दोस्तों, ये मेरी देसी xxx कहानी है, एक xxx भाभी चुदाई कहानी जो मेरी जिंदगी की वो सच्ची घटना है जिसे मैंने हमेशा अपने दिल में दबाकर रखा और कभी किसी से शेयर नहीं किया। मेरा नाम राहुल है, मैं 28 साल का हूं, और एक प्राइवेट कंपनी में इंजीनियर हूं। कंपनी ने मुझे मुंबई के एक अपार्टमेंट कॉम्प्लेक्स में फ्लैट अलॉट किया है। मैं अकेला रहता हूं, क्योंकि मेरी फैमिली गांव में है। मेरी जनरल शिफ्ट है, सुबह 9 से शाम 6 तक। मेरे ठीक सामने वाले फ्लैट में एक कपल रहते हैं, उनका नाम राकेश भैया और प्रिया भाभी है। उनके दो बच्चे हैं, एक लड़का 6 साल का और एक लड़की 4 साल की। भैया की उम्र 35 साल है और भाभी की 30 साल। भैया की शिफ्ट ड्यूटी है, कभी दिन की, कभी रात की। मैं यहां आए हुए सिर्फ 3 महीने हुए थे जब ये सब शुरू हुआ। हम सब आपस में काफी घुल-मिल गए थे, क्योंकि मुझे बच्चों से बहुत प्यार है। मैं अक्सर शाम को उनके साथ खेलता, उन्हें चॉकलेट देता, और भाभी से बातें करता। भाभी बहुत मिलनसार थीं, हमेशा मुस्कुराती रहतीं, और उनकी आंखों में एक अजीब सी चमक होती थी जब वो मुझसे बात करतीं। मैंने कभी सोचा नहीं था कि ये सब इतना आगे बढ़ जाएगा, लेकिन अब जब सोचता हूं तो लगता है कि शायद किस्मत ने ही ये सब प्लान किया था।
भाभी का फिगर कमाल का था, गोरी चिट्टी स्किन, लंबे बाल, और सबसे ज्यादा आकर्षक उनकी गांड थी, जो चलते समय ऐसे मटकती थी कि कोई भी देखता रह जाए। उनका रंग हल्का गेहुंआ था, लेकिन चेहरा इतना सुंदर कि फिल्म की हीरोइन लगतीं। भाभी मुझसे हर तरह की बातें शेयर करतीं, घर की, बच्चों की, यहां तक कि भैया के बारे में भी। भैया थोड़े सख्त थे, और भाभी कहतीं कि उन्हें मेरे से इतना बात करना पसंद नहीं, लेकिन मैं समझता था कि ये नॉर्मल है, पति हैं तो जलन तो होगी ही। धीरे-धीरे हमारा रिश्ता और गहरा होता गया। भाभी किसी न किसी बहाने से मेरे फ्लैट में आ जातीं, कभी चाय लेकर, कभी कॉफी, कभी होममेड स्नैक्स। मैं देखता था कि उनकी आंखों में एक अलग सी चाहत है, लेकिन मैं चुप रहता क्योंकि सोचता कि अगर कुछ गड़बड़ हुई तो जॉब पर असर पड़ सकता है, और अपार्टमेंट से निकाल दिया जा सकता है। मैं खुद को कंट्रोल करता, लेकिन रातों में भाभी के बारे में सोचकर मूठ मारता। उनकी गांड का ख्याल आता तो लंड तन जाता। मैंने कभी पहल नहीं की, लेकिन लगता था कि भाभी खुद ही कुछ प्लान कर रही हैं। एक दिन भैया को कंपनी की तरफ से ट्रेनिंग के लिए 20 दिन के लिए दिल्ली जाना पड़ा, और तब से सब बदल गया।
पहला दिन तो नॉर्मल गुजरा। शाम को भाभी मेरे फ्लैट में आईं, चाय दी, थोड़ी बात की, बच्चों के बारे में बताया, और चली गईं। मैंने सोचा कि अकेली हैं, बच्चों की देखभाल कर रही हैं। लेकिन दूसरे दिन सुबह ही भाभी का मैसेज आया कि रात का डिनर मैं बना दूंगी, तुम बाहर मत जाना। मैं हैरान हुआ, लेकिन खुश भी। रात 9 बजे भाभी खाना लेकर आईं, दाल, सब्जी, रोटी, सलाद सब कुछ। वो खुद भी साथ में खाने लगीं। मैंने पूछा, भाभी बच्चों का क्या? उन्होंने कहा, सो गए हैं, मैंने सुला दिया। हम सोफे पर बैठकर टीवी देखते हुए खा रहे थे। भाभी ने लाल रंग की नाइट गाउन पहनी थी, जो थोड़ी ट्रांसपेरेंट थी, और अंदर से उनकी ब्रा की आउटलाइन दिख रही थी। खाते-खाते भाभी ने मेरे कंधे पर हाथ रखा, और बोलीं, राहुल, तुम अकेले रहते हो, कभी बोर नहीं होते? मैंने कहा, होता हूं भाभी, लेकिन क्या करूं। वो हंसकर बोलीं, मैं हूं ना, अब से मैं तुम्हारा ख्याल रखूंगी। उनकी ये बात सुनकर मेरे मन में हलचल मच गई, लेकिन मैं चुप रहा।
