हाय दोस्तों, यह देसी xxx कहानी मेरी जिंदगी की वह सच्ची वाइफ सेक्स कहानी है जो मैं सालों से दबाए रखना चाहती थी, लेकिन अब मन में कुछ हलचल सी हो रही है तो बता ही देती हूं। मेरा नाम प्रिया है, उम्र 25 साल, एक साधारण गृहिणी हूं लखनऊ की रहने वाली। रंग साफ मिल्की फेयर, शरीर पतला लेकिन आकर्षक फिगर 36-26-36, कमर नाजुक सी, बूब्स भरे हुए, हाइट 5 फीट 5 इंच, छोटे बाल जो मुझे हमेशा सेक्सी लुक देते हैं। लोग अक्सर कहते हैं कि देखने में काफी हॉट लगती हूं। अब मेरे पति की बात, उनका नाम राज है, बहुत हैंडसम, हम दोनों एक-दूसरे से बेहद प्यार करते हैं। वो मेरी हर छोटी-बड़ी खुशी का ख्याल रखते हैं, और इसी वजह से शादी के ढाई साल बाद भी सब कुछ ताजा-ताजा लगता है। हमारी जिंदगी में रोमांस की कोई कमी नहीं, खासकर बेडरूम में।
मैं थोड़ी शर्मीली हूं, इसीलिए अपनी लाइफ का पहला सेक्स अनुभव सुहागरात पर ही लिया था। हमारी सेक्स लाइफ तो जैसे परफेक्ट है। राज सेक्स के बारे में खुलकर बात करते हैं, हर बार कुछ नया ट्राई करने का आइडिया लाते हैं। हम रोजाना कम से कम 3 घंटे या उससे ज्यादा समय बिताते हैं इंटीमेट होने में। घर में सिर्फ हम दोनों ही रहते हैं, मायके वालों से दूर, तो जब भी मौका मिलता, राज मुझ पर टूट पड़ते हैं। मैं उनसे बेहद खुश हूं, कभी किसी और के बारे में सोचा तक नहीं। लेकिन राज सेक्स में नयापन लाने के चक्कर में कभी-कभी अपनी पुरानी गर्लफ्रेंड का नाम लेते हुए मुझे चोदते हैं। मुझे कोई आपत्ति नहीं, क्योंकि我知道 वो मुझसे सच्चा प्यार करते हैं। इंटरनेट पर वो मुझे वेबकैम पर आने को कहते हैं, लेकिन मैं मना कर देती हूं। हां, उनके कहने पर नेट पर कई लंड्स देखे हैं, लेकिन मेरा इंटरेस्ट सिर्फ राज के 7 इंच के लंड में है।
उनकी खुशी के लिए ही मैंने वाइफ शेयरिंग, ग्रुप सेक्स, स्वैपिंग, थ्रीसम, फोरसम जैसी स्टोरीज पढ़ी हैं। वो मुझे इनके लिए उकसाते भी रहते हैं, लेकिन मैं साफ कह देती हूं कि ये स्टोरीज या मूवीज में ठीक लगती हैं, रियल लाइफ में नहीं। मैं कहती हूं, ‘तुम्हारे अलावा कोई मुझे छू भी नहीं सकता, मैं तुम्हारे लंड से पूरी तरह संतुष्ट हूं।’ यही थी हमारी लाइफ का एक हिस्सा। लेकिन इसी दौरान एक ऐसी अनोखी घटना घटी, जिसने मेरे सेक्स के नजरिए को हमेशा के लिए बदल दिया। मैं अपने पति के अलावा किसी गैर मर्द के बारे में कल्पना तक नहीं कर सकती थी, लेकिन एक दिन मजबूरी में मुझे किसी दूसरे पुरुष से चुदवाना पड़ा। वो अनुभव इतना इंटेंस था कि आज भी याद आते ही मेरी चूत गीली हो जाती है।
