हाय दोस्तों, मेरा नाम रोहन है। फिलहाल मैं मुंबई में रहता हूं। यह मेरी पहली xxx बहन की चुदाई कहानी है, जो देसी हिंदी सेक्स कहानी की तरह है, और यह मेरी वो सच्ची घटना है जिसे मैं हमेशा छिपाकर रखना चाहता था, लेकिन अब शेयर कर रहा हूं। अभी तक मैंने कई कॉलेज की लड़कियों के साथ चुदाई की है और 6 लड़कियों की सील भी तोड़ी है। बात उस समय की है जब मैं 11वीं और 12वीं की पढ़ाई के लिए अपने मामा के घर कोलकाता गया था। वहां मैं 2 साल तक रहा। तब मैंने पहली बार वहां जाकर मुठ मारना सीखा था और मैं अपने मामा के दोनों लड़कों के साथ ब्लू फिल्म भी वहीं पर पहली बार देखी थी। मेरे मामा की एक बड़ी बेटी भी है जिसका नाम प्रिया है। वो उस समय कोलकाता यूनिवर्सिटी से बीए कर रही थी। उसकी लंबाई 5 फुट 5 इंच होगी, दूध की तरह एकदम गोरा रंग और फिगर ऐसा कि लंड खड़ा हो जाए, 38-28-38। यारों, अब आप ही सोच लो जब वो टॉप और मिनी स्कर्ट पहनती होगी तो क्या जलवे बिखेरती होगी साली। मैं उसके बारे में सोचकर ही पागल हो जाता था, उसके शरीर की हर हरकत मुझे उत्तेजित कर देती थी। घर में रहते हुए मैं हमेशा उसके करीब रहने की कोशिश करता, और कभी-कभी उसके साथ हंसी-मजाक में छूने का मौका मिल जाता। वो इतनी हॉट थी कि मैं रातों को उसके सपने देखता, और सुबह उठकर खुद को शांत करने की कोशिश करता।
कई बार मैं उसे घर के काम करते हुए अपना हाथ उसकी गांड पर रगड़ देता था तो वो थोड़ा सा हिल जाती थी। मेरा कॉलेज 12 बजे से 4 बजे तक होता था और प्रिया का भी कॉलेज 12:30 से होता था। मेरे मामा के लड़कों का सुबह 7 बजे से 2 बजे तक था और मामा भी 8:30 को ऑफिस के लिए रोज निकल जाते थे। घर में सिर्फ मैं, मेरी मामी, और प्रिया ही रहते थे। मैं अपने ऊपर वाले कमरे में 11:30 तक पढ़ता था और मामी और प्रिया घर की सफाई करती थीं। मेरी मामी कपड़े धोने के लिए नीचे आंगन में आकर कपड़े धोती थीं जो कि मेरे ऊपर वाले रूम के पीछे वाले दरवाजे से नीचे की ओर एकदम साफ-साफ दिखाई देता था। और मामी रोज कपड़े धोने के बाद वहीं पर अपनी नाइट गाउन निकालकर नहाने लगती थीं। मैं इस दृश्य को देखकर हमेशा उत्तेजित हो जाता, उनके शरीर की हर लहर मुझे और ज्यादा पागल बना देती। कभी-कभी मैं सोचता कि काश मैं उनके करीब जा पाता, लेकिन डर भी लगता था।
मैं ये नजारा रोज देखा करता था और रोज-रोज मामी के बड़े-बड़े बॉल और उनकी सेक्सी सी चुत को देख के अपने 7 इंच के लंबे लंड को पकड़ के हिलाता था और सारा स्पर्म किसी न्यूज पेपर में गिरा के फेंक देता था। और जब कभी मामी सुबह-सुबह किसी आंटी के घर चली जाती थीं तब मुझे असली मौका मिलता था अपनी भूख को शांत करने का। जब मामी चली जाती थीं तो घर में मैं और सिर्फ प्रिया ही बचते थे। और प्रिया रोज 11 बजे नहाने जाती थी। हमारे बाथरूम में एक दीवार के कोने में छोटा सा रोशनदान बना हुआ है। जैसे ही प्रिया नहाने के लिए बाथरूम जाती थी मैं जल्दी से एक कुर्सी लगा के उसे विंडो से देखा करता था। ओह वो गोरा बदन और उसके बड़े-बड़े दोनों बॉल और उस पर पिंक कलर का निप्पल, यार मैं तो देख के पागल हो जाता था। और जब नीचे देखता था तब तो यार वो उसकी चुत की लिप्स दोनों एकदम टाइट-टाइट थीं और दोनों चिपक के एकदम फूले हुए थे। मैं उसके शरीर को देखकर इतना उत्तेजित होता कि मेरा लंड तुरंत खड़ा हो जाता, और मैं घंटों उसकी कल्पना करता रहता।
