की आजादी नहीं है, वो ज्यादातर घर पर ही रहती है।
हमारा घर तीन मंजिला है। ग्राउंड फ्लोर पर किराएदार रहते थे, लेकिन पिछले दो महीनों से वो खाली है। फर्स्ट फ्लोर पर पापा और मां का कमरा है, और सेकंड फ्लोर पर दो कमरे – एक मेरा और दूसरा प्रिया का। हम दोनों ऊपर रहते हैं, जिससे हमें थोड़ी प्राइवेसी मिलती है। मैं बचपन से ही ब्लू फिल्में देखने का शौकीन रहा हूं, सेक्स स्टोरीज पढ़ता हूं और रोज मुठ मारता हूं। इसका नतीजा ये हुआ कि मेरा लंड काफी मोटा हो गया है, हालांकि लंबाई में 4 से 5 इंच का है। मैं कभी प्रिया को गलत नजर से नहीं देखता था, वो मेरी बहन थी, लेकिन कभी-कभी जब वो झाड़ू लगाते हुए झुकती तो उसके स्तनों की झलक मिल जाती, पर चोदने का ख्याल कभी नहीं आया।
कहानी दो महीने पुरानी है। एक रात मैं ब्लू फिल्म देखकर बाथरूम में मुठ मारने गया। रात के करीब 1 बजे थे, मैं सिर्फ अंडरवियर में था। मैं दीवार की तरफ मुंह करके खड़ा था, दरवाजा बंद नहीं किया क्योंकि रात का समय था। अचानक मुझे लगा कोई पीछे खड़ा है, लेकिन हिम्मत नहीं हुई मुड़ने की। फिर मैंने मुड़कर देखा तो प्रिया भागकर अपने कमरे में जा रही थी और दरवाजा बंद कर लिया। वो टॉयलेट करने आई थी, बाद में उसने बताया। मैं डर गया कि कहीं वो मां को बता न दे।
अगले दिन प्रिया बहुत खुश लग रही थी, मैंने उसे इतना खुश कभी नहीं देखा। जब मैं सुबह उठकर बाथरूम जा रहा था, वो मुस्कुराकर मुझे देख रही थी। मैंने नजरें झुका लीं, समझ गया कि रात की घटना का असर है। मैं जल्दी फ्रेश हुआ और नाश्ता करने बैठ गया। मन में बार-बार यही ख्याल कि वो मां को बता न दे। लेकिन उसने कुछ नहीं कहा। कुछ दिन ऐसे ही बीत गए। फिर गांव से फोन आया कि नानी की तबीयत खराब है। पापा और मां शाम की ट्रेन से चले गए। घर में सिर्फ मैं और प्रिया रह गए। हमने रात का खाना खाया और सो गए। अगले दिन पापा का फोन आया कि उन्हें 15 से 20 दिन लगेंगे।
मैंने प्रिया को बताया। उसके बाद मैं सोफे पर टीवी देखने लगा, वो झाड़ू लगाने लगी। वो बैठकर झाड़ू लगा रही थी, उसके स्तन का कुछ हिस्सा दिख रहा था। मैं तिरछी नजर से देख रहा था, और उसे पता था। आज वो मुझे ज्यादा सेक्सी लग रही थी। दोपहर में हम साथ बैठे बातें करने लगे। मैंने पूछा, ‘प्रिया, तेरा कोई बॉयफ्रेंड है?’ उसने मना कर दिया और पूछा क्यों पूछ रहा है। मैंने कहा ऐसे ही। फिर उसने मुझसे पूछा, मैंने भी मना किया। वो बोली तू तो बाहर जाता है, फिर भी नहीं है। मैंने कहा अभी कोई पसंद नहीं आई।