अब असली कहानी शुरू करती हूं। हमारे घर के बगल में एक फैमिली रहती है, जिसमें मिस्टर शर्मा हैं, उम्र करीब 45 साल, उनकी पत्नी की मौत हो चुकी है कई साल पहले। उनके दो बच्चे हैं, जो अक्सर हमारे घर खेलने आ जाते हैं। मिस्टर शर्मा काफी स्मार्ट हैं, 6 फीट लंबे, स्ट्रॉन्ग बॉडी, हमेशा फिट रहते हैं। उनका स्वभाव भी अच्छा है, लेकिन मैंने कभी उन्हें घर पर बुलाया नहीं। राज और मैंने कई बार नोटिस किया कि वो मुझे घूरते रहते हैं, मेरे बूब्स और कमर पर नजरें टिकाए। राज मजाक में कहते, ‘ये तुम्हें घूरता है, कहीं लाइन तो नहीं दे रहा?’ लेकिन मेरा उनमें जरा भी इंटरेस्ट नहीं था। फिर एक रविवार को ऐसी घटना घटी कि मुझे मिस्टर शर्मा के साथ चुदाई करनी पड़ी।
उस दिन सुबह से घर का सारा काम निपटा लिया था। दोपहर करीब 12 बजे हो गई, थकान से नींद आ रही थी। राज बोले, ‘मैं दोस्त के पास जा रहा हूं, कुछ बाजार से लाना हो तो बता।’ मैंने आइसक्रीम मंगवाने को कहा। वो चले गए, मैंने गेट लॉक किया और बेडरूम में आकर उल्टा लेट गई। पजामा और टी-शर्ट पहने हुए थी। हमारा घर छोटा सा है, दो रूम ही, सीढ़ियां बाहर गेट के पास। तभी बाहर से आवाज आई, मिस्टर शर्मा अपने बेटे को पुकार रहे थे। मुझे नहीं पता था कि वो पुकारते हुए हमारी छत से नीचे आ रहे हैं। मैं उठ पाती, इतने में वो सीधे मेरे बेडरूम में घुस आए।
मैं हड़बड़ा कर उठ बैठी और बोली, ‘भैया जी, आप यहां?’ वो बोले, ‘सॉरी प्रिया, डिस्टर्ब किया। बस बेटे को ढूंढ रहा था।’ मैंने कहा, ‘वो तो यहां नहीं आया।’ जैसे ही वो मुड़ने लगे, गेट पर राज की आवाज आई, वो लॉक करने लगे। मेरा दिल धक से रह गया। सोचा, अगर राज ने मिस्टर शर्मा को यहां देख लिया तो गलतफहमी हो जाएगी। मैंने जल्दी से कहा, ‘भैया जी, बाहर मत जाइए। गेट लॉक है, राज कुछ गलत न समझ लें। प्लीज, यहीं छुप जाइए। वो 2 मिनट में चले जाएंगे।’ वो बोले, ‘मैं समझा दूंगा।’ लेकिन मैंने जिद की, ‘नहीं, आप उन्हें नहीं जानते। ठीक है, बस थोड़ी देर।’
मैंने गेट खोला। राज अंदर आए, सीधे बेडरूम की तरफ बढ़े। मेरा रंग उड़ गया। पूछा, ‘क्या हुआ, गए नहीं?’ वो बोले, ‘अभी नहीं, 1 घंटे बाद। दोस्त यहीं पिक करने आएंगे। चलो, तब तक आइसक्रीम खाते हैं।’ मैं डर के मारे कांप रही थी। राज बेडरूम में घुसे, टीवी ऑन किया और बोले, ‘आओ जान, आइसक्रीम खाते हैं।’ मुझे राहत मिली कि मिस्टर शर्मा कहीं छुप गए। मैं कांपते कदमों से बेड पर बैठ गई। वो बोले, ‘खा लो।’ मैंने कहा, ‘अभी नहीं।’ वो मेरे पास आए, बैठे और बोले, ‘नहीं, हम दोनों साथ खाएंगे, नए तरीके से।’
