हेलो दोस्तों, यह मेरी देसी xxx कहानी है, xxx वाइफ सेक्स कहानी, जो मेरी जिंदगी की वो सच्ची घटना है जिसे मैं हमेशा सबसे छिपाती रही हूं, कभी किसी को बताने की हिम्मत नहीं हुई। मेरा नाम राधा है। मैं एक शादीशुदा औरत हूं। मेरी उम्र 31 साल है। मेरा फिगर 38-29-40 है और मेरी हाइट लगभग 5 फीट है। मैं एक सामान्य गृहिणी हूं, लेकिन मेरे अंदर की आग हमेशा जलती रहती है। अब मैं अपनी कहानी पर आती हूं, जो मेरे जीवन को पूरी तरह बदल देने वाली थी।
मैं एक संयुक्त परिवार में रहती हूं। मेरे पति, बच्चे, सास और ससुर सब साथ ही रहते हैं। यह कहानी आज से करीब 6 साल पहले की है। मेरे सास और ससुर कनाडा चले गए थे, क्योंकि वहां उनके रिश्तेदार रहते थे और वे कुछ महीनों के लिए घूमने गए थे। मेरे पति दुबई में ट्रेनिंग के सिलसिले में गए हुए थे। उन्हें वहां कंपनी ने भेजा था, और वे लगभग एक महीने से बाहर थे। घर में अकेली होने के कारण मैं बहुत बेचैन महसूस कर रही थी। नई-नई शादी हुई थी, मैं जवान थी, और सेक्स की कमी मुझे बहुत सता रही थी। मेरे शरीर में एक अजीब सी गुदगुदी होने लगी थी, जैसे कोई आग सुलग रही हो। मुझे क्या पता था कि पड़ोस के घर में जो नौकर काम करता था, वह मेरी इस कमजोरी का फायदा उठाने वाला था। वह नौकर था, लेकिन उस घर की मालकिन उसे बेटे जैसा मानती थी। वह अक्सर मेरे सुडौल बदन को घूर-घूर कर देखता था, लेकिन मैंने कभी ध्यान नहीं दिया। मैं सोचती थी कि वह बस एक साधारण आदमी है, लेकिन उसके मन में क्या चल रहा था, इसका अंदाजा मुझे बिल्कुल नहीं था। मैं रोजाना घर के कामों में व्यस्त रहती थी, लेकिन शाम को जब अकेली होती, तो पुरानी यादें ताजा हो जातीं।
एक दिन की बात है, मैं बालकनी में खड़ी थी, कपड़े सुखा रही थी। तभी मेरी नजर उस पर पड़ी। वह मुझे घूर रहा था, उसकी आंखों में एक अजीब सी चमक थी। मैंने भी उसकी तरफ देखा, और जाने क्यों, मैं मुस्कुरा दी। शायद मेरी अंदर की बेचैनी ने मुझे ऐसा करने पर मजबूर किया। उसे मेरा सिग्नल मिल गया लगता है। थोड़ी देर बाद वह मेरे घर पर आया और दरवाजे पर दस्तक दी। मैंने दरवाजा खोला, तो वह सीधे अंदर घुस आया। मैं हैरान हो गई। मैंने पूछा, “किससे मिलना है आपको?” उसने बेझिझक जवाब दिया, “तुमसे, यार।” मैं स्तब्ध रह गई, और उसी वक्त उसने मेरे दोनों बोब्स को जोर से दबोच लिया। मैं चीख भी नहीं सकी, बस कांपती रही। उसकी पकड़ इतनी मजबूत थी कि मैं विरोध भी नहीं कर पाई।
