यह मेरी वो सच्ची घटना है जिसे मैं हमेशा छुपाना चाहता था, लेकिन आज दिल कर रहा है सब कुछ बता दूं। दोस्तों, यह एक xxx mom सेक्स कहानी है जो मेरी जिंदगी का सबसे गर्म और पागलपन भरा हिस्सा है। मैं राहुल हूं, 22 साल का, दिल्ली में रहता हूं, और मेरी मम्मी रमा 42 साल की हैं, जबकि मौसी सपना 38 साल की हैं। मौसी सहारनपुर से हमारे घर आई थीं, उनके तीन बच्चे भी साथ थे, लेकिन उनके पति की जॉब की वजह से वो अक्सर अकेली महसूस करती थीं।
मौसी बहुत खूबसूरत थीं, गोरी चिट्ट, गाल गुलाबी, फिगर पर बहुत ध्यान रखती थीं। उनकी चूतियां ज्यादा बड़ी नहीं थीं लेकिन बहुत टाइट और आकर्षक, और गांड इतनी मस्त कि चलते वक्त मेरी आंखें वहीं अटक जातीं। वो हमेशा साड़ी पहनतीं, नाभि काफी नीचे बांधतीं, हाफ डीप ब्लाउज में झुकतीं तो बोब्स का नजारा मिल जाता। मैं पहले से ही चुदक्कड़ बन चुका था, क्योंकि मम्मी के साथ कई बार चुदाई कर चुका था, और कुछ अन्य रिश्तेदारों के साथ भी। एक रात मम्मी को चोदते हुए मैंने मौसी की तारीफ की तो मम्मी ने हंसकर कहा, राहुल मादरचोद, मुझे पहले से पता था तू अपनी मौसी को भी नहीं छोड़ेगा, क्योंकि तू उसके बोब्स में झांकता रहता है और गांड देखकर लार टपकाता है। वो छिनाल ब्लाउज ऐसे पहनती है कि चूतियां बाहर लटकती रहती हैं, ऊपर का हुक भी नहीं लगाती। तेरे पापा भी कहते थे समझा लो अपनी साली को, वरना चूची दबा दूंगा। अब तू भी हरामी हो गया है।
मैंने मम्मी की बड़ी-बड़ी चूतियों को दबाते हुए कहा, साली हर्ज क्या है, अगर बहन को मेरा लंड खिला दे तो मजा आ जाएगा। तुझे तो रोज मजा आता है, वो छोटी है, मौसा जी बाहर रहते हैं, उसकी चूत प्यासी होगी। कसम से मेरा 9 इंच का मोटा लंड उसकी टाइट चूत में जाएगा तो कमाल हो जाएगा। मम्मी एक बार चुदवा दो ना। मम्मी ने कहा, अच्छा, अभी मेरी चुदाई पूरी कर, बाद में बताती हूं। फिर मैंने मम्मी की चूत चाटी, पूरा लंड घुसाया, जोर-जोर से पेला। थोड़ी देर में मम्मी झड़ गईं, फिर मैंने उनकी गांड मारी, दोनों थककर सो गए।
अगले दिन नहाते वक्त मम्मी और मौसी की बात सुनाई दी। मम्मी ने पूछा, सपना उदास क्यों लग रही हो? मौसी ने कहा, कुछ नहीं दीदी, थक गई हूं। मम्मी ने जिद की तो मौसी ने कहा, दीदी, अब रिंकू के पापा मुझ पर ध्यान नहीं देते। पहले रोज सोते थे, अब हफ्तों बीत जाते हैं। मम्मी ने हंसकर कहा, अच्छा, खाली सोने से तीन बच्चे कैसे हो गए? मौसी हंस पड़ीं। मम्मी ने कहा, समझ गई, आनंद तेरी चुदाई ठीक से नहीं करते। लेकिन परेशान मत हो, वो कमाने जाते हैं। मौसी ने कहा, हफ्तों हो जाते हैं संभोग के। मम्मी ने कहा, संभोग? अरे इसे चुदाई कहते हैं। तीन बच्चे हो गए फिर भी शरमाती है जैसे कुंवारी हो। चल, आज तेरी प्यास बुझवा दूं।
मौसी ने कहा, क्या बताओगी, मोमबत्ती या बैंगन डालूं? मम्मी ने कहा, पहले जुबान सही कर। मैं तेरी चूत में मोमबत्ती नहीं, पूरा 9 इंच का मोटा ताजा लंड डलवाऊंगी। मैं खुश हो गया। मम्मी ने कहा, लेकिन शर्त है, चूत और लंड की बातें बाजारू रंडी की तरह खुलकर करनी होंगी। मौसी राजी हो गईं। रात को मम्मी मेरे कमरे में आईं, किस किया और बोलीं, चल चोदु राजा, आज मौसी की चूत का टेस्ट ले। ऐसी मां कभी नहीं देखी होगी जो खुद चुदवाए और बहन को भी चुदवाए। मैंने पूछा, मौसी को बताया किससे? मम्मी ने कहा, अभी नहीं, खुद देख लेगी।
