यह मेरी वो सच्ची कहानी है जिसे मैं हमेशा छुपाकर रखना चाहता था, लेकिन आज दिल कर रहा है कि सबको बता दूं। xxx हॉट देसी स्टोरी सुनने के लिए तैयार हो जाओ। मेरा नाम राहुल है और मैं कानपुर का रहने वाला हूं। उस समय मैं 22 साल का था और कॉलेज की छुट्टियों में घर आया हुआ था। घरवालों ने बहुत लाड़-प्यार किया, खूब खाना खिलाया। हमारे पड़ोस में एक पंजाबी फैमिली रहती थी, उनके अंकल और मेरे पापा एक ही ऑफिस में काम करते थे। दोनों घरों में अच्छी दोस्ती थी, आने-जाने का सिलसिला लगा रहता था। उनके घर में तीन बच्चे थे – एक बड़ा भाई जो दिल्ली में पढ़ाई कर रहा था, और दो बहनें सिमरन और डिम्पल, दोनों लगभग एक ही उम्र की, 19-20 साल की। दोनों गोरी-चिट्टी और फिगर वाली थीं, लेकिन डिम्पल का फिगर कमाल का था – बड़े-बड़े बूब्स, पतली कमर और गोल मटोल गांड।
मेरे लोकल दोस्तों को पता था कि दोनों बहनें काफी चालू टाइप की हैं। मैं बाहर रहता था तो ज्यादा नहीं मिलता था, लेकिन फोन पर उनकी बातें सुनकर अंदाजा हो जाता था। शाम को हम सब मिलकर बैडमिंटन खेलते थे। मुझे सबसे ज्यादा मजा तब आता जब डिम्पल दौड़-दौड़कर शॉट मारती, उसके बूब्स ऊपर-नीचे लहराते और मैं जानबूझकर उसे ज्यादा दौड़ाता ताकि वो हिलते हुए दिखें। एक रात नींद नहीं आ रही थी, मैं छत पर चला गया। रात के करीब 2 बज रहे थे। मैं हेडफोन लगाकर गाना सुन रहा था। अचानक पास की छत से फुसफुसाहट सुनाई दी। मैं चुपके से देखा तो डिम्पल छत पर खड़ी किसी से बात कर रही थी। नीचे एक लड़का खड़ा था। वो फोन पर नहीं, सीधे बात कर रही थी। मुझे लगा बॉयफ्रेंड होगा।
उस दिनों मेरे पास कोई कमाई का साधन नहीं था, इसलिए पैसे बनाने के लिए मैं 55 गेम खेलता रहता था। मैंने इस लिंक से ज्वाइन किया था, ज्वाइन करते ही पहले 100 रुपए डिपॉजिट पर 500 एक्स्ट्रा मिले और मैं 600 आसानी से निकाल लेता था। आज भी मैं उसी सीक्रेट ट्रिक से खेलता हूं और अच्छा-खासा कमा लेता हूं। तभी शरारत सूझी, मैंने मोबाइल निकाला और फ्लैश मार दिया जैसे कोई फोटो खींच रहा हो। डिम्पल डर गई, लड़का भाग गया और वो भी घबराकर अंदर जाने लगी। मैंने आवाज लगाई, ‘डिम्पल, नींद नहीं आ रही क्या? रात के 2 बज गए।’ वो बोली, ‘नहीं, बस ऐसे ही।’ मैंने कहा, ‘जो तू कर रही थी, वो मेरे फोन में कैद हो चुका है।’ वो समझ गई और डरते हुए बोली, ‘भैया प्लीज डिलीट कर दो, बस ऐसे ही था।’ मैंने शरारत से कहा, ‘अगर दिखाऊंगा तो कुछ नहीं मिलेगा, नहीं दिखाऊंगा तो भी कुछ नहीं। तो क्या करूं?’ वो बोली, ‘आपको क्या चाहिए?’ मैंने कहा, ‘अपना टॉप और ब्रा ऊपर कर।’ वो हैरान हो गई और मना करने लगी।
मैंने कहा, ‘ठीक है, सो जा और कल बहाना सोच लेना।’ वो डरकर आंखें बंद करके टॉप और ब्रा ऊपर कर दी। मैं दूर छत पर था, छू नहीं सकता था, बस जी भरके उसके बड़े-बड़े गोरे बूब्स और गुलाबी निप्पल देखता रहा। फिर बोला, ‘जा सो जा, मैं तेरे सामने डिलीट करता हूं।’ लेकिन मैं असली मौके का इंतजार करने लगा। 2-3 दिन बाद आंटी मेरे घर आईं गप्पें मारने। मैंने बहाना बनाकर उनके घर पहुंच गया, कंडोम जेब में डाले हुए। सोचा आज तो डिम्पल को चोद ही दूंगा। सिमरन कॉलेज गई हुई थी, मां आंटी के घर पर। मौका सुनहरा था, लेकिन सिर्फ 1-1.5 घंटे का। डिम्पल मुझे देखकर डर गई, बोली, ‘मम्मी तो आपके घर गई हैं।’ मैंने कहा, ‘पिक्चर तेरे सामने डिलीट करनी है।’ वो बोली, ‘हां कर दीजिए प्लीज।’ मैंने अचानक हाथ बढ़ाकर उसके बूब्स दबा दिए। वो पीछे हटी। मैंने कहा, ‘बस यही रास्ता है, साथ दे तो दोनों खुश।’ वो मना करती रही, मैंने कहा, ‘ठीक है, बहाने सोच ले।’ वो डरकर टॉप और ब्रा उतार दी, बूब्स मेरे सामने लटक रहे थे। मैंने दबाए, निप्पल मुंह में लेकर चूसने लगा। 15 मिनट तक चूसता रहा।