रात हुई, हम खाना खाकर टीवी देखने लगे। मैंने एक इंग्लिश मूवी लगाई, जिसमें फाइट के बाद सेक्स सीन आ गया – हीरो हीरोइन को फ्रेंच किस करता, स्तन दबाता। प्रिया गर्म हो गई, मैं भी। सीन खत्म हुआ, वो शर्मा गई और बोली सोने जा रही हूं। मैं भी अपने कमरे में चला गया, लेकिन नींद नहीं आ रही थी। मैं प्रिया के कमरे में गया, वो भी जाग रही थी। मैंने पूछा नींद नहीं आ रही? उसने कहा नहीं। वो नाइट गाउन में बहुत सेक्सी लग रही थी, नाइट लैंप की रोशनी में। हम बातें करने लगे, फिर सो गए।
रात 1:30 बजे मेरी नींद खुली, प्रिया की एक टांग मेरी टांग पर थी, गाउन घुटनों से ऊपर। मैं उत्तेजित हो गया, उसके घुटनों पर हाथ फेरने लगा। उसका बदन मखमली था, सांवला रंग कातिलाना। मैंने हाथ उसके स्तनों पर रखा, वो इतने सॉफ्ट थे, लगा स्वर्ग में हूं। वो जाग गई, बोली ‘रोहन, ये क्या कर रहा है?’ मैं डर गया। वो बोली मां को बताऊंगी। मैंने मना किया, उसने कहा नहीं बताऊंगी। फिर समझाया कि ये गलत है, भाई-बहन में नहीं होता। लेकिन वो मेरे अंडरवियर की तरफ देख रही थी, जहां लंड खड़ा था।
मैं समझ गया उसका मन भी है। मैंने कहा हम भाई-बहन से पहले मर्द और औरत हैं, एक-दूसरे की जरूरत पूरी कर सकते हैं। उसने कहा समाज में बदनामी होगी। मैंने कहा किसी को बताएंगे नहीं। वो राजी हो गई। मैंने उसके हाथ पर हाथ रखा, लंबी फ्रेंच किस की, स्तनों को दबाया। लगा अप्सरा को चूम रहा हूं। उसने मुझे जकड़ लिया, मेरा लंड सहलाने लगी अंडरवियर के ऊपर से। मैंने कहा जन्नत दिखा, उसने कहा खुद देख। मैंने गाउन उतारा, अंदर पिंक ब्रा-पैंटी। वो सेक्स की देवी लग रही थी।
मैंने ब्रा की हुक खोली, स्तन उछलकर बाहर आए। मैंने पकड़े, एक मुंह में लिया, काटा। वो चिल्लाई ‘आह’, बोली जल्दबाजी मत कर, रात भर चोद। मैंने सॉरी कहा। फिर जी भरकर चूसा, उसके स्तन लाल हो गए, वो आहें भर रही थी। स्तन टाइट हो गए। फिर हाथ चुत पर, पैंटी में डाला, बाल ज्यादा थे। मैंने पैंटी उतारी, चुत बालों से ढकी थी। मैंने कहा बाल नहीं काटती? उसने कहा टाइम नहीं मिला। मैंने कहा चुदाई में परेशानी होगी, मैं साफ करता हूं। शेविंग किट लाया।
बाथरूम में स्टूल पर बैठाया, टांगें फैलाईं। क्रीम लगाई, चुत मसली, वो आहें भर रही थी। रेजर से बाल साफ किए, मुलायम घुंघराले बाल। सावधानी से शेव किया, चुत चिकनी हो गई। वो बोली अच्छा किया। मैंने चुत चाटी, जीभ अंदर डाली, वो सिसकारियां लेने लगी ‘आह रोहन, क्या कर रहा है’। उसका रस निकला, मैंने चाटा। वो कांप रही थी।
फिर मैंने लंड निकाला, वो देखकर बोली कितना मोटा है। उसने मुंह में लिया, चूसा। मैं स्वर्ग में था। फिर मैंने उसे बेड पर लिटाया, चुत पर लंड रगड़ा। वो कुंवारी थी, मैंने धीरे धक्का दिया, वो चिल्लाई ‘आह, दर्द हो रहा है’। खून निकला, लेकिन मैंने जारी रखा। धीरे-धीरे मजा आने लगा, वो बोली ‘और जोर से चोद’। मैंने स्पीड बढ़ाई, ठप ठप की आवाजें। वो झड़ गई, मैं भी झड़ा उसके अंदर।
