दोस्तों ये मेरी वो सच्ची घटना है जो मैं हमेशा से छुपाकर रखना चाहता था लेकिन आज दिल की बात निकल ही गई। xxx चुदाई कहानी शुरू होती है मेरी दिव्या मामी की नाभि से।
हैलो फ्रेंड्स मेरा नाम राहुल है और मेरी उम्र 24 साल है मैं वाराणसी में रहता हूँ। मेरे घर में हम तीन लोग हैं मैं मम्मी और पापा। दोस्तों मैं बचपन से ही पढ़ाई में आगे रहा हूँ और पढ़ाई में आगे रहने के कारण मुझे घर में कोई भी कुछ नहीं बोलता क्योंकि मैं अपना पढ़ाई का टाइम खुद ही निकाल लेता हूँ। मुझे बचपन से ही औरतों की नाभि बहुत पसंद है। जब मैं छोटा था तब मैं बहुत जिद्दी था और मैं गुस्सा होने के बाद न पढ़ता था और न ही खाना खाता था। फिर मेरी मम्मी मेरे ऊपर बहुत चिल्लाती थी। फिर जब मेरी गर्मियों की छुट्टियाँ शुरू हो गई तब मैं और मेरी मम्मी मेरे मामा के घर लखनऊ चले गए।
फिर मैं एक दिन वहाँ पर ठीक रहा लेकिन दूसरे दिन मैं फिर से खाने में जिद करने लगा तब मेरी मम्मी मुझसे बहुत गुस्सा हुई और चिल्लाने भी लगी लेकिन ठीक उस समय मेरी मामी आ गई और मम्मी से पूछने लगी कि बच्चे पर क्यों चिल्ला रही हो। तब मम्मी ने मामी को सब कुछ बता दिया और तब मामी ने मम्मी से कहा कि अब आप इसको मेरे जिम्मे में छोड़ दो मैं इसको बिल्कुल ठीक कर दूंगी। तब मम्मी ने कहा कि ठीक है और फिर मम्मी वहाँ से चली गई। तभी मामी ने मुझसे पूछा कि राहुल तुम अपनी मम्मी को इतना परेशान क्यों करते हो तो मैंने कुछ जवाब नहीं दिया। फिर मैंने मामी के हाथ से भी कुछ नहीं खाया तभी मामी बोली कि मैं तुझे एक चीज दिखाऊंगी लेकिन तू जब खाना खा लेगा तो। तब मैंने उनसे पूछा कि क्या दिखाओगी आप फिर मामी ने कहा कि तू पहले जल्दी जल्दी खाना खा ले उसके बाद दिखाऊंगी और फिर मैंने जल्दी से खाना खत्म कर दिया।
फिर मामी मुझे अपने बेडरूम में ले गई उस समय घर पर कोई भी नहीं था सब लोग बाहर मंदिर के दर्शन के लिए गए थे। फिर मामी बेड पर लेट गई और उन्होंने अपनी साड़ी का पल्लू हटा दिया और फिर उन्होंने कहा कि देख यह नाभि है। फिर उन्होंने मेरा हाथ उनके पेट पर रख दिया और बोली कि मेरे पेट को मसल तो मैं उनके पेट को दबाने लग गया। फिर उन्होंने कहा कि राहुल अपनी उंगली मेरी नाभि के अंदर डालो तो मैंने उंगली उनकी नाभि के अंदर डाल दी। फिर वो बोली कि जरा इसको सूंघो तो मैं सूंघने लगा तो एकदम मेरी उंगली से उस समय अजीब सी खुशबू आ रही थी लेकिन मुझे कुछ भी एहसास नहीं हुआ और कुछ दिन के बाद मैं वहाँ से अपने घर लौट गया क्योंकि मेरा स्कूल खुलने का समय हो गया था। फिर जैसे जैसे मैं बड़ा होता गया तो मुझे नाभि वाली बात याद आने लगी और मैं सेक्सी बातें करने लगा और जैसे जैसे मैं बड़ा होता गया मैं मेरी मामी की तरफ आकर्षित होने लगा। मेरी मामी की उम्र करीब 35 साल है और