मैंने कहा, बुरा नहीं मानेगी? मम्मी ने कहा, अरे साली की चूत में चुदाई के कीड़े काट रहे हैं। एक बार सोच लेती है तो किसी से भी चुदवा लेती है। हम मौसी के कमरे में गए। मौसी बेड पर बैठी थीं। मम्मी ने कहा, सपना देख, यही तुझे चोदेगा। मौसी का चेहरा लाल हो गया, बोलीं, हाय दीदी, भांजे से कैसे? मम्मी ने कहा, जब मैं अपने बेटे से चुदवाती हूं, बेटी की चूत भी मरवाती हूं, तो तुझे क्या मुश्किल? मौसी बोलीं, कितनी निर्लज्ज हो। मम्मी ने कहा, बोल चुदवाना है या मैं तेरे सामने चुदवा लूं। घर की बात घर में रहेगी। मौसी ने शरमाते हुए हामी भरी।
मौसी ने कहा, शर्म आती है। मम्मी ने उनकी चूत पर चिकोटी काटी और साड़ी खींची। मौसी ब्लाउज और पेटीकोट में रह गईं। मैंने मम्मी की चूतियां दबाईं और कहा, पहले तुम चुदवा लो। मम्मी ने कहा, पहले मौसी को चोद। लुंगी खोल दी, मेरा लंड बाहर आया। मौसी ने हाथ लगाया तो झटका लगा, हाथ हटा लिया। मम्मी ने कहा, पकड़ और चूस। मम्मी नंगी हो गईं। मैंने मौसी का ब्लाउज खोला, वो चूतियां छुपाने लगीं। मम्मी ने हाथ हटाए। मैंने मौसी की चूतियां दबाईं, निप्पल रगड़े। मौसी की चूतियां टाइट थीं, मजा आ रहा था। मम्मी पीछे से मौसी को सहला रही थीं।
मौसी अब सहम रही थीं लेकिन गर्म हो चुकी थीं। मैंने मौसी की पेटीकोट उतारी, पैंटी गीली थी। मैंने पैंटी उतारी, मौसी की चूत पर हल्के बाल, गुलाबी और गीली। मैंने उंगली डाली, मौसी सिहर उठीं, आह्ह्ह… मम्मी ने कहा, अब चाट इसे। मैं घुटनों पर बैठा, जीभ से चूत चाटी। मौसी की कमर उठी, आह्ह्ह राहुल… मम्मी ने मौसी के निप्पल चूसे। मौसी पागल हो रही थीं। मैंने लंड मौसी की चूत पर रगड़ा। मौसी बोलीं, धीरे… मैंने धक्का मारा, टोपा अंदर गया। मौसी चीखीं, आह्ह्ह… दर्द… मैंने धीरे-धीरे पूरा घुसाया। मौसी की आंखों में आंसू, लेकिन मजा भी।
मैंने धीरे स्पीड बढ़ाई। ठपठप… चपचप… मौसी की चूत टाइट थी, मजा आ रहा था। मौसी बोलीं, हां राहुल… और जोर से… चोद मुझे… मैं तेरी रंडी हूं… मैंने टांगें कंधे पर रखीं, जोर-जोर से पेला। मौसी झड़ गईं, चूत ने लंड कसा। मैं रुका नहीं, लगातार पेलता रहा। मौसी कई बार झड़ीं। मम्मी पास बैठी देख रही थीं, खुद की चूत सहला रही थीं। फिर मैंने मौसी को पलटा, डॉगी स्टाइल में पेला। मौसी की गांड मस्त थी, मैंने गांड पर थप्पड़ मारे। मौसी चिल्लाईं, हां… गांड मार… मैंने लंड गांड में घुसाने की कोशिश की, लेकिन टाइट थी। पहले चूत में और पेला।
लंबी चुदाई के बाद मैंने मौसी की चूत में झड़ दिया। गर्म वीर्य भर गया। मौसी हांफ रही थीं। मम्मी ने कहा, अब मेरी बारी। मैंने मम्मी को चोदा, मौसी देखती रहीं। फिर तीनों थककर लेट गए। मौसी बोलीं, दीदी शुक्रिया, आज बहुत मजा आया। मम्मी ने कहा, अब हर बार जब आएंगी, राहुल तेरी चुदाई करेगा। मौसी हंसकर बोलीं, हां, अब मैं रंडी बन गई हूं। उसके बाद कई बार मौसी आईं, और हम तीनों ने खूब चुदाई की। कभी मम्मी और मौसी साथ में, कभी अलग-अलग। मौसी की चूत अब मेरे लंड की आदी हो गई थी।
यह मेरी असली कहानी है। क्या आपको लगता है मैंने सही किया? कृपया अपनी राय कमेंट में जरूर बताएं। अगर आपकी भी ऐसी कोई अनोखी अनुभव है तो शेयर करें।”
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