मैं हमेशा उसके गोरे सेक्सी बदन को देख कर अपने मोटे और 7 इंच के लंड को हाथों में पकड़ के जोर-जोर से हिलाता था और करीब 15-20 मिनट तक हिलाने के बाद मेरा सारा रस निकल जाता था और एकदम रिलैक्स फील होता था। और मैं उस स्पर्म को एक पेपर में लपेट के कहीं भी फेंक देता था। और ऐसे ही 2-3 महीनों तक चलता रहा। मैं अपनी मामी और अपनी प्रिया को नंगा देख-देख कर अपने आप को कंट्रोल में रखता था। और मैं किसी ना किसी बहाने से प्रिया की गांड पर अपने हाथ को भी रगड़ देता था लेकिन वो कभी कुछ भी नहीं बोलती थी। और मैं हमेशा उसके दोनों बॉल को भी घूरता रहता था। और जब वो कॉलेज के लिए तैयार होती तो मेरा भी वही टाइम था कॉलेज जाने का तो वो मुझसे हमेशा पूछा करती थी कि आज मैं कैसी लग रही हूं। मैं उसके इस सवाल पर हमेशा मुस्कुराता और सोचता कि काश मैं उसे बता पाता कि वो कितनी सेक्सी लगती है।
मैं हमेशा उसे अच्छे-अच्छे कंप्लीमेंट दे कर खुश कर देता था। कभी कहता कि आप आज हॉट लग रही हो तो कभी कहता कि आप बहुत ज्यादा सेक्सी लग रही हो। और वो बहुत खुश हो जाया करती थी। और हम दोनों साथ में ही निकलते थे, वो अपनी स्कूटी पर और मैं अपनी बाइक पर। कुछ दिन ऐसे ही चलता रहा। एक दिन उसने मुझसे बोला कि चलो आज कॉलेज की छुट्टी करके कोई मूवी देखने चलते हैं। उस समय एक हॉट मूवी लगी हुई थी। मैं तुरंत तैयार हो गया क्योंकि मुझे उसके साथ समय बिताने का मौका मिल रहा था। हम दोनों ने प्लान बनाया और उत्साहित थे।
हम दोनों कॉलेज की छुट्टी करके 12 से 3 का शो देखने चले गए। वहां पर जैसे ही हमने मूवी हॉल में एंटर किया एकदम अंधेरा था। हम दोनों अपनी-अपनी सीट पर बैठ गए। हमारे जस्ट आगे वाली सीट पर एक कपल बैठा हुआ था। मूवी स्टार्ट हो गई। करीब 15-20 मिनट के बाद वो दोनों कपल किसिंग करने लगे। और उसी समय मूवी में भी सेक्सी सीन चल रहा था। मैं और प्रिया उन दोनों को देख रहे थे और फिर कभी एक दूसरे को। और वो दोनों कपल एक दूसरे को पागलों की तरह किस किए जा रहे थे। ये सब देख के मेरा लंड एकदम कड़क हो कर खड़ा हो गया था। ये सब देखते-देखते 3 घंटे खत्म हो गए और हम मूवी हॉल से बाहर आ गए। लेकिन मूवी हॉल से बाहर आने के बाद हम दोनों में कुछ-कुछ चेंज आ गया था। प्रिया मुझसे थोड़ा बोल्ड हो कर बातें करने लगी थी। मैं भी उसके इस बदलाव से खुश था और सोच रहा था कि अब शायद कुछ हो सकता है।
प्रिया: वो लड़का लड़की तो एकदम पागल हो गए थे।
मैं: (ये सुन कर मैं थोड़ा हैरान तो था लेकिन काफी खुश भी था) हां सच में पूरे 3 घंटे वो सिर्फ किसिंग ही करते रहे।
प्रिया: तो क्या और भी कुछ करना चाहिए था क्या?
