दोस्तों ये मेरी वो सच्ची कहानी है जिसे मैं हमेशा से दुनिया से छुपाकर रखना चाहता था यह एक देसी बहन की चुदाई कहानी है। मेरा नाम अरुण है उम्र 22 और मैं मुंबई में रहता हूं और मैं एक प्राइवेट कंपनी में काम करता हूं। मेरे माता पिता गांव में रहते हैं। मेरी हाइट करीब 6 फीट है और मैं दिखने में बहुत अच्छा लगता हूं और मैं एक अच्छे खासे लंड का मालिक भी हूं। दोस्तों मेरी ये कहानी मेरे मामा की बेटी रिया और मेरी है।
दोस्तों अब मैं आपको सबसे पहले रिया के बारे में बताता हूं। दोस्तों उसकी उम्र 24 साल की है और वो एक शादीशुदा लड़की है उसका फिगर 36-26-38 है और उसकी हाइट 5.6 फीट और दिखने में बहुत सुंदर है। मैं जब कभी भी बातों बातों में उसे छूता और तभी मेरा लंड खड़ा हो जाता था मैं हमेशा उसके गदराये हुए बदन के बारे में ही सोच सोच कर दीवाना हो गया था और हमेशा उसे चोदने के मौके की तलाश में रहता था। अब चलो कहानी पर आते हैं।
रिया जब 18 साल की थी तब मेरा अपना एक साल डिग्री लेने के लिए पढ़ाई करने में गुजरा था। उसी समय से मैं उसे चाहने लगा था। एक बार वो हमारे गांव भी आई थी और तभी मैंने उसे प्रपोज किया था और वो मान गई थी। मैं बहुत खुश हुआ और दूसरे ही दिन वो उसकी मां के साथ उनके गांव चली गई बाद में फोन पर बातचीत हो रही थी। लेकिन हम को अकेले में मिलने का मौका ही नहीं मिल रहा था। मैं दो तीन बार उनके गांव भी गया था लेकिन सिर्फ उस समय सिवाए किस के कुछ काम नहीं बन पाया था। तभी एक दिन उसने मुझे मेरे नंबर पर कॉल किया था और उसने मुझसे कहा कि कल वो शॉपिंग की वजह से शहर जा रही है जो उनके गांव से दस किलोमीटर दूरी पर है। अगर तुम भी शहर आ सकते हो तो हम अकेले में मिल सकते हैं। अब मैं भी इसी मौके की तलाश में था और मैंने उसे हां कर दी थी। अब दूसरे ही दिन मैंने कॉलेज बंक किया और शहर चला गया और वो मुझे शहर के मेन बस स्टॉप पर मिली थी और वहां पर हम दोनों ने कुछ बातचीत की और बाद में हम दोनों शॉपिंग के लिए निकल पड़े थे। बहुत देर कपड़े देखने के बाद उसने कुछ कपड़े खरीदे और एक चूड़ी का सेट भी लिया और बाद में हम एक होटल में गए और वहां पर हमने खाना खाया और उसके बाद मैंने उससे पूछा कि क्या हम कोई फिल्म देखने चलें और उसने हां कह दी और फिर हम दोनों फिल्म देखने गए कोई नए हीरो की फिल्म चल रही थी और थियेटर में बहुत कम लोग थे। मैंने बालकनी के दो टिकट लिए और अब हम थियेटर के अंदर चले गए थे।
