हेलो दोस्तों, कैसे हो आप सब? यह मेरी देसी हिंदी सेक्स कहानी है, जो मेरी जिंदगी की एक सच्ची घटना है जिसे मैंने हमेशा अपने दिल में दबाकर रखा था, लेकिन आज आपके साथ शेयर कर रहा हूं क्योंकि अब इसे छिपाना मुश्किल हो रहा है। मैं इस साइट का नियमित पाठक हूं और मुझे यहां भाई-बहन या गर्लफ्रेंड वाली कहानियां बहुत पसंद आती हैं। तो दोस्तों, मैं आपको ज्यादा बोर नहीं करूंगा और सीधे अपनी कहानी पर आता हूं।
मेरा नाम राज है, उम्र 25 साल, और मैं लखनऊ में रहता हूं। मैं एक सामान्य लड़का हूं, लेकिन ऐसी बातें सिर्फ आप जैसे लोगों के साथ ही शेयर कर सकता हूं, क्योंकि किसी और से तो नहीं। यह कहानी अभी हाल ही की है, जब मैं लखनऊ से मुंबई जाने के लिए राजधानी एक्सप्रेस में थर्ड एसी का टिकट बुक करवाया था। मैं हमेशा ट्रेन में सफर करना पसंद करता हूं क्योंकि वहां नई-नई मुलाकातें होती हैं, और कभी-कभी कुछ अनोखा हो जाता है। उस दिन मैं थोड़ा उत्साहित था, क्योंकि काम के सिलसिले में मुंबई जा रहा था, लेकिन मन में कुछ रोमांच की तलाश भी थी।
जैसे ही मैं स्टेशन पहुंचा, मेरी नजरें चारों तरफ लड़कियों को तलाशने लगीं। मैंने एक लड़की देखी जो लाल टाइट टी-शर्ट और नीली जींस में थी, यार क्या फिगर था उसका, बिल्कुल मस्त माल लग रही थी। उसके बूब्स एकदम नुकीले और टाइट दिख रहे थे, और गांड इतनी मस्त कि देखते ही मन करे छू लूं। मैं काफी देर तक उसे घूरता रहा, साथ ही अन्य लड़कियों को भी देख रहा था। तभी ट्रेन आ गई। मैं ट्रेन में चढ़ा और अपनी बर्थ ढूंढने लगा। मेरी बर्थ ऊपर वाली थी, और नीचे वाली बर्थ पर एक परिवार जा रहा था। उस परिवार में दादा-दादी, मां, दो बच्चे और एक कमाल की फिगर वाली लड़की थी, जिसकी उम्र करीब 19 साल होगी। मैंने उसे देखा तो बस देखता ही रह गया, उसकी सादगी और खूबसूरती में कुछ जादू था।
मैंने उसे ताड़ना शुरू कर दिया। उसके बूब्स छोटे लेकिन आकर्षक, होंठ मस्त, गांड फूली हुई और जांघें औसत लेकिन सेक्सी। उसने टी-शर्ट और स्कर्ट पहनी थी, जिससे उसके सुंदर पैर साफ दिख रहे थे। मैंने सोचा, परिवार साथ है तो कुछ नहीं कर पाऊंगा, लेकिन मन तो मन है। खैर, मैं अपनी ऊपर वाली बर्थ पर चढ़ गया और ट्रेन चल पड़ी। परिवार से थोड़ी-बहुत बात हुई, लेकिन मेरी नजर तो उस लड़की पर टिकी थी। वो अपने दोनों भाइयों के साथ खेल रही थी, बातें कर रही थी, और कभी-कभी मुझे भी देखती। मैं ऊपर था, लेकिन मन में खयाल आ रहे थे कि काश कुछ हो जाए।