मैं कुछ सुन ही नहीं पा रही थी। दिमाग में बस ये चल रहा था कि मिस्टर शर्मा कहां छुपे हैं। तभी राज ने थोड़ी आइसक्रीम मेरे पैरों पर गिराई और चाटने लगे। मैंने कहा, ‘राज, तंग मत करो।’ वो मेरे करीब आए, चूमने लगे और बोले, ‘क्यों, मूड नहीं?’ मेरा टेंशन ये था कि राज को पता न चले कि कमरे में कोई और है। मैंने कहा, ‘मूड नहीं है अभी।’ वो हंसे, ‘फिर तो और मजा आएगा।’ और मेरे ऊपर चढ़ गए, पागलों की तरह चूमने लगे। मैं चुपके से मिस्टर शर्मा को ढूंढ रही थी। बेड के नीचे देखा, नहीं थे। फिर जब राज गर्दन पर किस कर रहे थे, साइड में नजर गई। हमारे बेडरूम में बड़ी लकड़ी की अलमारी है, सामान कम, तो अंदर से सब साफ दिखता है। सोचा, यहीं हैं।
फिर दिमाग में ख्याल आया, अगर राज ने यहीं चुदाई शुरू कर दी तो मिस्टर शर्मा को फ्री शो मिल जाएगा। मैंने राज से कहा, ‘चलो दूसरे रूम में चलें।’ वो उठे, ‘क्यों, यहां क्या बुरा है? पहले भी तो यहीं चुदवाती थी। आज क्या हो गया?’ मैंने सोचा, अगर इनकार किया तो शक हो जाएगा। सब भगवान भरोसे छोड़ दिया। राज को गले लगाया, साथ देने लगी। वो बोले, ‘थैंक्स माई वाइफ।’ उनके लिप्स पर आइसक्रीम लगाई, चाटने लगे। फिर अपने सारे कपड़े उतार दिए, मेरी टी-शर्ट भी खींची। मैं हिचकिचाते हुए उतार दी। राज ने आइसक्रीम मेरे बूब्स पर लगाई, चाटने लगे। मैं बीच-बीच में अलमारी की तरफ देखती, मजा आ रहा था लेकिन टेंशन भी। मेरा नंगा बदन कोई अजनबी निहार रहा है।
फिर सोचना बंद कर दिया, क्योंकि टेंशन से मजा खराब हो रहा था। टीवी की आवाज से कोई हलचल नहीं सुनाई दे रही। राज ने मेरा पजामा और पैंटी उतारी। कभी जांघ पर आइसक्रीम लगाते, कभी चूत पर। मैं ध्यान अलमारी पर रखती, सोचती मिस्टर शर्मा को कैसा लग रहा होगा। राज की वाइफ शेयरिंग वाली बातें याद आने लगीं। अब सेक्स में डूब गई। सोचने लगी, कोई गैर मर्द सिर्फ 6 फीट दूर से मेरा नंगा बदन देख रहा है, मेरी चुदाई देख रहा है। चोदने की तैयारी राज कर रहे थे, लेकिन फीलिंग्स मिस्टर शर्मा की ले रही थी।
मैं अपने बूब्स दबा रही थी, राज मेरी चूत और गांड चाट रहे थे। 2 मिनट में ही झड़ गई। पूरी चूत गीली। राज ने सारा रस चाटा, बोले, ‘आज क्या बात है, इतनी जल्दी?’ मैंने टॉपिक बदला, ‘जान, ये आइसक्रीम आइडिया कमाल का था।’ फिर वो लेट गए, मुझे सक्शन को कहा। मैंने डिसाइड किया, आज मिस्टर शर्मा को लाइव ब्लू फिल्म दिखाऊंगी। राज के लंड पर झुकी, मुंह में लेकर चूसने लगी। ज्यादातर समय अलमारी की तरफ मुंह, ताकि साफ दिखे। कभी लंड चूसती, कभी उनके लटकते बॉल्स मुंह में लेकर चूसती। वो दर्द से उछलते, ‘सीमा, आज मार डालोगी क्या?’ थोड़ी देर बाद बाल बांधने बेड पर खड़ी हुई, पूरा नंगा बदन दिखाया।