अब बालकनी के लास्ट यानी कि सबसे ऊपर वाली लाइन पर जाकर हम दोनों बैठ गए थे। अब कुछ देर बाद फिल्म शुरू हुई साथ साथ में थियेटर के अंदर की लाइट्स भी ऑफ हुई थी। अब फिल्म शुरू होने के पांच दस मिनट के बाद मैंने उसके कंधे पर हाथ रख दिया और अब वो मेरी तरफ घूम कर एक मदहोश करने वाली स्माइल दे रही थी अब मुझसे रहा नहीं गया और मैंने उसे मेरे और पास खींच लिया था और अब उसके गुलाबी होंठों पर मैंने अपने होंठ रख दिए और उसे किस करने लगा था और अब वो भी मेरा साथ देने लगी थी। करीब तीन चार मिनट के बाद मैंने अपने होंठों को उसके होंठों से अलग किया और उसके लेफ्ट गाल पर एक चुम्मा लिया था और अब वो मुस्कुराने के साथ साथ शर्मा भी रही थी। अब मैं थोड़ी देर के बाद मेरा सीधा हाथ उसके कंधे पर से सीधा उसकी जींस के अंदर डालने की कोशिश करने लगा था। लेकिन उसने मुझे मना किया तभी मैंने हाथ हटाया और कंधे से वापस उसके टॉप में डाला अब फिर से वो पहले की तरह मना करने लगी और कुछ देर के बाद वो चुप हो गई और अब मैंने अपने हाथ को सीधा उसके टॉप के अंदर डाल दिया था और उसके बड़े बड़े बूब्स पर घुमाने लगा था। वाह क्या बूब्स थे यारों इतने सॉफ्ट थे कि मुझे लगा कि कोई मक्खन से भी मुलायम चीज को हाथ में पकड़ा है और वो फिलिंग से मेरा लंड गरम होकर खड़ा होने लगा था। थोड़ी देर वैसे ही रहने के बाद मैं उसके बूब्स को दबाने लगा था उसके बूब्स बहुत बड़ी साइज के थे इतने बड़े कि मैं उन्हें अपने एक हाथ से आराम से नहीं पकड़ सकता था। अब मैं उसके बूब्स को मसलते मसलते बूब्स की निप्पल को मेरी दोनों उंगलियों से पकड़ कर खींचने लगा लेकिन अब वो बहुत जोर से सांसें लेने लगी थी और उसके बूब्स का निप्पल हार्ड हो गया था।
अब मुझे उसके बूब्स दबाने में बहुत मजा आ रहा था और मन कर रहा था कि अभी इस वक्त उसके टॉप को निकाल कर उसके बूब्स को बहुत जोर से चूसूं लेकिन क्या करता थियेटर था इसकी वजह से मैंने अपने पर कंट्रोल कर लिया था। उसके राइट बूब्स को मसलने के बाद मैं उसके लेफ्ट बूब्स को मसलने और दबाने लगा था। अब दबाते दबाते मैंने उसकी निप्पल को थोड़ा जोर से खींच लिया तो अब उसके मुंह से जोर से आह्ह्ह जैसी आवाज निकल गई थी और वो मुझसे कहने लगी कि इतनी जोर से मत खींचा करो और तभी मैंने कहा कि ठीक है।
अब थोड़ी देर के बाद मैं उसकी चूचियों से खेलने के बाद थियेटर में लाइट्स ऑन हो गई थी और फिल्म का इंटरवल हो गया था। अब मैंने बाहर जाकर एक कोल्डड्रिंक ली और खाने के लिए कुछ स्नैक्स भी लिए थे और अब मैं अंदर चला आया था और हम स्नैक्स खाकर कोल्डड्रिंक पीने लगे थे और फिर थोड़ी देर बाद ही फिल्म फिर से चालू हो गई और लाइट्स ऑफ हो गई थी और साथ में हमारा खेल भी फिर से शुरू हो गया था। इस बार मैंने कुछ और ही प्लान बनाया था।