मैं नीचे झांककर देखता और उसकी चूचियों का मजा लेता, साथ ही अपना लंड दबाता। ऐसे ही एक-डेढ़ घंटा बीत गया। मैंने साथ में कोल्ड ड्रिंक में वोडका मिक्स करके लाया था, तो धीरे-धीरे पीने लगा। फिर अपना लैपटॉप खोला और कुछ वीडियो सॉन्ग लगा दिए। एक-डेढ़ घंटा और बीता, अब वोडका का नशा चढ़ने लगा। नीचे परिवार सोने की तैयारी कर रहा था। मैंने देखा कि वो लड़की सोने के लिए मेरे सामने वाली ऊपर की बर्थ पर आ गई। मैं वीडियो देख रहा था, उसने मेरी तरफ लेटकर वीडियो देखने की कोशिश की। मैंने लैपटॉप का स्क्रीन थोड़ा उसकी तरफ कर दिया और बाकी वोडका पीने लगा। नीचे सब सो गए, सिर्फ वो जाग रही थी। मैंने इशारे से पूछा कि वीडियो दिख रहा है? उसने हां में सिर हिलाया। अब मैंने सेक्सी सॉन्ग लगा दिया। पूरी बोगी सो चुकी थी, चारों तरफ अंधेरा। सेक्सी वीडियो से मेरा लंड खड़ा हो गया, मैं हाथ से दबाकर शांत कर रहा था। मैंने और डिटेल से वीडियो देखा, जिसमें लड़कियां डांस कर रही थीं, और मन में उस लड़की की इमेज आ रही थी।
अब वो लड़की मुझे माल लगने लगी। मैंने सोचा, क्यों न इसके साथ मजा किया जाए। मैंने देखा वो अभी भी गौर से वीडियो देख रही है। मैंने चारों तरफ देखा, सब सो गए। तो मैंने लैपटॉप थोड़ा अपनी तरफ कर लिया ताकि उसे ठीक से न दिखे। वो इधर-उधर होकर देखने लगी। मैंने और अपनी तरफ किया, और जाहिर किया कि रखने में तकलीफ है। धीरे से बोला, कुछ देर لپटॉप पकड़ो। उसने हां में सिर हिलाया, मैंने दे दिया। अब मैंने सोचा कि प्लान काम कर रहा है, दिल की धड़कन तेज हो गई थी, नशा और रोमांच मिलकर मुझे पागल बना रहा था।
कुछ देर ऐसे चला, फिर उसे दिक्कत हुई। मैंने धीरे कहा, मेरी बर्थ पर आ जाओ, लैपटॉप रख दो ताकि दोनों देखें। उसने सोचा, नीचे देखा, सब सो रहे थे, फिर आ गई। मैंने कंबल से ढक दिया। हम ऐसे लेटे कि उसकी गांड मेरी तरफ। मुझे मजा आ गया। सोचा, आज इसकी मुलायम गांड सहलाकर मजा लूं। हम वीडियो देखने लगे, वो मुझसे चिपक गई। मैंने उसके शरीर की गर्मी महसूस की, मन में हजारों खयाल आए कि आगे क्या-क्या करूं।
धीरे से नाम पूछा, उसने प्रिया बताया। उसकी गांड की गर्मी से मेरा लंड टाइट। मैंने एडजस्ट करने को कहा, वो और चिपक गई। मैंने लंड एडजस्ट किया, गांड के सामने फिट। हाथ गांड पर रखा, सहलाने लगा। ट्रेन के हिलने से हम आगे-पीछे, मैंने फायदा उठाया, लंड रगड़ने लगा। सहन नहीं हुआ, स्कर्ट उठाई जैसे कंबल एडजस्ट कर रहा हूं। स्कर्ट कमर तक, हाथ जांघ पर, सहलाने लगा। पैंटी तक पहुंचा, वो कभी आगे कभी पीछे। मजा आ रहा था, वो अभी वीडियो देख रही थी। मैंने उसकी जांघों की नरमी महसूस की, दिल कर रहा था और आगे बढ़ूं।
एक हाथ से जींस का बटन खोला, लंड निकाला, गांड से सटा दिया। लंड और गांड के बीच सिर्फ पैंटी। मुलायम गांड पर रगड़ने में मजा। वो गांड दबा रही थी। सोचा, आगे बढ़ो। हाथ बूब्स पर, सहलाने लगा। टाइट बूब्स, मसलने लगा। मैंने उसके बूब्स की कड़क निप्पल्स महसूस कीं, और मन में सोचा कि यह लड़की कितनी हॉट है।