मैं: नहीं मैं तो बस ऐसे ही बोल रहा हूं।
उसके बाद हम अपनी-अपनी बाइक पर बैठे और घर आ गए। घर आने के बाद हमारे दिमाग में वही सब सीन चल रहा था। मैं अब और पागल होता जा रहा था। मुझे अब किसी भी कीमत पर प्रिया को चोदना ही था चाहे जो हो जाए। लेकिन कैसे पहला स्टेप लूं मुझे कुछ समझ में नहीं आ रहा था। फिर एक दिन गलती से मैंने जो स्पर्म से लिपटा हुआ पेपर मेरी एक पैंट की पॉकेट में ही रह गया था। और जब प्रिया ने कपड़े धोने के लिए पैंट चेक किया तो उसे वो पेपर मिल गया। वो उस पेपर को लेकर सीधे मेरे पास मेरे ऊपर वाले रूम में अचानक से आ गई। और मैं मामी को नहाते हुए देख कर अपना लंड जोर-जोर से हिला रहा था। और प्रिया मेरे कमरे में कब आई मुझे पता भी नहीं चला। और वो दरवाजे के पास खड़े हो कर मुझे और मेरे लंड को देख रही थी। लेकिन उसने कुछ नहीं बोला और जब तक मेरा पानी निकल नहीं गया तब तक वो वहीं पर खड़ी हो कर देख रही थी। और स्पर्म निकालने के बाद जैसे ही मैं रिलैक्स हो कर घुमा तो प्रिया को देख कर डर सा गया और जल्दी से अपना पैंट पहन लिया। और फिर प्रिया ने पूछा। मैं इतना शर्मिंदा था कि क्या कहूं, लेकिन कहीं न कहीं उत्साहित भी क्योंकि वो देख रही थी।
प्रिया: रोहन ये तुम क्या कर रहे थे।
मैं: सॉरी प्रिया दीदी मैं अब दुबारा ऐसा कभी नहीं करूंगा प्लीज आप किसी को इसके बारे में मत बोलना प्लीज………।
प्रिया: (प्रिया ने अपने हाथ से वो पेपर दिखाते हुए बोला) और ये पेपर किसका है।
मैं: ये भी मेरा है और इस पर जो स्पर्म लगा हुआ है वो भी मेरा ही है।
प्रिया: तुम्हें शर्म नहीं आती कि तुम अपनी मामी को देख कर ऐसा गंदा काम करते हो।
मैं: सॉरी प्रिया दीदी…….मैं अब नहीं करूंगा।
प्रिया: तुम्हारी कोई गर्लफ्रेंड नहीं है क्या?
मैं: नहीं है तभी तो ऐसा कर रहा था।
प्रिया: ठीक है पहली बार तुम्हें मैं छोड़ रही हूं लेकिन अगर दुबारा तुमने ऐसा काम किया तो मैं सब को बता दूंगी।
उसके बाद हम दोनों तैयार हो कर कॉलेज चले गए लेकिन पूरा दिन मेरे दिमाग में प्रिया और मेरी मामी ही आ रही थीं। मुझे कुछ समझ में नहीं आ रहा था कि मैं क्या करूं। फिर शाम को हम दोनों घर आ गए लेकिन किसी की हिम्मत नहीं हो रही थी कि एक दूसरे से बात करें। फिर कुछ देर बाद प्रिया मुझसे नॉर्मल बात करने लगी मुझे भी थोड़ा अच्छा लगा और मैं भी उससे नॉर्मल हो कर बात करने लगा। अगले दिन सुबह जब मैं ऊपर के रूम में पढ़ रहा था तो प्रिया आ गई और बोलने लगी कि मैं बस ऊपर देखने आई हूं कि तुम फिर से तो नहीं अपना मोटा सा लंड लेकर हिला रहे हो ना। मैं इतना सुनते ही हैरान हो गया और अब मुझमें भी हिम्मत आ गई। मैंने बोला “नहीं प्रिया दीदी मैं तो पढ़ रहा हूं”। मैं सोच रहा था कि अब खेल शुरू हो गया है।
प्रिया: अगर मैं कहूं कि मैं तुम्हारे राज को छुपाने के बदले मुझे कुछ चाहिए तो क्या तुम मुझे दोगे।
मैं: हां प्रिया दीदी आप जो बोलो मैं करने को तैयार हूं।
प्रिया: तो ठीक है मुझे आज फिर से देखना है तुम्हारा लंड।
मैं: क्यों?
