हाय दोस्तों, यह एक देसी xxx कहानी है, खासकर xxx बहन की चुदाई कहानी, जो मेरी जिंदगी की वो सच्ची घटना है जिसे मैं सालों से दिल के किसी कोने में दबाकर रखे हुए था, कभी किसी को बताने की हिम्मत न हुई। मेरा नाम अजय है, उम्र 22 साल, उत्तर प्रदेश के एक छोटे से शहर से हूं। मेरा लंड 7 इंच का है, मोटा और हमेशा तैयार रहने वाला। ये हादसा करीब दो महीने पहले का है। मेरी चचेरी बहन का नाम रिया है, उम्र 21 साल, वो मेरे ताऊजी की बेटी है। दिखने में तो वो किसी फिल्मी हीरोइन से कम नहीं, कातिलाना फिगर, गांड इतनी रसीली कि देखते ही मन करता है छू लूं, चुचे बड़े-बड़े और सेक्सी, कुल मिलाकर एक चलता-फिरता सेक्स बॉम्ब। वो दिल्ली में पढ़ाई कर रही थी, सेमेस्टर ब्रेक पर घर आई थी। मैं उसे छह महीने बाद देख रहा था, और अब वो पूरी तरह बदल चुकी थी, एकदम चुदक्कड़ सी लग रही थी।
मैं उसे देखते ही बहुत खुश हो गया। वो भी मुझे देखकर चहक उठी और दौड़कर गले लग गई। न चाहते हुए भी उसके कोमल चुचों का स्पर्श मेरे सीने पर लगा, एक电流 सा दौड़ गया। लेकिन उस वक्त मेरे मन में उसके लिए कोई गलत ख्याल नहीं था। हम दोनों हमेशा से फ्रैंक रहे हैं, उम्र में करीब होने की वजह से बहुत क्लोज भी। घर आते ही वो मेरे साथ घंटों बातें करने लगी, पुरानी यादें ताजा करने लगीं। शाम को हम बगीचे में टहलने गए, हल्की बारिश हो रही थी, उसके गीले बालों से पानी टपक रहा था, साड़ी उसके बदन से चिपक गई थी, उसके कर्व्स साफ दिख रहे थे। मैंने नजरें हटा लीं, लेकिन दिल की धड़कन तेज हो गई।
एक दिन मैं अपने कमरे में बैठा फोन पर चैटिंग कर रहा था। तभी रिया अंदर आई और मेरे बगल वाली कुर्सी पर बैठ गई। हम इधर-उधर की बातें करने लगे – कॉलेज की, दोस्तों की, फिल्मों की। हम बिल्कुल पास-पास बैठे थे। अचानक मन में शरारत सूझी, मैंने एक पंख उठाया और उसके कान के पीछे गुदगुदी करने लगा। वो चौंक गई, हंसने लगी, \”अरे अजय, क्या कर रहे हो!\” लेकिन धीरे-धीरे वो मजे लेने लगी। उसके चेहरे पर वो हल्की सी लाली, आंखें बंद, होंठ काटे हुए – लग रहा था जैसे उसे बहुत अच्छा लग रहा हो। मैंने पंख को उसके गले पर फेरा, फिर कंधे पर। वो हिलने लगी, लेकिन दूर न हुई।
मुझे जरा भी अंदाजा न था कि लड़कियों को कान के पीछे छेड़ने से इतनी गर्मी आ जाती है। मैंने पंख हटाया तो उसने आंखें खोलीं और मुझे एक शरारती स्माइल दी। मैंने भी हंस दिया। तभी मेरे पापा अंदर आ गए, \”बच्चों, डिनर का टाइम हो गया।\” हमारा ये छोटा सा एपिसोड यहीं खत्म हो गया। लेकिन मेरे मन में कुछ हलचल सी मच गई थी। रात को सोते वक्त रिया का चेहरा बार-बार आंखों के सामने घूमने लगा।