अब मैंने कोल्डड्रिंक की बॉटल से थोड़ा ड्रिंक मेरे मुंह में लिया और उसे मेरे पास खींच कर उसके मुंह को खोल कर मेरे मुंह से उसके मुंह को फिक्स किया और मेरे मुंह से उसके मुंह में कोल्डड्रिंक डाल दी और वो मेरे मुंह से आए हुए ड्रिंक को पी गई और अब हम फ्रेंच किस करने लगे थे। अब थोड़ी देर के बाद हम अलग हुए अलग होने के बाद मैंने उसकी बाएं जांघ पर मेरा दाएं हाथ रख दिया था और फिर धीरे धीरे मेरे हाथ को उसकी चुत की तरफ लेकर गया और जींस के ऊपर से ही उसकी चुत पर मैंने अपना हाथ रख दिया था। अब वो अचानक मेरी तरफ देखने लगी और मैं भी उसको ही देखता रहा और वो शरमाती रही और अब उसने अपने चेहरे को दूसरी तरफ घुमा लिया था। मुझे भी यही चाहिए था और अब मैंने उसकी जींस का बटन खोल दिया और धीरे से मेरे दाएं हाथ को उसकी जींस और पैंटी के अंदर डाल दिया था। अब उसकी नंगी चुत पर मैंने अपना हाथ रख दिया था तभी मुझे ऐसा लगा कि जैसे उसकी चुत बहुत गर्म हो चुकी हो लेकिन क्या चुत है उसकी चुत क्लीन शेव की हुई थी बहुत गर्म थी और पानी भी छोड़ रही थी वो बहुत गीली हो चुकी थी।
अब मैं धीरे से उसके लिप्स को ओपन करके मेरे होंठों को रख कर उसके होंठों को रब करने लगा और अब उसके मुंह से आहह आअहह जैसे आवाज आने लगी थी। अब फिर से मैं मेरी उंगली को उसकी चुत के अंदर घुसाने लगा था। लेकिन अब उसने मना कर दिया था। अब मैंने बहुत कोशिश की और कुछ देर बाद भी वो नहीं मानी अब उसे हर्ट करना भी मुझे पसंद नहीं था इसलिए मैं भी चुप हो गया। लेकिन मैंने अब भी उसकी क्लीन चुत को रब करना जारी रखा और अब तीन चार मिनट के बाद उसकी बॉडी अकड़ने लगी थी और वो मेरे हाथ में ही झड़ गई और झड़ने के बाद उसकी बॉडी नॉर्मल हो गई थी। उसके चुत से निकला हुआ पानी मेरी उंगलियों पर लगा हुआ था। अब उसकी जींस से मैंने मेरा हाथ निकाल लिया था और मेरी उंगलियों को एक एक करके मैं अपने मुंह में लेकर उसकी चुत का पानी को टेस्ट करने लगा था। चुत का टेस्ट थोड़ा थोड़ा नमकीन था। लेकिन मुझे बहुत अच्छा लगा था। अब मैंने उसको देखकर स्माइल दी और वो शर्मा गई। अब मैंने उसे अपने पास खींच कर उसके लिप्स पर किस किया था और फिर मैंने उसके बाएं हाथ को पकड़ कर मेरे लंड पर रख लिया था।
अब मेरा लंड पहले से भी ज्यादा ही हार्ड हो गया था अब उसका हाथ लंड पर लगते ही मेरा लंड लोहे जैसा हार्ड हो गया था अब थोड़ी देर तक वो मेरे लंड पर हाथ रखकर चुपचाप बैठी थी अब मैं अपने हाथ से उसके हाथ को अपने लंड के ऊपर ही दबाने लगा था और उसके हाथ को अपने लंड से रगड़ने लगा था। अब मुझे पता नहीं कि उसे क्या हुआ है।
उसने मेरे हाथ से उसका हाथ छुड़ा लिया और अब वो अपने हाथ को मेरी पैंट की जिप के ऊपर रखकर मेरी पैंट की जिप खोलने लगी थी और अब पूरी जिप खोलने के बाद उसने उसका दुपट्टा मेरी पैंट पर डाल कर दुपट्टे के नीचे से उसके दाएं हाथ को मेरी पैंट की जिप के अंदर डाल कर मेरा फड़कते हुए लंड को बाहर निकाल कर उसने अपने हाथ में पकड़ लिया और कहने लगी कि ये तो बहुत ही बड़ा है मैंने पूछा क्यों तुमने आज तक क्या किसी का लंड नहीं देखा था तभी वो बोली नहीं मैंने सिर्फ छोटे बच्चों का लंड देखा है और एक दो बार फिल्म में देखा है लेकिन ये पहली बार है जब मैंने एक मर्द का लंड इतने पास से देखा और मैंने हाथ से भी पकड़ा है।
