हाय दोस्तों, मेरा नाम राहुल है। मैं राजस्थान से हूं और यह xxx mom सेक्स कहानी मेरी जिंदगी की एक ऐसी सच्ची घटना है जिसे मैंने सालों तक अपने दिल में दबाकर रखा था, कभी किसी से शेयर नहीं किया। मैं उम्मीद करता हूं कि आपको यह पसंद आएगी, और अगर कोई गलती हो तो मुझे माफ करना और बताना जरूर।
मेरी असली मां का देहांत हो जाने के बाद, पापा ने दो साल बाद दूसरी शादी कर ली थी। इस तरह हमारा परिवार फिर से तीन लोगों का हो गया। अब मैं सीधे कहानी पर आता हूं। मेरी सौतेली मां, जिन्हें मैं मां ही कहता हूं, वो बेहद सेक्सी और आकर्षक हैं। मैं उन्हें देखकर रोजाना मुठ मारता था। वो दिन थे जब हम तीनों अपने गांव आए हुए थे, एक शादी में शामिल होने के लिए। हमारे गांव में एक शादी थी और दूसरी मेरी फुआ के यहां। पापा दूसरी शादी में चले गए, तो गांव में सिर्फ मैं और मां रह गए। मैंने सोचा कि यह मौका है मां के साथ करीब आने का, उनकी खूबसूरती को महसूस करने का। मां की उम्र करीब 35 साल होगी, लेकिन वो दिखतीं 28 की तरह थीं। उनका बदन इतना सुडौल कि कोई भी देखकर पागल हो जाए। मैं रात-दिन उनके बारे में सोचता, उनकी हंसी, उनकी चाल, सब कुछ मुझे उत्तेजित करता।
जैसा कि मैंने बताया, मां बेहद हॉट हैं। उनका फिगर लगभग 38-27-37 होगा, बड़े-बड़े स्तन जो हमेशा ब्लाउज में कैद रहते, लेकिन उनकी झलक पाने के लिए मैं तरसता। मैं उन्हें चोदना चाहता था, अपना लंड उनका मुंह में डालकर टेस्ट करवाना चाहता था। अब कहानी पर आते हैं। पापा के जाने के बाद शादी में अभी 3 दिन बाकी थे। मैं यह समय बर्बाद नहीं करना चाहता था। मेरे दिमाग में तरह-तरह के प्लान चल रहे थे कि कैसे मां को पटाऊं, कैसे उनके साथ सोऊं। मैं दिनभर उनके आसपास घूमता, उनकी मदद करता, ताकि वो मुझे नोटिस करें। एक दिन ऐसे ही सोचते-सोचते निकल गया। शाम को डिनर से पहले हम बातें कर रहे थे, मां किचन में खाना बना रही थीं, उनकी साड़ी का पल्लू सरक रहा था, और मैं उनकी कमर की झलक देखकर पागल हो रहा था।
मां बोलीं: \”मैं शादी वाले घर जा रही हूं, रात 10 बजे तक आऊंगी। तू अकेला क्या करेगा?\” मैंने कहा कि मैं ठीक हूं, लेकिन अंदर से उत्साहित था।
मैंने पूछा: \”मां, मैं कहां सोऊंगा?\” उन्होंने कहा: \”कहीं भी सो जा, बेडरूम में सो जाना। मैं गेस्ट रूम में सो जाऊंगी।\” फिर थोड़ी देर बाद बोलीं: \”ठीक है, जब मैं आ जाऊं तो हम साथ सो जाएंगे, ओके?\” यह सुनकर मेरे दिल की धड़कन तेज हो गई। मैंने ओके कहा और अपने दोस्त के घर चला गया। वहां मैं प्लान बनाने लगा कि आज रात किसी भी तरह मां को चोदना है। मैंने दोस्त से बात की, लेकिन अंदर से घबराहट थी। रात को जब मां घर आईं, मैं सोया नहीं था, बस इंतजार कर रहा था। उन्होंने मुझे देखा और मुस्कुराईं।
मां ने कहा: \”मैं बिस्तर लगा देती हूं।\” मैंने सुझाव दिया: \”मां, आज हवा बहुत अच्छी चल रही है, क्यों न हम बाहर सो जाएं?\” उन्होंने सहमति दी। मां ने बाहर एक चारपाई पर बिस्तर बिछाया, एक रजाई ली और हम सोने लगे। मैं उत्साहित था, लेकिन डर भी लग रहा था। हम लेट गए, मां ने मेरी तरफ पीठ कर ली। पहले तो मुझे गुस्सा आया, लेकिन मैं इंतजार करता रहा। रात गहराती गई, हवा ठंडी हो रही थी। थोड़ी देर बाद मां ने सीधी करवट ली, वो गहरी नींद में लग रही थीं। मैंने हिम्मत जुटाई और अपना एक हाथ उनके स्तनों पर रख दिया। कोई हलचल नहीं हुई। मैंने धीरे से छुआ, फिर अपना एक पैर उनकी जांघ पर रख दिया। धीरे-धीरे हिलाने लगा, मेरा पैर उनकी जांघ को रगड़ रहा था। फिर मैंने अपना हाथ उनके पेट पर घुमाना शुरू किया, दूसरा हाथ स्तनों पर था। मैं महसूस कर रहा था उनकी गर्माहट, उनकी सांसों की रफ्तार।
