हाय दोस्तों, यह मेरी xxx mom सेक्स कहानी है जो मैं हमेशा छुपाना चाहता था, लेकिन आज दिल कर रहा है कि सबको बताऊं कि कैसे मेरी एक छोटी सी गलती से मेरी मम्मी किसी और के साथ चुद गईं। मेरा नाम राहुल है, मैं 19 साल का हूं और यह सब मेरे साथ सच में हुआ था। मैं इसे xxx हॉट देसी स्टोरी के रूप में शेयर कर रहा हूं क्योंकि यह मेरी जिंदगी का सबसे गर्म और शर्मनाक किस्सा है।
हमारे घर में सिर्फ मैं, पापा, मम्मी और मेरी छोटी बहन रहते हैं। बहन दिल्ली में कॉलेज करती है तो ज्यादातर समय घर पर नहीं होती। मम्मी का नाम राधिका है, वो 42 साल की हैं लेकिन दिखतीं 30 की लगती हैं। उनका फिगर कमाल का है – बड़े-बड़े चुचे, पतली कमर और गोल-गोल मोटी गांड। घर पर वो ढीली मैक्सी पहनती हैं जिसमें उनकी गांड की लहरें साफ दिखती हैं, और बाहर साड़ी या टाइट सलवार सूट में निकलती हैं तो मोहल्ले के लड़के और अंकल उनकी तरफ टकटकी लगाए देखते रहते हैं। उनकी सलवार से पैंटी की लाइन साफ उभर आती है, और कई बार मैंने सुना है कि लड़के उनकी चूत और गांड मारने की बातें करते हैं।
उन दिनों मेरे पास कोई कमाई का साधन नहीं था, इसलिए पैसे जुटाने के लिए मैं 55 Game खेलता रहता था। मैंने इस लिंक से ज्वाइन किया था, ज्वाइन करते ही मुझे 500 रुपये मिल गए और रोजाना 100-200 रुपये के गिफ्ट कोड मिल जाते थे। जब पैसे 500-1000 हो जाते तो मैं निकाल लेता था। आज भी मैं कभी-कभी वो खेल खेलता हूं।
एक बार मोहल्ले के कुछ लड़के मुझे छेड़ रहे थे, कह रहे थे कि तेरी मम्मी कितनी हॉट है, उसकी टाइट सलवार देखकर लंड खड़ा हो जाता है। मैं गुस्से में आ गया और उन्हें गाली दे दी। तभी एक लड़का मुझे मारने लगा, बोला साले तेरी मम्मी रंडी है इसलिए हम बोलते हैं। अचानक सामने वाले फ्लैट में रहने वाले आदमी अजय ने उसे रोका, लड़के को धक्का मारकर भगा दिया और मुझे अपने घर ले गया। उसने मेरा चेहरा साफ करवाया और घर भेज दिया। मुझे वो बहुत अच्छा लगा।
अगले दिन मैं उसके पास गया, थैंक्यू बोला। धीरे-धीरे हमारी दोस्ती हो गई। हम रोज मिलते, बातें करते। एक दिन छत पर खड़े थे तो नीचे मम्मी दिखीं। मैंने बताया ये मेरी मम्मी हैं। अजय उन्हें घूर-घूर कर देखने लगा, उसकी आंखों में कुछ अलग था। फिर वो मुझसे मम्मी के बारे में पूछता रहता – क्या पहन रही हैं, क्या कर रही हैं। एक दिन मैंने उसे वो सब बताया जो मोहल्ले के लड़के कहते थे। उसने हंसकर समझाया कि चूत मतलब जहां से तू निकला है, जहां मम्मी पेशाब करती हैं।
धीरे-धीरे अजय ने कहा कि वो मेरे घर आना चाहता है। मैंने कहा जब मम्मी-पापा घर पर होंगे तो आ जाना। लेकिन उसने कहा नहीं, जब मम्मी अकेली हों तब बुलाना। मैं समझ नहीं पाया उसके इरादे। एक दिन मम्मी मंदिर गईं थीं, मैंने उसे बुला लिया। वो आया, हम बातें करने लगे। उसने पूछा क्या मैं चाहता हूं कि मोहल्ले के लड़के मुझे न छेड़ें। मैंने कहा हां। उसने कहा ठीक है, लेकिन मुझे तेरी मदद चाहिए।
उसने कहा कि अगर मैं उसकी कुछ बात मान लूं तो वो सब लड़कों को समझा देगा। मैं राजी हो गया। फिर उसने कहा कि मुझे मम्मी की एक पैंटी चाहिए। मैं चौंक गया लेकिन वो बोला बस एक बार, मैं सूंघकर खुश हो जाऊंगा और सब ठीक कर दूंगा। मैं डर गया लेकिन सोचा एक बार देकर छुटकारा पा लूंगा। अगले दिन जब मम्मी नहा रही थीं, मैंने उनकी ड्रायर से एक काली पैंटी उठाई और अजय को दे दी।