प्रिया: ठीक है नहीं दिखाना है तो मत दिखाओ मैं तो मम्मी को सब कुछ बता दूंगी।
मैं: ओके… ओके…. मैं दिखाता हूं इतना बोलते ही प्रिया खुश हो गई और उसने जल्दी से मेरे रूम का दरवाजा अंदर से बंद कर दिया।
अब वो मेरे पास आ कर बैठ गई थी और मैंने अपना लंड बाहर निकाला। लंड के निकलते ही प्रिया ने उसे अपने हाथ में ले लिया और प्रिया अब मेरे लंड को धीरे-धीरे दबा भी रही थी और हिला भी रही थी। और कुछ ही सेकंड में मेरा लंड एकदम कड़क हो गया। और मैंने उसे बोला थोड़ा जोर-जोर से हिलाने के लिए तो वो जोर-जोर से हिलाने लगी। मुझे अब और मजा आ रहा था। प्रिया और जोर-जोर से हिलाने लगी। मैं एकदम पागल हो गया था और उसी समय मैं प्रिया के बॉल को दबा रहा था। उसे भी मजा आ रहा था। तभी मेरा सारा स्पर्म निकल गया और प्रिया के कपड़े और हाथ पर लग गया। मैं 2 मिनट के लिए शांत हो गया और अब मैंने बोला प्रिया तुमने तो मेरा लंड देख भी लिया है अब तुम भी मुझे अपना बॉल और चुत दिखाओ ना तो उसने बोला अभी नहीं अभी मम्मी आ जाएगी जब हमारे पास ज्यादा टाइम होगा तब मैं तुम्हें दिखाऊंगी। मैं इंतजार करने लगा और सोचने लगा कि अगला मौका कब मिलेगा।
फिर हम दोनों तैयार हो कर कॉलेज चले गए। अब शाम हो गई थी हम घर आ गए थे लेकिन सब लोग घर पर थे इसलिए हम कुछ भी नहीं कर पा रहे थे। अब हम दोनों मौका तलाशने लगे कि कब हम एक सेकंड के लिए भी अकेले हो बस हम तुरंत किस करना शुरू कर देते थे। प्रिया मेरा लंड दबाने लगती थी और मैं उसके बड़े-बड़े बॉल दबाने लगता था। किस करते-करते काफी दिनों तक ये सिलसिला चला। हम दोनों की उत्तेजना बढ़ती जा रही थी। एक दिन मौका मिला जब घर में कोई नहीं था। हम दोनों अकेले थे और मैंने प्रिया को अपनी बाहों में ले लिया। हमने जोरदार किस किया और धीरे-धीरे कपड़े उतारने लगे। प्रिया की चुत इतनी गर्म थी कि मैंने उसे चाटना शुरू किया। वो सिसकारियां ले रही थी। फिर मैंने अपना लंड उसकी चुत में डाला और जोर-जोर से चोदना शुरू किया। प्रिया चिल्ला रही थी, “रोहन, और जोर से चोद!” हमने घंटों चुदाई की और मैंने उसकी गर्म चुत को ठंडा किया। उसके बाद हमारा ये सिलसिला जारी रहा। हम दोनों एक-दूसरे के बिना नहीं रह पाते थे। हर मौके पर हम चुदाई करते, कभी रूम में, कभी बाथरूम में। प्रिया चुदक्कड़ बन गई थी और मुझे चुदवाती रहती। उसकी चुत हमेशा मेरे लंड के लिए तैयार रहती। हमने कई पोजिशन ट्राई कीं, डॉगी स्टाइल, 69, सब कुछ। मैंने उसकी गांड भी मारी। वो दर्द से चीखी लेकिन मजा लिया। अब हमारा रिश्ता और गहरा हो गया है।
यह मेरी असली कहानी है। क्या आपको लगता है मैंने सही किया? कृपया अपनी राय कमेंट में जरूर बताएं। अगर आपकी भी ऐसी कोई अनोखी अनुभव है तो शेयर करें।”
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