फिर उसने कहा, “तुम्हारे बदन को देखकर मैं पागल हो गया हूं, आज तुमने मुझे सिग्नल देकर बहुत अच्छा किया है, मेरी जान।” मैं रोमांचित हो गई, मेरे शरीर में एक电流 सी दौड़ गई। मैं कुछ नहीं कर सकी, बस चुपचाप खड़ी रही। उसने दरवाजा अंदर से बंद किया और मेरे दोनों बोब्स को सहलाते हुए मुझे बेडरूम की तरफ ले गया। मैं खिंची-खिंची चली गई, जैसे कोई सम्मोहन हो। उसने मेरी कमर पर हाथ फेरा और बोला, “मेरी जान, तू मुझे पागल करके ही छोड़ेगी ना?” मैं कुछ कह नहीं सकी, बस सांसें तेज हो गईं। उसने मुझे बेड पर लिटा दिया और मेरे होंठों, गर्दन और बदन पर चूमने लगा। मेरे मुंह से आहें निकलने लगीं। मैं पूरी तरह तैयार हो चुकी थी, मेरी चूत गीली होने लगी थी। मैंने कभी सोचा नहीं था कि ऐसा होगा, लेकिन उस पल में सब कुछ भूल गई।
उसने मेरी साड़ी उतार फेंकी, फिर ब्लाउज भी। उसके बाद पेटीकोट को भी खींचकर निकाल दिया। अब मैं उसके सामने सिर्फ ब्रा और पैंटी में थी। उसी वक्त उसने अपने सारे कपड़े उतार दिए। उसके लंड को देखकर मैं घबरा गई। वह काला, मोटा और लंबा था, लगभग 8.5 इंच लंबा और 2.5 इंच मोटा। लेकिन एक महीने से मैंने कोई लंड नहीं देखा था, इसलिए मैंने आंखें बंद कर लीं। वह अपना लंड मेरी चूत के पास ले आया और मेरे ऊपर झुक गया। मैं उसकी गर्म सांसों को महसूस कर रही थी। उसने धीरे-धीरे लंड को अंदर डालना शुरू किया। मुझे दर्द होने लगा, मैं चिल्लाई, लेकिन उसने अपने होंठ मेरे होंठों पर रख दिए और चूसने लगा। वह मेरे बोब्स को दबा रहा था, और धीरे-धीरे अंदर धकेल रहा था।
शुरू में दर्द हुआ, लेकिन बाद में मजा आने लगा। मैं भी उसके साथ खेलने लगी, अपनी कमर हिलाने लगी। हम आधे घंटे तक ऐसे ही सेक्स करते रहे। मैं झड़ गई, और दो मिनट बाद उसने अपना पूरा वीर्य मेरी चूत में डाल दिया। हम दोनों थककर सो गए। करीब एक घंटे बाद वह उठा, और दूसरी बार मेरे साथ सेक्स किया। इस बार और ज्यादा जोरदार था। वह मेरी चूत को चाट रहा था, उंगलियां डाल रहा था। मैं पागल हो रही थी। फिर वह चला गया। मैं बेड पर पड़ी सोच रही थी कि क्या हो गया। लेकिन अंदर एक संतुष्टि थी।
अगले दिन सुबह 11:15 बजे के आसपास फिर दस्तक हुई। मैंने दरवाजा खोला, वह था। मैंने उसे अंदर आने दिया, दरवाजा बंद किया और उसके पीछे-पीछे बेडरूम में चली गई। उसने मेरे बोब्स सहलाए और बोला, “नंगी हो जा।” वह खुद नंगा हो गया। मैं भी पूरी नंगी हो गई। उसने मेरे निप्पल चूसे, फिर मेरे ऊपर चढ़कर लंड मेरी चूत में घुसेड़ दिया। जोर-जोर से धक्के मारने लगा। मैं आहें भर रही थी, “आह… और जोर से…” हमने लंबे समय तक सेक्स किया, इस बार और ज्यादा उत्तेजना थी। मैंने उसके लंड को सहलाया, चूसा भी थोड़ा।
उसके बाद हम थोड़ी देर आराम करने लगे। वह बातचीत के मूड में था। उसने पूछा, “कैसा लगा खेल और मेरा लंड?” मैं शरमा गई, बोली, “बहुत अच्छा लगा।” वह हंसने लगा। मैंने उससे उसके बारे में पूछा। उसने बताया कि वह उस घर का नौकर है। मैं चौंक गई, मैंने तो सोचा था वह मालिक का बेटा है। फिर मैंने पूछा, “क्या तुम शादीशुदा हो?” उसने कहा, “नहीं, लेकिन वर्जिन भी नहीं हूं।” मेरा दिल तेज धड़कने लगा। मैंने उसकी पूरी कहानी सुनने को कहा।