फिर बोला, ‘लेट जा।’ वो फिर मना करने लगी। गुस्सा आया, मैं उठा और बोला, ‘मुझे कोई काम नहीं, जा घर पर जवाब दे।’ वो घबरा गई, आंखें बंद करके लेट गई। मैं वापस आया, टी-शर्ट उतारी, उसके ऊपर लेट गया। होंठों पर किस करने लगा, स्मूच करता रहा, बूब्स दबाता रहा। उसके बूब्स मेरी छाती से दब रहे थे, मजा आ रहा था। देर तक किसिंग के बाद हाथ उसकी चूत पर रखा, जींस के ऊपर से सहलाने लगा। वो सिसक रही थी। फिर हाथ जींस के अंदर डाला, चूत मुलायम थी, गीली होने लगी। मैं पागल हो रहा था। उसकी सिसकियां मेरे जोश को बढ़ा रही थीं। मैंने जींस का बटन खोला, जिप नीचे की, पैंटी सरकाई। उसकी चूत गुलाबी और साफ थी, हल्के बाल। मैंने उंगली डाली, वो कराह उठी, ‘आह्ह राहुल… धीरे…’ मैंने दो उंगलियां अंदर-बाहर करने लगी, चपचप की आवाज आने लगी। वो कमर उठा रही थी।
मैंने अपना लंड बाहर निकाला, 7 इंच का मोटा, नसें फूली हुईं। डिम्पल ने देखा तो आंखें फैल गईं। मैंने कहा, ‘अब असली मजा।’ वो डर रही थी लेकिन रोक नहीं रही थी। मैंने कंडोम चढ़ाया, उसके पैर फैलाए, लंड चूत पर रगड़ा। धीरे से टोपा अंदर किया। वो चीखी, ‘आह्ह… दर्द हो रहा है… बहुत मोटा है…’ मैंने धीरे-धीरे पूरा अंदर किया। उसकी चूत टाइट थी, जैसे पहली बार हो। खून की हल्की लकीर निकली। मैं रुक गया, फिर धीरे-धीरे धक्के मारने लगा। ठप ठप… चपचप… वो कराह रही थी, ‘आह्ह… राहुल… धीरे… मजा आ रहा है…’ स्पीड बढ़ाई। उसके बूब्स उछल रहे थे। मैंने एक बूब मुंह में लिया, चूसते हुए पेलता रहा। वो अपनी टांगें मेरी कमर पर लपेट रही थी। ‘और जोर से… चोद मुझे… आह्ह…’ मैं जोर-जोर से धक्के मार रहा था। कमरे में सिर्फ ठपठप और उसकी चीखें।
मैंने उसे पलटा, डॉगी स्टाइल में लिया। उसकी गांड ऊपर, मैंने पीछे से लंड डाला। पूरा अंदर गया। वो चिल्लाई, ‘आह्ह… फाड़ दोगे… लेकिन मत रुकना…’ मैंने कमर पकड़ी, जोरों से पेलने लगा। उसके बूब्स लटककर हिल रहे थे। मैंने एक हाथ से क्लिट सहलाई। वो झड़ने लगी, ‘आह्ह… मैं झड़ रही हूं… ऊईई…’ चूत कस गई, रस बहा। मैं रुका नहीं, और तेज चोदा। 20-25 मिनट तक चुदाई चलती रही। वो 3-4 बार झड़ चुकी थी। मैंने कहा, ‘अब मैं आने वाला हूं।’ वो बोली, ‘अंदर मत… बाहर…’ लेकिन मैंने जोर से धक्का मारा और कंडोम में झड़ गया। दोनों हांफ रहे थे। मैंने लंड निकाला, वो लेटी रही, चूत से रस बह रहा था।
उसके बाद हमने कई बार किया। हर छुट्टी में मौका ढूंढता। कभी छत पर, कभी घर में। डिम्पल अब मेरी हो चुकी थी। उसके निप्पल मेरे फेवरेट थे, हमेशा चूसता। वो भी अब शरारती हो गई थी, खुद बुलाती। एक बार तो दिन में ही चुदाई की जब घर वाले सो रहे थे। उसकी चुदाई की लत लग गई थी। अब वो मेरी xxx बहन की चुदाई कहानी जैसी बन गई है, लेकिन वो पड़ोस वाली है। मैं आज भी याद करता हूं उन दिनों को।
यह मेरी असली कहानी है। क्या आपको लगता है मैंने सही किया? कृपया अपनी राय कमेंट में जरूर बताएं। अगर आपकी भी ऐसी कोई अनोखी अनुभव है तो शेयर करें।