अब यह कह कर उसने मेरे लंड को उसके मुट्ठी में पकड़ कर ऊपर नीचे करने लगी थी और मुझे बहुत मजा आने लगा था। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं। अब मुझे लगा कि मैं तीसरे आसमान का सैर कर रहा हूं अब थोड़ी देर के बाद मैंने उसे रुकने को कहा वो पूछने लगी कि क्यों तभी मैंने कहा कि तुम ऐसे ही हिलाती रहोगी तो मेरा पूरा वीर्य निकल जाएगा। तभी उसने झटके से मेरी पैंट के ऊपर से दुपट्टा हटा कर मेरे लंड को एक किस कर दिया था अब फिर उसने मेरे लंड को मुंह में लिया और चूसने लगी थी।
तभी मैं तो चौंक गया था लेकिन मैंने उससे ये रिक्वेस्ट नहीं किया था अब थोड़ी देर के बाद मेरे लंड ने वीर्य छोड़ दिया था और उसने मेरे लंड के वीर्य को पी लिया और अब लंड को अपने मुंह से साफ करके उठ गई थी अब मुझे बहुत खुशी हुई थी और मैंने अपने लंड को मेरी पैंट के अंदर डाल लिया था और उससे पूछने लगा था।
मैं तुम्हे लंड का टेस्ट कैसा लगा रिया बहुत अच्छा था। मैं अब बताओ कि चुत के अंदर लंड को कब लोगी रिया क्या अंदर कहां अंदर मैं नहीं समझी कि तुम क्या बोल रहे हो मैं मेरे लंड को तुम्हारी चुत के अंदर कब लोगी रिया चुत क्या होती है। मैं जो कि तुम्हारी पैंटी के अंदर एक छोटा सा छेद है वो तुम्हारी चुत है। रिया सीधे सीधे कहो कि तुम्हे सेक्स करना है। मैं जी हां मुझे सेक्स करना है तुम्हारे साथ अब बोलो कब और कहां। रिया जब तुम कहो जहां तुम कहो। मैं ठीक है मैं तुम्हे बता दूंगा तुम तैयार रहना अपनी चुत में लंड डलवाने के लिए। अब हम फिल्म देखने लगे थोड़ी ही देर में फिल्म खत्म हो गई थी और हम बाहर आए एक जूस सेंटर में जाकर जूस पिया और फिर बस स्टॉप की तरफ चल पड़े थे। उसे उसके गांव की बस में बिठाकर मैं भी हमारे गांव को आ गया था। अब सोचने लगा था कि मैं कब उसे चोदूंगा। कुछ दिन बाद मुझे पता चला कि उसके घर वाले उसकी शादी करने की सोच रहे हैं। तब मैं उसके गांव में गया और हमारे रिलेटिव्स मुझसे कहने लगे कि तू ही उससे शादी कर ले। लेकिन मेरा एजुकेशन अभी कंप्लीट नहीं हुआ था इसलिए मैंने कहा कि अभी मैं शादी नहीं कर सकता हूं। अब उसके घरवालों ने उसकी शादी दूसरे के साथ कर दी थी। रिया शादी होने के बाद मुंबई चली गई मैं बहुत खुश हो गया था और फिर मेरा एजुकेशन कंप्लीट होने के बाद मैं जॉब पर चला गया लास्ट इयर में जॉब के सिलसिले में मुंबई आया था और मुझे मुंबई में एक नया जॉब मिल गया। अब मैं रिया के घर का पता करके उसके घर गया उसको चोदने के लिए।