फिर बेड से नीचे उतरी, घोड़ी बनकर लंड चाटने लगी, ताकि पीछे से गांड और चूत दिखे। पूरे मजे में थी। फिर ऊपर आकर लंड चूत पर सेट किया, एक झटके में अंदर ले लिया। उछलने लगी। राज को मजा आ रहा था, चेहरे से पता। मुझे भी, और शायद मिस्टर शर्मा को भी। बूब्स उछल रहे थे। कभी होंठ काटती, कभी बूब्स दबाती। 15 मिनट लगातार उछली, थक गई, झड़ भी गई। राज के ऊपर गिरी, लेकिन उनका लंड अभी खड़ा था। वो मुझे और चोदना चाहते थे। मेरी टांगें उठाईं, मिशनरी पोजिशन में धक्का मारा।
राज ने जोर-जोर से पेलना शुरू किया। ठप ठप की आवाज कमरे में गूंज रही। मेरी चूत में उनका लंड अंदर-बाहर हो रहा, चपचप की आवाज। मैं आहें भर रही, ‘आह्ह्ह राज… और जोर से… फाड़ दो मेरी चूत…’ अलमारी की तरफ देखती, कल्पना करती मिस्टर शर्मा का लंड कितना बड़ा होगा। राज ने स्पीड बढ़ाई, मेरे बूब्स दबाए, निप्पल्स मरोड़े। मैं चिल्लाई, ‘हां… चोदो मुझे… अपनी रंडी बना दो…’ 10 मिनट ऐसे ही चुदाई चली। फिर राज बोले, ‘पलटो, डॉगी स्टाइल में लूंगा।’ मैं घोड़ी बनी, गांड ऊपर की।
राज पीछे से लंड डाला, हाथों से कमर पकड़ी, जोरदार धक्के मारने लगे। हर धक्के में मेरी गांड कांप रही। ‘आह्ह्ह… राज… गहरा… हां…’ मैं सोच रही, मिस्टर शर्मा ये सब देख रहे होंगे, उनका लंड पैंट में तन गया होगा। ये ख्याल आते ही मेरी चूत और गीली हो गई। राज ने मेरी गांड पर थप्पड़ मारे, ‘चुदक्कड़ हो गई हो आज?’ मैं हंसी, ‘हां, तुम्हारी चुदक्कड़ वाइफ हूं।’ चुदाई की स्पीड इतनी तेज कि बेड हिल रहा। मैं फिर झड़ने लगी, ‘आह्ह्ह… आ रहा है… ऊईईई…’ रस बहा, राज के लंड पर।
राज अभी नहीं रुके। मुझे उल्टा लिटाया, 69 पोजिशन में। उनका लंड मुंह में, वो मेरी चूत चाट रहे। मैं गग गग की आवाजें निकाल रही, लंड चूसते। अलमारी से नजर मिलाने की कोशिश। मजा दोगुना हो गया। 5 मिनट बाद राज बोले, ‘अब गांड मारूं?’ मैंने कहा, ‘नहीं जान, आज चूत ही काफी।’ वो फिर मिशनरी में आए, धीरे-धीरे चोदने लगे। अब रोमांटिक हो गया। किस करते, बूब्स सहलाते। लेकिन मेरा दिमाग अभी भी मिस्टर शर्मा पर। सोचती, अगर वो बाहर आ जाएं तो? ये ख्याल से डर लगता, लेकिन उत्तेजना भी।