अचानक मां ने मेरी तरफ करवट ली, अपना एक हाथ मेरे ऊपर रख दिया और अपना पैर मेरे पैर पर। इससे मेरा पैर उनकी चुत को छू रहा था। मुझे लगा वो जाग गई हैं, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं। मैंने अपना हाथ उनके पैर पर रखा, जो चुत को छू रहा था। अब मेरा हाथ सीधे उनकी चुत पर था। उन्होंने पैर हिलाए, जिससे हाथ और दब गया। मैं डर गया, हाथ पीछे खींच लिया। मां जाग गईं और दूसरी तरफ मुंह कर लिया। मैंने फिर हिम्मत की, उनसे चिपक गया। मेरा लंड उनकी गांड को छू रहा था। धीरे-धीरे मुझे लगा मां को भी मजा आ रहा है। अचानक मां उठीं और बोलीं: \”बेटा, अंदर चलते हैं, यहां मच्छर ज्यादा हैं।\” मैंने ओके कहा, लेकिन अंदर से खुश था। हम अंदर गए, रजाई में लेट गए। मैंने फिर से उनके स्तनों को मसलना शुरू किया। मां ने अपना चेहरा मेरे मुंह की तरफ किया। मैं उत्तेजित होकर उनके होंठों पर吻 करने लगा। अचानक मां ने भी मेरा चेहरा पकड़कर किस करना शुरू कर दिया। मैं उनके ऊपर चढ़ गया, हम पागलों की तरह吻 कर रहे थे।
मैंने उनकी साड़ी उतार दी, लेकिन ब्लाउज और पेटीकोट अभी बाकी थे। मां ने मेरी शर्ट खोली, पैंट की चेन खोली और मेरा लंड निकालकर देखने लगीं।
मां बोलीं: \”वाह, यह इतना बड़ा हो गया है।\” मैंने कहा: \”मां, प्लीज टेस्ट करो, यह बहुत टेस्टी है।\” (जैसा कि मैंने पहले कहा, मैं मां को अपना लंड टेस्ट करवाना चाहता था।) मां ने लंड को ऊपर-नीचे किया और मुंह में ले लिया। 7-8 मिनट चूसती रहीं। उसके बाद मैंने अपना वीर्य उनकी चुत पर गिराया, लेकिन मां ने लंड चाटकर साफ कर दिया। मैंने मां को लिटाया, उनके ब्लाउज के ऊपर से दबाया। मां बोलीं: \”उतार दो इसे।\” मैंने कहा: \”जान, क्या जल्दी है?\” फिर ब्लाउज उतारा, ब्रा धीरे-धीरे उतारी। मां बोलीं: \”जल्दी उतार दे।\” फिर पेटीकोट उतारा, पैंटी दांतों से उतारी। उनकी शेव्ड चुत पर जीभ रखकर चूसने लगा। मां 10 मिनट बाद बोलीं: \”प्लीज अब बहुत हो गया, जल्दी चोद मुझे।\” लेकिन मैंने धीरे-धीरे किया, उन्हें तड़पाया। उंगली से चुत में खेल रहा था। मां गुस्से में चिल्लाईं: \”जल्दी चोद दे, वरना मुझे किसी सब्जी से शांत करना पड़ेगा और तू हिलता रह जाएगा।\” यह सुनकर मैं हैरान था।
मैंने देर न करते हुए लंड उनकी चुत पर रखा और धक्का मारा। मां की आवाज आई: \”राहुल… जोर से… आज मौका है, कर ले जो जी चाहे…\” और फिर यह सिलसिला चलता रहा। जब भी मौका मिलता, हम चुदाई करते। मैंने मां की चुत को कई बार चोदा, उनके स्तनों को चूसा, हर बार नया मजा आता। हमने गांव में कई रातें साथ बिताईं, कभी छत पर, कभी खेत में। मां अब मेरी रंडी जैसी हो गई थीं, लेकिन हमारा रिश्ता और गहरा हो गया। धन्यवाद।
यह मेरी असली कहानी है। क्या आपको लगता है मैंने सही किया? कृपया अपनी राय कमेंट में जरूर बताएं। अगर आपकी भी ऐसी कोई अनोखी अनुभव है तो शेयर करें।”
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