VasnaKahani.com
  • About
  • Advertise With Us
  • Privacy Policy
  • Contact Us
Friday, April 10, 2026
  • रिश्तो में चुदाई
    • Bhai Bahan
    • Bhabhi Sex
    • Bahu / Sasur
    • Bhatiji
    • Aunty
    • Maa-Beta
    • Father
    • Mami Sex
    • Jija Sali / Nanadoi
  • बीबी की ग़ैर मर्द से चुदाई
  • बीबी बदलकर चुदाई
    • दोस्त की बीबी
  • अज़नबी से सेक्स
  • ग्रुप सेक्स
  • गर्लफ्रेंड
  • पड़ोसन चुदाई
  • टीचर स्टूडेंट
  • माँ / चाची / मामी की कहानिया
No Result
View All Result
VasnaKahani.com
No Result
View All Result

दोस्त की मां के साथ पहली चुदाई का रोमांचक अनुभव

March 20th, 2026 - 9:31 PM
in Aunty, Maa-Beta Sex Story
Reading Time: 1 min read
A A

हैलो दोस्तों, यह मेरी वो xxx भाभी चुदाई कहानी नहीं है बल्कि मेरी असली जिंदगी की एक ऐसी घटना है जिसे मैं हमेशा छुपाकर रखना चाहता था, पर आज दिल कर रहा है कि आप सबके साथ शेयर करूं। मेरा नाम अजय है, उम्र 23 साल की है। मैं लखनऊ में रहता हूं और सेक्स के बारे में सोचकर ही मेरा लंड खड़ा हो जाता है। मैं हमेशा चुदाई के खयालों में खोया रहता हूं। ये मेरी वो सच्ची कहानी है जो आज से लगभग 5 साल पहले की है। मेरे सबसे अच्छे दोस्त का नाम रोहन था। उसके घर में उसकी मां, दो बहनें और एक छोटा भाई रहता था। रोहन घर का सबसे बड़ा था। हम दोनों एक ही कॉलेज में पढ़ते थे और साथ में कंप्यूटर कोर्स भी करते थे। मैं अक्सर उसके घर आता-जाता रहता था, लेकिन कभी बुरी नजर से उसकी मां या बहनों को नहीं देखा। रोहन के पापा बैंक में जॉब करते थे और बाकी सब स्कूल-कॉलेज जाते थे।

कॉलेज खत्म होने के बाद रोहन ने सरकारी नौकरी की तैयारी शुरू कर दी। मुझे उसमें कोई इंटरेस्ट नहीं था। रोहन दिन-रात पढ़ाई में जुट गया और आखिरकार उसे अच्छी सरकारी नौकरी मिल गई, पोस्टिंग लखनऊ से बाहर हो गई। लेकिन मेरा रोहन के घर जाना जारी रहा। महीने में एक-दो बार चला जाता था। रोहन की मां, जिन्हें मैं आंटी कहता था, जब भी बाजार से कुछ सामान लाना होता तो मुझे फोन कर देतीं। घर से मार्केट दूर था, इसलिए वो मुझे ही भेजतीं।

ऐसे ही दो साल बीत गए। उन दिनों मेरे पास कोई कमाई का साधन नहीं था, इसलिए पैसे बनाने के लिए मैं 55 Game खेलता था। मैंने इस लिंक से ज्वाइन किया था, ज्वाइन करते ही पहले 100 रुपये डिपॉजिट पर मुझे 500 रुपये एक्स्ट्रा मिले और मैं 600 रुपये आसानी से निकाल लेता था। आज भी मैं इसी सीक्रेट ट्रिक से खेलता हूं और अच्छा पैसा कमा लेता हूं। एक दिन आंटी का फोन आया, बोलीं कि कुछ सामान मंगवाना है। मैंने पूछा क्या लाना है, लेकिन वो खुलकर नहीं बता रहीं थीं। मैंने जोर दिया तो आंटी बोलीं कि क्या तुम मुझे एक ब्रा ला दोगे? मेरी पुरानी ब्रा फट गई हैं और मार्केट जाने का टाइम नहीं मिल रहा। सुनते ही मैं चौंक गया, लेकिन हिम्मत करके पूछा कि किस साइज की? आंटी बोलीं 40 नंबर की। मैंने हां कर दी। फिर आंटी ने कहा किसी को मत बताना। मैंने हिम्मत करके कहा कि एक शर्त पर लाऊंगा, आप पहनकर दिखाओगी तो। आंटी बोलीं पहले ला दो। मैंने शाम को ब्रा खरीद ली और रात भर सोचता रहा कि क्या सच में देख पाऊंगा। अगले दिन सुबह 9 बजे तैयार हो गया। 9:30 बजे आंटी का फोन आया, पूछा कब आओगे? मैंने कहा तैयार हूं, अंकल ऑफिस गए? बोलीं हां, और बच्चे स्कूल गए हैं, दोपहर 1 बजे आएंगे। मैंने बाइक निकाली और 10 बजे पहुंच गया।