राज ने स्पीड बढ़ाई, ‘प्रिया… मैं झड़ने वाला हूं… अंदर डालूं?’ मैंने कहा, ‘हां, भर दो अपनी चुदाई से।’ वो गरम रस छोड़ा, मेरी चूत भर दी। हम दोनों हांफ रहे। राज मेरे ऊपर लेटे, चूम रहे। तभी दरवाजे की घंटी बजी। राज उठे, ‘दोस्त आ गया।’ कपड़े पहने, चले गए। मैं नंगी लेटी रही, चूत से रस बह रहा। अलमारी की तरफ देखा। मिस्टर शर्मा बाहर आए, आंखें लाल, पैंट में उभार।
मैं शॉक्ड, लेकिन उत्तेजित। वो बोले, ‘प्रिया… सॉरी… लेकिन… तुम्हें देखकर कंट्रोल नहीं हुआ।’ मैंने कंबल से ढका, लेकिन चूत अभी भी कांप रही। बोली, ‘भैया जी, ये क्या? राज को पता चला तो?’ वो पास आए, ‘तुम्हारी चुदाई देखी, अब और सहन नहीं।’ उनका हाथ मेरी जांघ पर। मैं हटना चाही, लेकिन शरीर साथ नहीं दिया। ‘नहीं… ये गलत है…’ लेकिन वो चूमने लगे। उनका लंड महसूस हुआ, राज से बड़ा, 9 इंच का लग रहा।
मैं विरोध करती रही, लेकिन कमजोर। उन्होंने टीवी बंद किया, दरवाजा लॉक। मेरी चूत पर हाथ फेरा, ‘गीली हो।’ मैं सिसकी, ‘भैया… मत…’ लेकिन वो लंड बाहर निकाला, मोटा, नसें उभरीं। टोपा चूत पर रगड़ा। ‘प्रिया, बस एक बार…’ एक धक्का, आधा लंड अंदर। ‘आह्ह्ह… दर्द… बड़ा है…’ वो रुके, चूसे बूब्स। फिर पूरा डाला। चूत फटने लगी। ‘आह्ह्ह… चोदो… हल्के से…’ अब मैं खुद मचल रही।
मिस्टर शर्मा ने जोर लगाया, ठप ठप। ‘प्रिया… कितनी टाइट चूत… राज को धन्यवाद।’ मैं चिल्लाई, ‘हां… चोदते रहो… फाड़ दो…’ स्पीड बढ़ी, चपचप आवाज। मेरी टांगें उनके कंधों पर। हर धक्के में गहराई। 10 मिनट में झड़ी, ‘ऊईईई… आ गया…’ रस बही। वो नहीं रुके, पोजिशन बदली, डॉगी। गांड पकड़ी, पेला। थप्पड़ मारे। ‘चुदक्कड़ बनी हो?’ ‘हां… तुम्हारी चुदक्कड़…’ 20 मिनट चुदाई, तीन बार झड़ी।
फिर उन्होंने मुंह में लिया, चूसा। मैं उनके बॉल्स सहलाई। लंड फिर खड़ा। अब काउगर्ल में सवार हुई, उछली। बूब्स लहराए। ‘भैया… तुम्हारा लौड़ा कमाल का…’ वो नीचे से धक्के। कमरा चीखों से गूंजा। आखिर में अंदर झड़े, गरम रस। हम गिर पड़े। वो बोले, ‘प्रिया, ये राज को न बताना।’ मैं हंसी, ‘सीक्रेट रहेगा। लेकिन अगली बार?’ वो मुस्कुराए।
राज लौटे शाम को। सब नॉर्मल। लेकिन मेरी जिंदगी बदल गई। अब कभी-कभी मिस्टर शर्मा के साथ चुदवाती हूं, राज अनजान। ये अनोखी घटना ने मुझे नई दुनिया दिखाई। चुदाई का असली मजा तो ग्रुप में है, लेकिन अभी सीक्रेट रखा है।
यह मेरी असली कहानी है। क्या आपको लगता है मैंने सही किया? कृपया अपनी राय कमेंट में जरूर बताएं। अगर आपकी भी ऐसी कोई अनोखी अनुभव है तो शेयर करें।”
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