मैंने कहा, भाभी, खाना बहुत टेस्टी है, थैंक यू। वो बोलीं, अरे, इसके लिए थैंक यू? मैं तो रोज बना सकती हूं। फिर उन्होंने पूछा, भैया का कॉल आएगा क्या? मैंने कहा, नहीं, वो ट्रेनिंग में बिजी हैं। भाभी मुस्कुराईं और बोलीं, अच्छा है, आज रात हम आराम से बातें करेंगे। हम टीवी पर एक रोमांटिक मूवी देख रहे थे, जिसमें किसिंग सीन आ रहा था। भाभी की सांसें तेज हो रही थीं, मैं महसूस कर रहा था। मैंने चुपके से उनकी तरफ देखा, उनकी आंखें टीवी पर थीं लेकिन चेहरा लाल हो रहा था। मैंने सोचा, शायद मौका है, लेकिन फिर भी मैंने खुद को रोका। भाभी ने अचानक मेरी तरफ मुड़कर कहा, राहुल, तुम्हारी कोई गर्लफ्रेंड है? मैंने कहा, नहीं भाभी, अभी नहीं। वो बोलीं, क्यों, इतने हैंडसम हो, कोई पटाई क्यों नहीं? मैं हंस दिया।
खाना खत्म होने के बाद भाभी ने बर्तन साइड में रखे और बोलीं, अब डेजर्ट? मैंने कहा, क्या है? वो बोलीं, दही लाती हूं। वो किचन से दही लेकर आईं और मेरे बगल में बैठ गईं। दही खिलाते हुए बोलीं, राहुल, तुम्हारे भैया बहुत लकी हैं ना? मैंने कहा, हां भाभी, आप जैसी वाइफ मिली है। लेकिन भाभी का चेहरा उदास हो गया, बोलीं, लेकिन मैं लकी नहीं हूं। मैंने पूछा, क्यों भाभी? उन्होंने कहा, भैया अब मुझ पर ध्यान नहीं देते, हमेशा काम में बिजी, बच्चों में बिजी। मुझे प्यार की कमी महसूस होती है। उनकी आंखों में आंसू आ गए। मैंने उनका हाथ पकड़ा और बोला, भाभी, दुखी मत हो, सब ठीक हो जाएगा। लेकिन भाभी ने मेरा हाथ दबाया और बोलीं, राहुल, तुम समझते हो ना मेरी फीलिंग्स? मैं चुप रहा, लेकिन दिल धड़क रहा था।
भाभी ने ग्रीन कलर की मैक्सी पहनी थी, जो उनके बदन से चिपकी हुई थी। उनकी ये बातें सुनकर मेरा लंड पैंट में खड़ा होने लगा। मैं अक्सर पोर्न वीडियो देखकर अपनी प्यास बुझाता था, लेकिन आज रियल में कुछ होने वाला था। भाभी मेरे और करीब आईं, उनकी सांसें मेरे चेहरे पर लग रही थीं। उन्होंने फुसफुसाकर कहा, राहुल, आई लव यू। मैं स्तब्ध रह गया। वो सोफे पर मेरे बिल्कुल पास बैठ गईं और बोलीं, बताओ, मैं कैसी लगती हूं तुम्हें? मैंने कहा, भाभी, आप बहुत खूबसूरत हैं, मैं तो शुरू से आपको पसंद करता हूं, लेकिन डर लगता था कि कहीं प्रॉब्लम न हो जाए। भाभी ने कहा, कोई प्रॉब्लम नहीं होगी, मैं सब संभाल लूंगी। उनकी ये बात सुनकर मैंने उन्हें अपनी बाहों में भर लिया।