उनका फिगर 34-30-36 है और मेरी मामी पहले से बहुत खूबसूरत दिखने लगी है। दोस्तों यह बात तब की है जब मैं एमबीए पहले साल का पेपर देकर फ्री हुआ था तो मेरा मन नहीं लग रहा था तो मैं मामा के घर पर चल गया और वहाँ पर पहुंचने के बाद मैंने मेरे मामा मामी और नानी को नमस्ते कहा और उनके चरण स्पर्श किए। मेरे मामा का बहुत बड़ा बिजनेस है और वो आजकल वाराणसी से बाहर ही रहते हैं और मेरी नानी बहुत बूढ़ी है और मेरी मामी का कोई भी बच्चा नहीं है। जब मैं वहाँ पर पहुंचा तो मेरी मामी ने लाल कलर की साड़ी पहनी हुई थी फिर कुछ घंटे तक मुझे वो बात याद नहीं आई और फिर जैसे ही मामी खाना लेकर ऊपर आई तो मेरी नजर मामी के पेट पर गई और मैं देखकर दंग रह गया कि मामी अपनी साड़ी नाभि से 3-4 इंच नीचे पहनी है। मामी की नाभि को देखते ही मैं टॉयलेट में जाकर मुठ मारकर बाहर आ गया।
फिर अगले दिन मामा बाहर चले गए एक सप्ताह के लिए तो मैंने सोचा कि यही एक अच्छा मौका है मामी को पटाने के लिए। फिर उसी दिन दोपहर में मामी किचन में खाना बना रही थी तो मैंने पीछे से जाकर अचानक से मामी के गाल छू दिए जिससे मामी एक बार डर गई। फिर मैंने पूछा कि मामी क्या बना रही हो तो मामी ने कहा कि तुमको क्या खाना है तो मैंने कहा कि मुझे तो बहुत कुछ खाना है। फिर मामी मुझे देखने लगी और मैं उनको स्माइल देकर चला गया कुछ देर बाद फिर मैं किचन में गया और मामी के पेट को देखकर मेरा लंड खड़ा होने लगा तो मैंने एक मिनट के बाद चुपके से जाकर मामी के पेट को पकड़ लिया और मामी एक सेकंड के लिए डर गई थी और उन्होंने अपना पेट अंदर कर लिया और मैंने अपनी एक उंगली को उनकी साड़ी के पास ले जाकर उनकी नाभि के अंदर डाल दिया। फिर मामी बोली कि चल बदमाश तू मुझे कितना डराता है जा मुझे खाना बनाने दे।
फिर मैं वहाँ से चला गया और मैं पास वाले रूम में जाकर अपनी उंगली को सूंघने लगा वाह क्या मस्त खुशबू आ रही थी। फिर उंगली को सूंघते सूंघते मेरा अचानक से वीर्य निकल गया लेकिन तभी अचानक मामी वहाँ पर आ गई और मुझे देखने लगी और पूछने लगी कि क्या कर रहे हो शैतान मैंने कहा कि कुछ नहीं तो मामी को मुझ पर शक हो गया था। फिर उस दिन मैं पास वाले रूम पर लेटे लेटे सोच रहा था कि मैं मामी को कैसे चोदूं और फिर उनकी नाभि को सोचते सोचते मैंने फिर से मुठ मारी और अगले दिन सुबह उठकर फ्रेश हो गया और फिर मैंने नानी को देखा तो उनकी तबीयत कुछ ठीक नहीं थी तो वो सो रही थी। फिर मैं वहाँ से चला गया और मैंने किचन में देखा तो मामी ऊपर से मिक्सर ग्राइंडर उतार रही थी लेकिन वो थोड़ा ऊपर रखा था जो उनसे नहीं उतर रहा था। तभी मैं वहाँ पर गया और बोला कि मामी क्या हुआ तो वो बोली कि ऊपर से मिक्सर ग्राइंडर उतार रही हूँ। तो मैंने कहा कि क्या आपको हेल्प चाहिए तो वो बोली कि हाँ। फिर मैं बोला कि अच्छा ठीक है मैं आपको आगे से पकड़ता हूँ आप मिक्सर ग्राइंडर उतार लेना। तो वो बोली कि देखकर मुझे गिराना नहीं फिर मैं बोला कि नहीं गिराऊंगा। फिर मैं उनके पीछे खड़ा हो गया और उनके कमर को दोनों हाथों से पकड़ लिया।