जब पहली बार उसके घर गया तब उसी ने मुझे फोन करके अपने घर का पता बताया था और मुझे कहा था कि तुम मेरे कहे हुए समय पर आना अब मैं उसके घर गया अब देखा कि उसके घर पर कोई भी नहीं है। अब उसने मुझे बताया कि उसके पति की बाहर नौकरी है और वो दो तीन महीनों के लिए बाहर चले जाते हैं और मैं यहां पर अकेली रहती हूं। मेरी सास और ससुर जी भी आज ही गांव चले गए हैं अब वो तीन चार दिन बाद आएंगे।
और तभी मैंने भी उसे पकड़ा और उसे बेड पर लिटा दिया और उसके बूब्स को चेक करने लगा था। रियली मुझे उसमें बहुत मजा आ रहा था। अब वो ऐसे सिसक रही थी कि जैसे उसके मुंह में किसी ने तेज मिर्च डाल दी हो मेरे सिर को पकड़ कर अपने बूब्स पर दबा रही थी। जोर से चूसो इन्हे डियर आज तक सिर्फ तुम्हारे लिए ही बचा के रखे थे आज इनको अपना मालिक मिल गया है और मैं कोई 20-25 मिनट तक उन्हें चूसता और चाटता रहा और उसके बाद मैं नीचे की तरफ उसके पेट की तरफ चाटने लगा था। अब वो सिसकारियां लेती रही और उसने मुझे ऊपर खींच लिया और किस करने लगी मैंने बोला डियर क्या हुआ तो वो कुछ नहीं बोली और बस किस करती रही।
मैंने अपना हाथ उसकी साड़ी के नाड़े में डाल कर नाड़ा खोलने ही वाला था कि उसने मेरा हाथ पकड़ लिया और मुझे बोलने तक का मौका भी नहीं दिया और किस ही करती रही। तभी मैंने अपना हाथ दोबारा उसके बूब्स पर रख दिया और उन्हें दबाने लगा था अब वो भी अब गर्म हो गई थी। अब मैंने अपना हाथ दोबारा उसके नाड़े पर रख दिया और इस बार उसने मेरे हाथ पर हाथ तो रख दिया लेकिन मेरा हाथ वहां से हटाया नहीं और मैंने उसके नाड़े में हाथ डाल दिया और उसका नाड़ा खोल दिया और उसकी साड़ी को थोड़ा सा नीचे कर दिया था और उसकी चुत पर पैंटी के ऊपर से ही हाथ फेरने लगा था।
जब मैंने उसकी चुत पर हाथ लगाया तो पता चला कि उसकी चुत बहुत ज्यादा गीली हो गई थी और पैंटी भी अब तो वो उस समय पागल ही हो गई थी और मेरे बालों को नोचने लगी और मुझसे बोलने लगी कि ओह डियर ये क्या कर रहे हो तुम और मैंने अपने पैरों से उसकी साड़ी को नीचे कर दिया था और अपने हाथों को उसकी कोमल कोमल टांगों पर फेरने लगा था। अब दोस्तों मुझे बहुत मजा आ रहा था उसके गोरे गोरे पैर को टच करने में।
अब मैं उसके ऊपर आ गया था और उसके बूब्स को चूसने लगा था और नीचे की तरफ से उसके पेट नाभि और कुछ देर बाद मैं उसकी चुत पर आ गया था और अब मैंने उसकी पैंटी नीचे कर दी और उसकी साफ और गोरी चुत को देखकर मेरा दिमाग खराब हो गया था और मैं चुत को चाटने लग गया था और वो मेरा सर पकड़ कर अपनी चुत पर दबाने लगी थी। अब मैंने मुंह हटा दिया और उसकी चुत को चाटने लगा था उसकी चुत का स्वाद बहुत अच्छा था। वो मुझे हटने को कहने लगी लेकिन मैं फिर भी चाटता रहा और अब वो झड़ने लगी थी और उसने मेरे सर को जोर से पकड़ लिया और उसे अपनी चुत पर दबाने लगी और थोड़ी देर के बाद वो झड़ गई और उसका सारा पानी मेरे मुंह में आ गया और मैं उसे पी गया।