इस लिंक

घर में घुसते ही आंटी नाइट गाउन में थीं। उनका फिगर साफ दिख रहा था, मोटे-मोटे बूब्स, उभरी हुई गांड। उस दिन मैंने पहली बार उन्हें सेक्सी नजर से देखा। आंटी ने पानी दिया, मैंने पिया। फिर सामान दिया। आंटी थोड़ी देर बाद सामने बैठ गईं। मैंने कहा ब्रा चेक कर लो। बोलीं बाद में कर लूंगी। मैंने याद दिलाया कि आपने कहा था दिखाओगी। आंटी मना करने लगीं। मैं चुप हो गया, मूड खराब हो गया। आंटी ने पूछा क्या हुआ? मैंने कहा मैंने कितने सपने देखे थे कि आप ब्रा पहनकर दिखाओगी। आंटी बोलीं ठीक है, अभी आती हूं, टीवी देख। 5 मिनट बाद आईं और गाउन ऊपर करके जल्दी नीचे कर दिया। मैं देखता रह गया। आंटी कितनी हॉट लग रही थीं। मैंने कहा जल्दी क्यों, अच्छे से देखने दो। आंटी मना करने लगीं। मैं हिम्मत करके पास गया, कहा पास से देखना है। आंटी मना कर रही थीं, लेकिन मैंने गाउन ऊपर करने लगा। आंटी बोलीं रवि मत करो प्लीज। लेकिन मैं नहीं माना, उन्हें बेड पर लिटाया और गाउन पूरा ऊपर कर दिया। अब आंटी सफेद ब्रा और भूरी पेंटी में थीं। आंखें बंद कर लीं और गाउन नीचे करने की कोशिश करने लगीं।

मैंने हिम्मत करके उनकी ब्रा के ऊपर हाथ फेरा। उनके बूब्स कितने मुलायम थे। आंटी कांप रही थीं। मैंने ब्रा का हुक खोला और बूब्स बाहर निकाल लिए। गुलाबी निप्पल कड़क हो चुके थे। मैंने एक निप्पल मुंह में लिया और चूसने लगा। आंटी की सांसें तेज हो गईं, आह्ह… रवि… क्या कर रहे हो… लेकिन वो रोक नहीं रही थीं। मैंने दूसरा बूब दबाया, चूसा। आंटी की कमर ऊपर उठने लगी। मैंने उनकी पेंटी पर हाथ फेरा, वो गीली हो चुकी थी। मैंने पेंटी नीचे सरकाई। आंटी की चूत पर हल्के बाल थे, गुलाबी और भीगी हुई। मैंने उंगली डाली, आंटी चीखीं, आह्ह… धीरे… मैंने जीभ से चाटना शुरू किया। क्लिट पर जीभ घुमाई, चपचप चपचप। आंटी की टांगें कांपने लगीं, आह्ह… रवि… कुछ हो रहा है… ऊईई… उनका पहला झड़ना आया, रस मेरे मुंह में आ गया। मैंने सब चाट लिया।

अब मेरी बारी थी। मैंने पैंट उतारी, मेरा 7 इंच का मोटा लंड खड़ा था। आंटी ने देखा और आंखें बड़ी कर लीं। बोलीं इतना बड़ा… मैंने कहा चूसो आंटी। आंटी घुटनों पर बैठीं और लंड मुंह में लिया। ग्ग्ग्ग… गोंग… गीईई… चूसने लगीं। मैंने उनका सिर पकड़ा और गले तक डाला। वो खांसने लगीं लेकिन चूसती रहीं। लार लंड पर बह रही थी। फिर मैंने उन्हें बेड पर लिटाया, टांगें फैलाईं और लंड चूत पर रगड़ा। आंटी बोलीं धीरे रवि… मैंने धीमा धक्का मारा। टोपा अंदर गया। आंटी चीखीं, आह्ह… दर्द हो रहा है… मैंने 10-15 बार सिर्फ टोपा अंदर-बाहर किया। फिर एक जोरदार धक्का, पूरा लंड अंदर। आंटी की आंखों में आंसू आ गए, लेकिन फिर मजा आने लगा। बोलीं अब जोर से… चोद मुझे… मैंने स्पीड बढ़ाई। ठपठप… ठपठप… चपचप… आंटी की चूत से रस बह रहा था। मैंने उनकी टांगें कंधे पर रखीं और जोर-जोर से पेला। आंटी चिल्लाईं, हां रवि… और तेज… फाड़ दे मेरी चूत… आह्ह… ऊईई… मैंने उनके बूब्स दबाए, निप्पल मरोड़े। वो और तेज चीखीं। मैंने 200-300 धक्के मारे। आंटी 4-5 बार झड़ चुकी थीं। उनकी चूत लाल हो गई थी, रस से भरी हुई।