अजय ने पैंटी लेकर खुश होकर सूंघी, बोला वाह क्या खुशबू है तेरी मम्मी की चूत की। मैं शर्मिंदा हो गया लेकिन चुप रहा। फिर उसने कहा अब अगला स्टेप, मुझे मम्मी से मिलवाना है। मैंने मना किया लेकिन वो बोला अगर नहीं तो मैं सबको बता दूंगा कि तूने पैंटी दी थी। मैं फंस गया। एक दिन पापा ऑफिस गए, बहन कॉलेज, मम्मी घर पर अकेली थीं। मैंने अजय को बुला लिया।
अजय आया, मम्मी से मिला। मम्मी ने चाय बनाई। बातों-बातों में अजय ने मम्मी की तारीफ की, कहा आप बहुत खूबसूरत हैं। मम्मी शर्मा गईं। फिर अजय ने कहा कि राहुल बहुत अच्छा लड़का है, लेकिन उसे कुछ सिखाने की जरूरत है। मम्मी हंसकर बोलीं हां ये तो है। फिर अजय धीरे-धीरे करीब आया, मम्मी के कंधे पर हाथ रखा। मम्मी हिचकिचाईं लेकिन कुछ नहीं कहा।
मैं कमरे में छुपकर देख रहा था। अजय ने मम्मी को चूमना शुरू किया। मम्मी ने पहले मना किया लेकिन अजय ने कहा बस एक बार, आपकी खूबसूरती देखकर दिल नहीं मान रहा। मम्मी की सांसें तेज हो गईं। अजय ने उनकी मैक्सी ऊपर की, ब्रा उतारी। मम्मी के बड़े-बड़े चुचे बाहर आए, गुलाबी निप्पल कड़े हो गए। अजय ने चूसना शुरू किया, ग्ग्ग्ग… गोंग… मम्मी आह्ह्ह… कर रही थीं।
फिर अजय ने मम्मी को बिस्तर पर लिटाया, मैक्सी पूरी ऊपर की, पैंटी उतारी। मम्मी की चूत पर हल्के बाल, गुलाबी और गीली। अजय ने जीभ डाली, चाटने लगा। चपचप… चपचप… मम्मी कमर उठा रही थीं, आह्ह्ह… अजय… क्या कर रहे हो… लेकिन रुक नहीं रही थीं। अजय ने कहा राधिका जी, आपकी चूत बहुत स्वादिष्ट है। मम्मी शर्मा कर बोलीं बस… लेकिन आंखें बंद थीं।
अजय ने अपना लंड निकाला, 8 इंच का मोटा, नसें उभरी हुईं। मम्मी ने देखा तो आंखें फैल गईं। अजय ने मम्मी की टांगें फैलाईं, लंड चूत पर रगड़ा। मम्मी बोलीं नहीं… ये गलत है… लेकिन अजय ने धीरे से धक्का मारा। लंड अंदर गया। मम्मी चीखीं आह्ह्ह्ह… बहुत मोटा है… फिर धीरे-धीरे अजय ने चोदना शुरू किया। ठपठप… ठपठप… मम्मी की चूत से रस बह रहा था।
मम्मी अब मजा ले रही थीं, बोलीं हां… और जोर से… चोदो मुझे… अजय ने स्पीड बढ़ाई, जोर-जोर से पेलने लगा। मम्मी की चुचियां उछल रही थीं। मैं देखता रहा, मेरा लंड भी खड़ा हो गया। अजय ने मम्मी को डॉगी स्टाइल में किया, गांड पकड़कर पेला। मम्मी चिल्लाईं आह्ह्ह… मेरी गांड… लेकिन मजा ले रही थीं। अजय बोला राधिका, तेरी गांड भी मारूंगा एक दिन।
फिर अजय ने मम्मी को गोद में उठाया, दीवार से सटाकर चोदने लगा। मम्मी की टांगें उसके कमर पर लिपटीं, चुदाई जारी। मम्मी बार-बार झड़ रही थीं, चूत कस रही थी। अजय ने कहा मैं आने वाला हूं… मम्मी बोलीं अंदर मत… लेकिन अजय ने जोर से धक्का मारा और अंदर झड़ गया। मम्मी की चूत से माल बह रहा था।
इसके बाद अजय हर हफ्ते आता, मम्मी को चोदता। कभी किचन में, कभी बाथरूम में। मम्मी पूरी चुदक्कड़ बन गईं। वो खुद अजय को बुलातीं, लंड चूसतीं, गांड मारवातीं। मैं सब देखता, कभी-कभी शामिल भी होता लेकिन मम्मी को पता नहीं। मेरी गलती से मम्मी की चुदाई शुरू हुई और अब ये रोज का हो गया।
अब मम्मी अजय के साथ खुश हैं, पापा को पता नहीं। मैं सोचता हूं कि अगर मैंने पैंटी न दी होती तो शायद ये सब न होता। लेकिन अब मम्मी की चुदाई देखकर मुझे भी मजा आता है।
यह मेरी असली कहानी है। क्या आपको लगता है मैंने सही किया? कृपया अपनी राय कमेंट में जरूर बताएं। अगर आपकी भी ऐसी कोई अनोखी अनुभव है तो शेयर करें।