अब मैंने उसकी चुत से मुंह हटाया और ऊपर होकर उसको किस करने लगा। लेकिन दोस्तों मैंने अभी तक अपनी पैंट नहीं उतारी थी। फिर किस करते करते उसने मेरी पैंट की बेल्ट भी खोल दी और जल्दी से मेरी पैंट को नीचे करने लगी थी। मेरी पैंट को नीचे करके मेरे लंड को अपने हाथ में पकड़ लिया और उसे ऊपर नीचे करने लगी। अब मेरा तो बहुत ही बुरा हाल था मेरा तो ऐसा हाल था कि मैं अभी झड़ जाऊंगा लेकिन पता नहीं कैसे मैंने अपने ऊपर कंट्रोल किया हुआ था। लेकिन पांच मिनट के बाद मैं भी झड़ने लगा और मैंने अपना सारा वीर्य उसके हाथ पर गिर गया था।
अब उसने अपने हाथ चादर से साफ किए और बोली कि तुम बहुत गंदे हो मैंने उसे बोला कि कोई बात नहीं ये तो सब तो होता है और हम दोनों हंसने लगे और अब मैं दोबारा उसे किस करने लगा था और उसके बूब्स को दबाने लगा था और बूब्स को चूसने लगा था। अब वो दोबारा गर्म होने लगी थी और अब वो मेरे सिर को अपने बूब्स पर दबाने लगी।
मैंने उसे पूछा क्या मैं तुम्हे अभी चोद सकता हूं। तो वो बोली मैं अब तक सिर्फ तुम्हारे लिए ही बिना चुदी हूं और तुम चोदने के लिए पूछ रहे हो। मैंने अब ज्यादा देर ना करते हुए अपने लंड को उसकी चुत पर रख दिया और मैं धीरे धीरे धक्के मारने लगा लेकिन आप सब लोग जानते हैं कि एक बिना चुदी चुत में लंड बहुत जोर लगाने पर ही घुसता है और चुदाई में थोड़ी मेहनत तो करनी ही पड़ती है।
अब मेरा लंड भी उसकी चुत से फिसल कर नीचे जा रहा था। लेकिन हम दोनों की हालत बहुत खराब थी। हमें बहुत दर्द हो रहा था। मैंने अपने हाथों से अपने लंड को पकड़ा और उसकी चुत पर टिकाया और एक धक्का दिया तो मेरे लंड का बस मुंह उसकी चुत में घुसा था और बाकी लंड बाहर था। लेकिन थोड़ा लंड चुत के अंदर जाने से ही उसके आंखों में आंसू आ गए थे और मैंने तभी लंड बाहर निकाल लिया था और बोला क्या तुम्हे बहुत ज्यादा दर्द हो रहा है। तभी वो बड़े प्यार से मेरी तरफ देख कर बोली कि आज से मैं तुम्हारी हूं अब तुम जैसे चाहो मेरी चुत फाड़ो मैं तुम्हे मना नहीं करूंगी।
अब मैंने उससे थोड़ा तेल मांगा तो उसने तेल लाकर दिया। मैंने तेल लेकर अपने हाथ में लिया और अपने लंड पर और थोड़ा उसकी चुत पर लगाया और दोबारा से अपने लंड को उसकी चुत पर रखा और धीरे से एक धक्का मारा और अब मेरे लंड का मुंह उसकी चुत में चला गया था और वो अपने होंठों को अपने दांतों के बीच में दबाने लगी थी। अब मुझे पूरा विश्वास हो रहा था कि अब उसे फिर से दर्द हो रहा है। लेकिन मैंने अपने लंड को और जोर लगा कर दबाया और अब कम से कम आधा अंदर चला गया था और उसकी चुत से खून भी निकलने लगा था और उसके मुंह से चीख निकल गई लेकिन अब उसने लंड को चुत से बाहर निकालने के लिए नहीं बोला था और मैं उसे किस करने लगा और उसके बूब्स को मसलने लगा था और वो नीचे चुपचाप पड़ी रही और मैं उसके बूब्स को मसलता