मेरे हाथों की गर्मी से मामी का शरीर थोड़ा सा कांप उठा लेकिन उन्होंने कुछ नहीं कहा। मैंने उन्हें हल्का सा सहारा दिया और वो मिक्सर उतारने लगीं। जैसे ही उन्होंने मिक्सर नीचे रखा मैंने अपनी उंगली फिर से उनकी नाभि में डाल दी और धीरे धीरे घुमाने लगा। मामी ने सांस भारी करते हुए कहा कि राहुल क्या कर रहे हो ये गलत है लेकिन उनका स्वर उतना सख्त नहीं था। मैंने कहा कि मामी आपकी नाभि इतनी प्यारी है कि मैं कंट्रोल नहीं कर पा रहा। फिर मैंने उन्हें घुमाकर अपने सीने से लगा लिया और उनके होंठों को चूम लिया। मामी पहले तो विरोध कर रही थी लेकिन धीरे धीरे वो भी मेरे साथ देने लगीं।
मैंने उनकी साड़ी का पल्लू हटाया और उनकी ब्लाउज के हुक खोलने लगा। उनकी गोरी नाभि मेरे सामने एकदम खुली थी। मैंने झुककर उनकी नाभि को चूमना शुरू कर दिया और अपनी जीभ से उसे चाटने लगा। मामी के मुंह से आह निकल गई और उन्होंने मेरे बालों में हाथ फेरने लगी। मैंने उनकी साड़ी नीचे सरकाई और उनकी पैंटी भी उतार दी। अब वो मेरे सामने सिर्फ ब्लाउज और ब्रा में थीं। मैंने अपना लौड़ा बाहर निकाला जो पूरी तरह खड़ा था। मामी ने उसे देखकर कहा कि इतना बड़ा लंड है तेरा। फिर उन्होंने खुद ही अपनी उंगली से अपनी नाभि को छुआ और मुझे इशारा किया।
मैंने उन्हें बेड पर लिटाया और उनकी नाभि में अपना लंड रखकर रगड़ने लगा। वो चुदवाती हुई सी सिसकारियां भर रही थीं। मैंने धीरे से अपना लंड उनकी चूत में डाला और चोदना शुरू कर दिया। मामी की चूत बहुत टाइट थी और वो लगातार कह रही थी कि और जोर से चोद मुझे। मैं तेज तेज चोदते हुए उनकी नाभि को भी चूमता रहा। हम दोनों की चुदाई काफी देर तक चली और आखिर में मैं उनकी नाभि पर ही झड़ गया। मामी भी पूरी तरह संतुष्ट हो गई थीं।
इसके बाद मेरी और दिव्या मामी की चुदाई रोज होने लगी। हम दोनों दिन रात एक दूसरे को चोदते रहते थे और हर बार उनकी नाभि को खास जगह देता था। कभी कभी वो खुद अपनी नाभि में उंगली डालकर मुझे बुलातीं और कहतीं कि आज इस नाभि को चोद दो। मैं उनकी चुदक्कड़ चूत को बार बार चोदता और वो चुदवाने के लिए हमेशा तैयार रहतीं। ये हमारी गुप्त चुदाई का सिलसिला काफी समय तक चलता रहा।
दोस्तों ये थी मेरी दिव्या मामी की नाभि की चुदाई कहानी जो मैंने अपनी जिंदगी में कभी किसी से शेयर नहीं की थी लेकिन आज आप सबके साथ शेयर कर दी। अगर आपको ये xxx चुदाई कहानी पसंद आई हो तो कमेंट में जरूर बताना और बताओ कि आपकी भी ऐसी कोई सच्ची घटना है या नहीं।