अब वो गर्म हो रही थी। मैंने गालों पर किस किया। पूछा, मजा आ रहा है? उसने हां कहा। खुश हुआ, लड़की पट गई। हाथ स्कर्ट में, चुत पर। हल्के बाल, रगड़ने लगा। मजा आ रहा था। उंगली चुत में डाली, अंदर-बाहर। वो मजा लेकर आगे-पीछे। समझा, चुदाई के लिए तैयार। हाथ निकाला, पैंटी उतारी। बोला, स्कर्ट ऊपर करो। उसने किया। मैंने बरमूडा उतारा। अब हम नीचे नंगे। मैंने उसकी नंगी त्वचा महसूस की, चुत की गर्मी और गांड की मुलायमियत ने मुझे दीवाना बना दिया।
लंड गांड के छेद पर फिट, रगड़ने लगा। हाथ से जांघें और चुत सहलाई। मजा आ रहा था। लंड जोर से रगड़ा, आंखें बंद, गाल चूसे। प्रिया सीईई सीई कर रही थी। 10 मिनट बाद पानी निकला, गांड पर गिरा। मजा लिया। रुमाल से पोछा। पूछा, मजा आया? हां बहुत। नीचे देखा, सब सो रहे। ट्रेन तेज चल रही थी। मैंने सोचा कि यह रात कितनी यादगार बन गई है, लेकिन अभी तो शुरुआत है।
लैपटॉप बंद किया, प्रिया से बात की। कहां रहती हो? मुंबई के अंधेरी में, क्लास 12 की स्टूडेंट। सोचा, सील पैक लड़की का मजा लिया। लंड फिर खड़ा। बोला, लंड पकड़कर हिलाओ, गांड से रगड़ो। वो करने लगी। मैं चुत सहलाया, बूब्स दबाए। मजा आ रहा था। उंगली चुत में, आगे-पीछे। प्रिया आह आह करने लगी। बोला, धीरे। मैंने उसकी सांसों की तेजी महसूस की, और सोचा कि अब असली खेल शुरू करूं।
मूड पागल। पैर फैलाए, चुत पीछे। थूक लंड और चुत पर लगाया। लंड रगड़ा। चुत मुलायम। बोला, दर्द होगा, चीखना मत, मजा आएगा। हां कहा। टोपा फिट, धीरे पेला। लंड फिसला। थूक लगाया, जोर से पेला। लंड थोड़ा अंदर। दर्द हुआ। प्रिया ओह ओह आईईई कर रही थी। मैंने उसे चूमकर शांत किया, लेकिन वो झेल नहीं पा रही। पैर इधर-उधर, लंड निकाल दिया। मैंने फिर ट्राई किया, धीरे-धीरे दबाया, इस बार आधा लंड अंदर। खून निकला, उसकी सील टूट गई। वो रोने लगी, लेकिन मैंने सहलाया, किस किया। धीरे-धीरे धक्के मारे, चपचप की आवाज। वो अब मजा लेने लगी, आह भरने लगी। मैंने स्पीड बढ़ाई, पूरी ट्रेन के हिलने के साथ синхронाइज। वो झड़ गई, रस बहा। मैंने जारी रखा, 20 मिनट तक चोदा। आखिर पानी निकाला उसके अंदर। हम हांफ रहे थे।
सुबह तक हमने और मजा लिया, नंबर एक्सचेंज किया। मुंबई पहुंचकर अलग हुए, लेकिन यादें बनी रहीं। अब हर ट्रेन सफर में वो याद आती है।
यह मेरी असली कहानी है। क्या आपको लगता है मैंने सही किया? कृपया अपनी राय कमेंट में जरूर बताएं। अगर आपकी भी ऐसी कोई अनोखी अनुभव है तो शेयर करें।”
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