नमस्ते दोस्तों, मेरा नाम राहुल है। मैं लखनऊ से हूं, उम्र 22 साल। मैं आपको अपनी एक देसी xxx कहानी सुना रहा हूं, जो xxx Girlfriend चुदाई कहानी की तरह है, जिसमें मैंने अपनी एक करीबी दोस्त को चोद कर मजा लिया। उसका फिगर 38-30-36 था, रंग सांवला, लेकिन वो मुझे बहुत पसंद करती थी। मेरा लंड 8 इंच का है, मोटा और मजबूत। दोस्तों, यह मेरी वह सच्ची घटना है जिसे मैंने लंबे समय तक अपने दिल में दबाकर रखा था, कभी किसी से शेयर नहीं करना चाहता था।
मैं अपनी कहानी की शुरुआत करता हूं। बात करीब 2 महीने पुरानी है। उस समय मैं उसके साथ यूनिवर्सिटी में पढ़ता था। एक दिन वो क्लास में नहीं आई। मैंने उसे फोन किया तो उसने बताया कि घर पर कोई नहीं है, इसलिए नहीं आई। मैंने कहा कि मेरा मन नहीं लग रहा, मैं तेरे घर आ रहा हूं। पहले तो उसने बहुत मना किया, कहने लगी कि मत आओ, कोई देख लेगा, लेकिन मैंने जिद की तो आखिरकार मान गई। मैंने सोचा कि आज मौका अच्छा है, शायद कुछ बात आगे बढ़ जाए। मैं घर से निकला, रास्ते में दिल धड़क रहा था, क्योंकि मैं जानता था कि वो अकेली है और हमारी दोस्ती में पहले से ही कुछ स्पार्क था।
जब मैं उसके घर पहुंचा तो उसने दरवाजा खोला। वो ब्लू जींस और सफेद टॉप में थी, बिल्कुल हॉट लग रही थी। उसके बाल खुले हुए, चेहरे पर हल्की मुस्कान, आंखों में शरारत। उसने मुझे अपने बेडरूम में बिठाया और चाय बनाने चली गई। मैं सोफे पर बैठा, लेकिन मेरा ध्यान उसके फिगर पर था। उसके बूब्स टॉप से बाहर झांक रहे थे, कमर पतली, हिप्स गोल-मटोल। चाय लेकर आई तो मैंने उसे देखकर स्माइल दी। वो भी सेक्सी तरीके से मुस्कुराई और रसोई में वापस चली गई। मैं उसके पीछे गया, दिल में उथल-पुथल मची हुई थी। मैंने पीछे से उसे抱 लिया, उसकी कमर पर हाथ रखे। उसने कुछ नहीं कहा, बस काम करती रही। फिर मैंने धीरे से उसके बूब्स दबाए। वो चौंक गई, मुझे धक्का दिया और हंसते हुए बेडरूम में भाग गई। मैं भी पीछे-पीछे गया, दरवाजा बंद किया और हम दोनों ने एक-दूसरे को गले लगा लिया। वो मेरे सीने से चिपक गई, उसकी सांसें तेज थीं। मैंने उसके होंठों पर अपने होंठ रखे, और वो भी जोरदार किस करने लगी, जैसे लंबे समय से इंतजार कर रही हो।
किस करते-करते मैंने उसके बूब्स हाथ से दबाने शुरू किए। वो और जोर से मुझसे लिपट गई, उसकी सांसें गर्म हो रही थीं। मैंने उसका टॉप ऊपर किया और उतार दिया। अब वो ब्रा में थी, उसके बूब्स बड़े-बड़े, गोरे। मैंने ब्रा के ऊपर से ही उन्हें चूसना शुरू किया। वो सिसकारियां लेने लगी, आह्ह्ह… ओह्ह्ह… और जोर से चूसो राहुल, मजा आ रहा है। उसके निप्पल कड़े हो गए थे, मैं उन्हें दांतों से काट रहा था। वो मेरे बाल खींच रही थी, बदन में आग लगी हुई थी। फिर मैंने उसकी जींस की बटन खोली, जिप नीचे की और उतार दी। अब वो सिर्फ ब्रा और पैंटी में थी। वो मेरे ऊपर चढ़ गई, मुझे किस करने लगी। उसका हाथ मेरे लंड पर पहुंच गया, वो उसे सहला रही थी। पैंट के ऊपर से ही मेरा लंड खड़ा हो चुका था, वो उसे दबा रही थी। फिर उसने मेरे कपड़े उतारे, अब मैं अंडरवियर में था। मैं उसके ऊपर आ गया, हम दोनों के बदन एक-दूसरे से रगड़ रहे थे।