रहा और थोड़ी देर बाद वो मुझे थोड़ी नॉर्मल सी लगी तो मैं धीरे धीरे लंड को आगे पीछे करने लगा और उसे अभी भी थोड़ा थोड़ा दर्द हो रहा था। तभी मैंने उसे पूछा कि क्या अभी भी ज्यादा दर्द हो रहा है तभी वो बोली ज्यादा नहीं और मैं धीरे धीरे लंड को आगे पीछे कर रहा था और थोड़ी देर बाद मैंने एक जोर का धक्का मार कर अपना पूरा का पूरा लंड अंदर कर दिया और अब उसकी आंखों से आंसू निकलने लगे थे और अब उसने अपनी आंखें बंद कर ली थी।
मैं उसके ऊपर ऐसे ही पड़ा रहा और उसे किस करता रहा और थोड़ी देर के बाद वो बोली कि आज तुमने मुझे पूरी तरह से औरत बना दिया है मैं तुम्हारा ये अहसान जिंदगी भर नहीं भूलूंगी। अब मैंने उसके होंठों पर अपने होंठ रख दिए और उसे जोर से अपनी बाहों में जकड़ कर किस करने लगा था। मैं अब उसे धीरे धीरे चोद भी रहा था और वो भी मुझे किस कर रही थी।
अब उसे भी मजा आ रहा था वो भी अपने चूतड़ उठा उठा कर मेरा साथ दे रही थी। ओह चोदो मुझे चोदो आज फाड़ दो मेरी चुत मैं तुम्हारी हूं। मुझे अपने में समा लो मैं मर जाऊंगी और उसका शरीर अकड़ने लगा था और अब मैंने भी अपनी स्पीड बढ़ा दी और मैं उसे तेज तेज धक्कों से चोदने लगा था और वो उसी समय झड़ गई और अब थोड़ी देर के बाद मैं भी झड़ गया था और मैंने अपनी स्पीड बढ़ा दी और उसको बोला डियर मेरा वीर्य निकलने वाला है। तुम बताओ क्या करूं अब तो वो बोली जहां तुम्हारा दिल करे वहीं पर निकाल दो तभी मैंने अपना वीर्य तेज और गहरे धक्कों के साथ उसकी चुत में ही छोड़ दिया और मैं उसके ऊपर ही गिर गया और उसे किस करने लगा था। अब करीब दस मिनट वैसे ही उसके ऊपर ही पड़े रहने के बाद मैं उसके ऊपर से उतरा और साइड में लेट गया था। अब मैंने उसकी चुत को देखा जो कि खून से लाल हुई पड़ी थी लेकिन उसके चेहरे पर फिक्र वाली कोई बात ही नहीं थी लेकिन उसने उसे ऐसे अनदेखा किया जैसे कुछ हुआ ही नहीं था। लेकिन मैंने भी ज्यादा सवाल नहीं किए इस बारे में। फिर हम दोनों बाथरूम गए और नहाकर बाहर आए और बेड पर ही लेट गए और थोड़ी देर किस करने के बाद मेरा लंड दोबारा से खड़ा होने लगा था। तभी उसने लंड को हाथ में पकड़ कर कहा इस लंड का तो दिल अभी भी नहीं भरा मेरी चुत की सील तोड़ दी फिर भी क्या दोबारा जाना चाहते हो चुत के अंदर और वो लंड को सहलाने लगी थी। अब थोड़ी देर के बाद उसने लंड को मुंह में लिया और चूसने लगी और चूसकर लंड दोबारा खड़ा कर दिया था। अब उस रात मैंने उसके साथ दो बार और सेक्स किया और उठकर सुबह जल्दी ही अपने घर को चला गया और मैंने इस बीच उसकी कई बार चुदाई की।
यह मेरी असली कहानी है। क्या आपको लगता है मैंने सही किया? कृपया अपनी राय कमेंट में जरूर बताएं। अगर आपकी भी ऐसी कोई अनोखी अनुभव है तो शेयर करें।”
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