हम हांफ रहे थे। फिर दूसरा राउंड, डॉगी स्टाइल में। उसकी गांड पकड़ी, पीछे से पेला। वो चिल्ला रही थी ‘फाड़ दे मेरी चुत’। हम रात भर चुदाई करते रहे, अलग-अलग पोज में। सुबह तक थक गए। उसके बाद जब भी मौका मिला, हमने किया। लेकिन सावधानी रखी कि किसी को पता न चले। ये हमारे बीच का राज रहा। मैंने कभी सोचा नहीं था कि बहन के साथ ऐसा होगा, लेकिन वो पल जिंदगी के सबसे यादगार हैं। अब भी याद आती है तो लंड खड़ा हो जाता है।
उस रात के बाद हमारी जिंदगी बदल गई। प्रिया अब ज्यादा खुश रहती, हम दोनों एक-दूसरे के करीब आ गए। लेकिन बाहर सब नॉर्मल। पापा-मां लौटे, हमने कुछ नहीं बताया। अब भी कभी-कभी रात में मिलते हैं, चुदाई का मजा लेते हैं। वो कहती है तू मेरा पहला और आखिरी है। मैं भी उसे प्यार करता हूं, लेकिन ये रिश्ता छुपा हुआ है। कभी-कभी डर लगता है, लेकिन मजा उससे ज्यादा है।
एक बार हम घर में अकेले थे, मैंने उसे किचन में पकड़ा। वो खाना बना रही थी, मैंने पीछे से抱 लिया, स्तन दबाए। वो बोली कोई आ जाएगा, लेकिन मैंने नहीं छोड़ा। पैंटी नीचे की, चुत में लंड डाला, खड़े-खड़े चोदा। वो दबी आवाज में आहें भर रही थी। रस निकला, फर्श पर गिरा। हमने साफ किया। ऐसे कई मौके आए, हर बार नया मजा।
प्रिया अब ज्यादा सेक्सी ड्रेस पहनती घर में, मुझे ललचाती। मैं उसकी चुत चाटता, वो मेरा लंड चूसती। हम ब्लू फिल्में साथ देखते, वैसे ही ट्राई करते। एक बार 69 पोजिशन में, दोनों एक-दूसरे को चाटते रहे, झड़ गए। उसकी चुत का स्वाद नमकीन, मीठा। मेरा लंड उसके मुंह में फिट। हमारी चुदाई की कहानी लंबी है, हर दिन नया अध्याय।
कभी हम बाथरूम में साथ नहाते, साबुन लगाते, फिसलते बदन पर। मैं उसकी गांड सहलाता, वो बोली गांड मत मार, डर लगता है। लेकिन चुत में उंगली डालकर मजा देता। वो मेरे लंड पर साबुन लगाती, मुठ मारती। पानी की फुहार में चुदाई, अलग मजा। हम थकते नहीं, बस मौके की तलाश।
एक दिन पापा-मां बाहर गए, हम पूरे दिन नंगे रहे। सुबह से शाम तक चुदाई। मिशनरी, काउगर्ल, स्पूनिंग – सब ट्राई। वो ऊपर बैठकर उछलती, स्तन हिलते। मैं नीचे से धक्के मारता। वो चिल्लाती ‘रोहन, फाड़ दे’। मैंने 5 बार झड़ा, वो 10 बार। थककर सो गए। ऐसी जिंदगी, लेकिन राज।
अब सोचता हूं, क्या गलत किया? लेकिन वो पल अनमोल। प्रिया खुश है, मैं भी। शादी के बाद क्या होगा, पता नहीं। लेकिन अभी तो मजा है। ये कहानी शेयर करके हल्का महसूस कर रहा हूं।
यह मेरी असली कहानी है। क्या आपको लगता है मैंने सही किया? कृपया अपनी राय कमेंट में जरूर बताएं। अगर आपकी भी ऐसी कोई अनोखी अनुभव है तो शेयर करें।”
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