हम दोनों एक-दूसरे को पागलों की तरह किस करने लगे। होंठों पर होंठ, जीभ से जीभ मिला रहे थे। भाभी बोलीं, राहुल, आज मेरी सारी प्यास बुझा दो, आज से मैं तुम्हारी हूं। मैंने कहा, भाभी, यहां सोफे पर या बेडरूम में? वो हंसकर बोलीं, जहां चाहो शुरू करो, वो जगह मेरा बेडरूम है। मैं उन्हें गोद में उठाकर बेडरूम ले गया। बाहर बारिश हो रही थी, ठंडी हवा आ रही थी, रात के 10 बज चुके थे। मैंने उन्हें बेड पर लिटाया और खुद भी लेट गया। हमारी सांसें तेज थीं। मैं उनके होंठ चूसने लगा, गर्दन पर किस किया, वो सिसकारियां भरने लगीं, आह्ह्ह राहुल… मैंने उनकी मैक्सी ऊपर की, अंदर पिंक ब्रा और पैंटी थी। मैंने मैक्सी उतार दी, अब वो सिर्फ ब्रा-पैंटी में थीं। भाभी बोलीं, लाइट बंद कर दो, शर्म आ रही है। मैंने कहा, अब क्या शर्म भाभी? मैंने ब्रा खोल दी, उनके बड़े-बड़े बूब्स बाहर आ गए, गुलाबी निप्पल कड़े हो चुके थे। मैं उन्हें चूसने लगा, एक हाथ से दूसरे को दबाने लगा।
भाभी मुझे किस कर रही थीं, उनके हाथ मेरे शर्ट में घुस गए, उन्होंने शर्ट उतार दी। मैंने पैंट खोली, अंडरवियर से लंड निकाला और उनके हाथ में दे दिया। मेरा लंड 7 इंच लंबा है, मोटा और सख्त। भाभी ने उसे पकड़ा और हिलाने लगीं, बोलीं, वाह राहुल, कितना बड़ा है। मैं उनके बूब्स मसल रहा था, निप्पल काट रहा था, वो आह्ह्ह भर रही थीं।
भाभी ने लंड को जोर-जोर से हिलाया, मैंने उनके पेट पर हाथ फेरा, नीचे पैंटी गीली हो चुकी थी। उन्होंने पानी छोड़ दिया था। मैंने पैंटी उतार दी, उनकी चुत पर हल्के बाल थे, गुलाबी और गीली। मैंने फ्रिज से आइस क्यूब लिए, उनके निप्पल पर रगड़े, पेट पर, वो कांपने लगीं। 10 मिनट ऐसे ही खेला, फिर लंड उनके मुंह में डाल दिया। वो लॉलीपॉप की तरह चूसने लगीं, ग्ग्ग्ग… गोंग… मैंने उनकी चुत में आइस डाली, वो उछल पड़ीं, गांड हिलाने लगीं। मेरा वीर्य निकल गया, भाभी ने सारा पी लिया, बोलीं, टेस्टी है।
मैंने खुद को साफ किया, फिर उनकी चुत चाटने लगा, जीभ अंदर डाली, क्लिट चूसी। भाभी चिल्लाईं, राहुल, कुत्ते, अब चोद भी, तड़पा मत। मैंने कहा, मेरी रंडी भाभी, तुमने लंड से सारा माल निकाल दिया, अब चूसकर खड़ा करो। वो जोर-जोर से चूसने लगीं, लंड फिर तन गया। मैं ऊपर आया, लंड चुत पर रगड़ा, फिर धीरे से अंदर डाला। भाभी की आह निकली, आह्ह्ह राहुल, धीरे… मैंने स्पीड बढ़ाई, ठप ठप की आवाज आने लगी।
भाभी बोलीं, और जोर से चोद, फाड़ दे मेरी चुत को, बहनचोद। मैं जोश में आ गया, उन्हें घोड़ी बनाया, पीछे से पेलने लगा। गांड मटक रही थी, मैंने उंगली गांड में डाली, वो और चिल्लाईं। फिर दो उंगलियां डालीं, भाभी पागल हो गईं। मैंने कहा, मेरा निकलने वाला है। बोलीं, चुत में ही डाल। मैं झड़ गया, उनके ऊपर लेट गया। हम हांफ रहे थे, पसीने से तर।
उस रात हमने सुबह 5 बजे तक 4 बार चुदाई की। अलग-अलग पोजिशन में, डॉगी, मिशनरी, काउगर्ल। भाभी बोलीं, राहुल, तुम इतने हॉट हो, कभी सोचा नहीं था। अगले 18 दिन हमने रोज चुदाई की, कभी मेरे फ्लैट में, कभी उनके। भैया की नाइट शिफ्ट पर भी अब वो आतीं, हम जमकर चोदते।
अब मैं आगे की कहानी में बताऊंगा कि कैसे मैं भाभी और उनकी सहेली को एक साथ चोदता हूं, क्योंकि उनकी सहेली के पति भी भैया के साथ काम करते हैं, और उनकी शिफ्ट एक साथ होती है। दोनों रंडियां बन गईं हैं मेरी।
यह मेरी असली कहानी है। क्या आपको लगता है मैंने सही किया? कृपया अपनी राय कमेंट में जरूर बताएं। अगर आपकी भी ऐसी कोई अनोखी अनुभव है तो शेयर करें।”
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