हमारे घर में तीन कमरे हैं – एक मम्मी-पापा का, एक मेरा, और एक मेरी असली बहन प्रिया का। रिया प्रिया के कमरे में ठहरी हुई थी। हर कमरे में अटैच्ड टॉयलेट और बाथरूम है। रात को सब सो चुके थे, मैं अपने बिस्तर पर करवटें बदल रहा था। तभी अचानक मेरे कमरे का टॉयलेट लीक करने लगा। पानी रूम में भरने लगा। मम्मी ने कहा, \”अजय, आज तू प्रिया के कमरे में ही सो जा।\” मेरी तो जैसे किस्मत खुल गई। रिया ने ये सुनकर मुझे देखा और हल्की सी स्माइल दी। मेरे होश उड़ गए।
रात के 10 बजे डिनर खत्म किया। थोड़ी देर टीवी देखा, फिर सोने चले गए। बेड पर मैं एक कोने में लेटा, बीच में प्रिया, और दूसरी तरफ रिया। मैं बहुत एक्साइटेड था, सोच रहा था आज जरूर कुछ होगा। रात के 1 बजे तक मैंने सोने का नाटक किया। फिर चुपके से प्रिया को चेक किया – वो गहरी नींद में सो रही थी। मैं धीरे से उठा और रिया के पास सरका।
उसकी आंखें बंद थीं, चेहरा चांदनी रात में और भी खूबसूरत लग रहा था। मैंने फिर से उसके कान के पीछे उंगली से गुदगुदी की। कोई रिएक्शन न मिला, लगा सो रही है। फिर मैंने जीभ से उस जगह को चाटना शुरू किया। वो थोड़ा हिली। मुझे पता चल गया कि जागी हुई है। बिना देर किए मैंने उसके होंठों पर अपने होंठ रख दिए। मैं उसके निचले होंठ को चूस रहा था, वो ऊपरी को। उसे किस करना ठीक से न आता था, लेकिन वो मेरे साथ ही कर रही थी। मैंने जीभ उसके मुंह में डाली, उसकी जीभ से खेलने लगा। फिर उसकी जीभ को अपने मुंह में लिया और चूसने लगा। ये फ्रेंच किस मेरी जिंदगी का सबसे इंटेंस मोमेंट था।
किस करते-करते मैं उसके चुचों पर हाथ फेरने लगा। बहुत सॉफ्ट और बड़े। उसने चेन वाला टॉप पहना था, मैंने चेन खींच दी। रूम में लाइट कम थी, लेकिन उसके निप्पल्स हार्ड हो चुके थे, साफ दिख रहे थे। मैंने तुरंत मुंह लगाया और चूसने लगा। चुचे चूसते हुए मैंने हाथ उसके पजामे के अंदर डाल दिया, चूत को सहलाने लगा। वो गीली हो चुकी थी। हम रासलीला में मग्न थे कि अचानक प्रिया ने करवट ली। हम दोनों की जान में जान आई। मैं फुर्ती से अपनी तरफ भागा और सोने का ढोंग करने लगा।
पांच मिनट बाद प्रिया उठी और बाथरूम चली गई। मैंने रिया की तरफ देखा, वो हंस रही थी। मैंने फुसफुसाया, \”बच गए आज तो।\” प्रिया लौटी और फिर सो गई। हम भी लेटे रहे, लेकिन नींद न आई। सुबह घड़ी में 10 बज चुके थे। सब शिर्डी घूमने की तैयारी कर रहे थे। नौकर ने बताया सब जा रहे हैं। मैं निराश हो गया, सोचा अब रिया को चोदने का मौका कहां मिलेगा। रिया भी उदास लग रही थी।
हम सब तैयार होकर निकलने वाले थे कि रिया का सीढ़ियों से पैर फिसल गया। वो दो सीढ़ियां लुढ़क गई। सब दौड़े, उसके पैर में मोच आ गई। सबने ट्रिप कैंसल करने का सोचा, लेकिन रिया ने मना कर दिया, \”आप लोग जाइए, मेरी वजह से सबकी छुट्टी खराब न हो।\” मैंने मौके का फायदा उठाया, मम्मी से कहा, \”मैं रिया के साथ रुक जाता हूं, वैसे भी वो कुछ दिनों में चली जाएगी, थोड़ा टाइम स्पेंड कर लूंगा।\” सब मान गए और चले गए।