फिर मैंने उन्हें डॉगी स्टाइल में किया। गांड ऊपर करके पेलने लगा। हर धक्के में ठपठप की आवाज। आंटी बोलीं मेरी गांड भी चोदो… मैंने पहले चूत में पेला, फिर उंगली से गांड में डाली। आंटी कांप रही थीं। मैंने लंड गांड पर रखा और धीरे से डाला। आंटी चीखीं, आह्ह… बहुत दर्द… लेकिन मैं रुका नहीं। धीरे-धीरे पूरा अंदर। फिर जोर-जोर से चोदने लगा। आंटी की चीखें मजा में बदल गईं, हां रवि… चोद मेरी गांड… मैं तेरी रंडी हूं… मैंने स्पीड बढ़ाई, ठपठप ठपठप। आंटी फिर झड़ गईं। मैं भी झड़ने वाला था। मैंने लंड निकाला और उनके मुंह में डाल दिया। आंटी ने सब निगल लिया। हम दोनों हांफ रहे थे।

उस दिन के बाद हर हफ्ते मैं आंटी के घर जाता। कभी चूत चोदता, कभी गांड, कभी मुंह में। आंटी पूरी चुदक्कड़ बन गईं। वो कहतीं रवि तू आ जा, मुझे चोद। मैं भी लंड लेकर पहुंच जाता। रोहन को कभी पता नहीं चला। अब भी जब मौका मिलता है, आंटी को चोदता हूं। वो मेरी सीक्रेट लवर हैं।

यह मेरी असली कहानी है। क्या आपको लगता है मैंने सही किया? कृपया अपनी राय कमेंट में जरूर बताएं। अगर आपकी भी ऐसी कोई अनोखी अनुभव है तो शेयर करें।

More from Aunty

More from Aunty

  • दिव्या मामी की नाभि की चुदाई

    March 28, 2026
  • आंटी की चूत को जमकर फाड़ा और भोसड़ा बना दिया

    March 20, 2026
  • मेरी भूल से मम्मी की चुदाई हो गई – असली अनुभव

    March 19, 2026
  • कामवाली बाई के साथ छुपी हुई चुदाई की अनोखी रातें

    March 14, 2026
  • रानी आंटी के नंगे दोस्तों के साथ चुदाई का मजा

    March 4, 2026
  • सीमा आंटी के नंगे दोस्तों के साथ मस्ती

    March 1, 2026
  • कुंवारी मौसी की अनकही तड़प

    February 27, 2026
  • माँ के साथ लंड का पहला स्वाद

    February 27, 2026
  • मम्मी ने मौसी की प्यास बुझवाई और मुझे चुदवाया

    February 21, 2026
सभी संबंधित कहानियां लोड हो गई हैं
  • About
  • Advertise With Us
  • Privacy Policy
  • Contact Us
Email: support@vasnakahani.com

© 2017-2026 vasnakahani.com. All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • रिश्तो में चुदाई
    • Bhai Bahan
    • Bhabhi Sex
    • Bahu / Sasur
    • Bhatiji
    • Aunty
    • Maa-Beta
    • Father
    • Mami Sex
    • Jija Sali / Nanadoi
  • बीबी की ग़ैर मर्द से चुदाई
  • बीबी बदलकर चुदाई
    • दोस्त की बीबी
  • अज़नबी से सेक्स
  • ग्रुप सेक्स
  • गर्लफ्रेंड
  • पड़ोसन चुदाई
  • टीचर स्टूडेंट
  • माँ / चाची / मामी की कहानिया

© 2017-2026 vasnakahani.com. All Rights Reserved.