मैंने उसकी ब्रा के हुक खोले और उतार दी। उसके बूब्स आजाद हो गए, मैं उन्हें जोर-जोर से चूसने लगा। वो मेरा सिर दबा रही थी, बाल सहला रही थी। उसकी सिसकारियां कमरे में गूंज रही थीं। फिर मैं धीरे-धीरे नीचे सरका, उसकी नाभि चाटी, फिर टांगें खोलीं। उसकी पैंटी गीली हो चुकी थी। मैंने पैंटी उतारी, अब वो पूरी नंगी थी। उसकी चुत गुलाबी, साफ-सुथरी। मैंने उसे चाटना शुरू किया, जीभ अंदर डाली। वो पागल हो गई, आह्ह्ह… राहुल, मत करो, मैं मर जाऊंगी। लेकिन मजा आ रहा था। मैं जीभ से चोद रहा था, क्लिट को चूस रहा था। वो कमर ऊपर उठा रही थी, सिर हिला रही थी। अचानक उसका पानी निकल गया, मैंने सारा पी लिया। वो हांफ रही थी, मुझे किस करने लगी।
फिर मैंने उसे अपना लंड चूसने को कहा। पहले तो वो शर्मा गई, लेकिन मान गई। जब मैंने लंड बाहर निकाला तो वो देखकर चौंक गई, हाय राम, इतना बड़ा! मेरी चुत फट जाएगी। लेकिन मैंने उसके मुंह में डाल दिया। वो धीरे-धीरे चूसने लगी, जीभ से टोपा चाटा। मजा आने लगा, वो जोर-जोर से चूस रही थी, जैसे प्रो हो। उसका मुंह गर्म था, लार बह रही थी। मैं उसके सिर को पकड़कर अंदर-बाहर कर रहा था। मेरा पानी निकलने वाला था, मैंने लंड निकाला।
अब मैं उसकी टांगों के बीच आ गया। वो घबरा गई, बोली राहुल, धीरे से, पहली बार है। मैंने थूक लगाया, लंड चुत पर रगड़ा। वो पागल हो रही थी, जल्दी डालो ना। मैंने सुपारा अंदर डाला, वो चीख पड़ी, आआआआ… निकालो, दर्द हो रहा है। मैं रुका नहीं, किस करता रहा।
फिर एक और धक्का मारा, चुत से खून निकला। वो रोने लगी, मैंने 2 मिनट रुककर बूब्स चूसे। वो शांत हुई, फिर जोरदार धक्का मारा, पूरा लंड अंदर। वो फिर चीखी, लेकिन अब दर्द कम था। मैं धीरे-धीरे चोदने लगा, स्पीड बढ़ाई।
वो भी साथ दे रही थी, आह्ह्ह… जोर से राहुल। मैं 15 मिनट से चोद रहा था, वो झड़ने वाली थी। मैंने स्पीड तेज की, वो झड़ गई।
मैं भी झड़ने वाला था, स्पीड और तेज। कमरा ठप-ठप की आवाजों से गूंज रहा था। मैंने चुत में पानी छोड़ दिया। हम चिपके रहे, किस किए।
वो खुश थी, लंड को प्यार से देख रही थी। हमने बॉडी साफ की, वो खून देखकर डरी, लेकिन पैंटी से साफ किया।
फिर लंड को किस किया, कपड़े पहने। मैंने किस किया और घर चला गया।
दोस्तों, अगर कहानी अच्छी लगी तो बताना।
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धन्यवाद …
यह मेरी असली कहानी है। क्या आपको लगता है मैंने सही किया? कृपया अपनी राय कमेंट में जरूर बताएं। अगर आपकी भी ऐसी कोई अनोखी अनुभव है तो शेयर करें।”
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