उसने अपनी पहली कहानी सुनाई, “पहले मेरे घर के सामने वाली घर की नौकरानी से संबंध थे। हम हर रात पति-पत्नी की तरह सोते थे। वह मेरे बच्चे की मां बनने वाली थी, लेकिन उसके मालिक का ट्रांसफर हो गया, अब पता नहीं वह कहां है।” मैं सुनकर हैरान थी। फिर उसने दूसरी कहानी सुनाई, “मेरे ही घर के नीचे फ्लैट की नौकरानी से संबंध थे। मैं दिन में दो बार अपनी हवस मिटाता था। उसे दवा दे रखी थी, इसलिए कोई समस्या नहीं हुई।” मैं और उत्सुक हो गई। दोनों कहानियां सुनकर मैंने पूछा, “और कोई?” उसने कहा, “हां, लेकिन पहले एक बार और सेक्स करें, फिर बताऊंगा।” कहकर उसने मुझे दबोच लिया।
इस बार उसने कहा, “मेरा लंड चूस।” मैं झिझकी, लेकिन उसने मेरे मुंह को पकड़ा, होंठ चूमे, बोब्स दबाए, चूत सहलाई। फिर बोला, “चूस अच्छे से, नहीं तो…” मैं डर गई और चूसने लगी। उसे मजा आ रहा था। वह बोला, “आय रंडी, तेरे पति का लंड इतना मोटा नहीं है क्या? जोर से चूस साली कुत्तिया।” इतने में उसका वीर्य मेरे मुंह में भर गया। उसने कहा, “खा ले सारा।” मैंने खा लिया और लंड चाटकर साफ किया।
उसके बाद हमने कुछ खाया-पिया। फिर उसने मुझे डॉगी स्टाइल में सेक्स किया। जोर-जोर से धक्के, मैं चिल्ला रही थी। हम दोनों झड़ गए। थोड़ी देर आराम के बाद मैंने फिर कहानी पूछी। तीसरी कहानी उसके घर की थी। वह बोला, “मेरी मालकिन के पति भाग गए थे। वह बॉस से काम चलाती थी, लेकिन अब बूढ़ी हो गई। उसने मुझे बेटे जैसा रखा, लेकिन मेरी पहली नौकरानी वाली घटना जानकर वह कभी-कभी मेरे साथ सोती है। अभी भी मैं उसकी इच्छा पूरी करता हूं।” मैं सुनकर चकित थी।
इतना कहकर उसने फिर सेक्स किया। इस बार और लंबा, वह मेरे हर हिस्से को चूम रहा था, चाट रहा था। मैं पागल हो रही थी। फिर मैंने पूछा, “और कितनी कहानियां?” उसने कहा, “अब तेरे साथ वाली बाकी है।” मैं चुप हो गई। उस दिन वह चला गया।
रात को वह शराब पीकर आया। उसने मुझे थप्पड़ मारे, गालियां दीं। फिर सेक्स किया, लेकिन रफ तरीके से। उसके बाद डेढ़ साल तक मैं उसकी रखैल बनी रही। जब मन करता, आता और सेक्स करता। एक बार मैं प्रेग्नेंट हो गई, लेकिन गर्भपात करवा लिया। फिर दवा लेनी शुरू की। अभी भी हफ्ते में 2-4 दिन वह आता है, खासकर जब पति बाहर होते हैं। वह रात भर रहता है, लंड चुसवाता है, वीर्य पिलाता है, गालियां देता है, मेरे शरीर से खेलता है। मैं मजबूर हूं, लेकिन अब आदत हो गई है। कभी-कभी मजा भी आता है।
धन्यवाद।
यह मेरी असली कहानी है। क्या आपको लगता है मैंने सही किया? कृपया अपनी राय कमेंट में जरूर बताएं। अगर आपकी भी ऐसी कोई अनोखी अनुभव है तो शेयर करें।”
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