सबके जाते ही मैंने गेट लॉक किया और रिया को देखकर मुस्कुराया। उसने भी स्माइल दी। चोट ज्यादा नहीं थी, बस हल्की मोच। मैंने तेल से मालिश की। वो आराम से लेटी रही, मैं उसके पैर सहला रहा था। मालिश करते हुए मेरा हाथ ऊपर सरक गया, जांघों पर। वो शरमाई, लेकिन न रुकी। तेल रखने किचन गया, लौटा तो रिया दीवार की तरफ मुंह करके खड़ी थी। मैं पीछे से गले लग गया, कान में फुसफुसाया, \”तुम बहुत हॉट लग रही हो।\” वो बोली, \”सच में?\” मैंने हां कहा और गर्दन पर किस करने लगा।
उसकी बॉडी की खुशबू मुझे मदहोश कर रही थी। मैंने उसे घुमाया, सिर नीचे था, आंखें बंद। मैंने चेहरा ऊपर किया और होंठों पर होंठ रख दिए। किस धीरे-धीरे पैशनेट हो गया। पहले सॉफ्ट किस, फिर जीभों का खेल। सेक्स का नशा हमें घेर गया। मेरे हाथ उसके चुचों पर, हार्ड निप्पल्स को टॉप के ऊपर से मसल रहा था। वो सिसकारियां ले रही थी, \”आह अजय…\” मैंने उसका हाथ अपनी जिप पर रखा। वो पैंट के ऊपर से लंड दबाने लगी। मैंने टॉप उतार दिया।
ब्रा में बंद चुचे मेरे सामने। मैंने ब्रा के ऊपर से चूसना शुरू किया। किचन से पानी की बोतल लाया, उसके चुचों पर डाला और चाटा। वो मजे में तड़प रही थी। फिर जीनズ उतारी, पैंटी के ऊपर से चूत दबाई – पूरी गीली। पैंटी उतारी, क्लीन शेव्ड चूत, गोरी चिकनी। मैं झुका, सूंघा, जीभ से चाटा। नाभि पर जीभ फेरी। वो चीखी, \”ओह्ह्ह… आह्ह्ह…\” इस बीच उसने मेरा पैंट खोला, चड्डी में हाथ डालकर लंड सहलाया। फिर पैंटी में पानी डाला और चाटा।
मैंने उसे बेड पर लिटाया, लंड मुंह में दिया। जैसे ही मुंह में लिया, मैं पागल हो गया। होंठ लंड पर ऊपर-नीचे। हम 69 पोजीशन में। मैं चूत चाटा, वो झड़ गई, रस चाट लिया। फिर मैंने सिर पकड़ा, मुंह चोदने लगा। 5-6 मिनट बाद स्पर्म मुंह में डाला, वो पी गई। फिर किस, फोरप्ले। वो गिड़गिड़ाई, \”प्लीज अजय, लंड चूत में डाल दो।\” मैंने तकिया गांड के नीचे रखा, पैर फैलाए।
लंड चूत के छेद पर रगड़ा। वो खुद पकड़कर अंदर सरकाया। सुपड़ा अंदर चला गया। चीखी, \”बाहर निकालो, दर्द हो रहा है!\” मैंने किस से शांत किया, चुचे दबाए। धीरे-धीरे पूरा लंड अंदर। खून निकला, सील टूटी। दर्द से वो रोई, लेकिन फिर मजा आने लगा। \”अब चोदो अजय, जोर से।\” मैंने स्पीड बढ़ाई, ठपक-ठपक। चपचप की आवाज। वो झड़ी, रस बहा। मैंने पोजीशन चेंज की – डॉगी, काउगर्ल। घंटों चुदाई चली। आखिर में मैं झड़ा, चूत में।
उसके बाद हम नंगे लिपटे रहे। बातें कीं, हंसे। दोपहर तक फिर चुदाई। शाम को खाना बनाया, साथ खाया। रात को फिर रासलीला। अगले दिन सब लौटे, लेकिन हमारी सीक्रेट जारी रही। हर बार मौका मिला, चोदते रहे। रिया चली गई, लेकिन यादें ताजा हैं।
यह मेरी असली कहानी है। क्या आपको लगता है मैंने सही किया? कृपया अपनी राय कमेंट में जरूर बताएं। अगर आपकी भी ऐसी कोई अनोखी अनुभव है तो शेयर करें।”
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