दोस्तों ये मेरी वो सच्ची जिंदगी की घटना है जिसे मैं सालों से अपने सीने में दबाकर रखना चाहता था क्योंकि कोई विश्वास नहीं कर पाता पर आज मैं आपको पूरी बात बताने जा रहा हूं एक xxx चुदाई कहानी जो मेरे दिल में हमेशा ताजा रहती है मेरा नाम राहुल है मैं अभी दिल्ली में एक आईटी कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर हूं पर ये सब तब की बात है जब मैं स्कूल में पढ़ता था और अपने घर पर ही रहता था मेरे होमटाउन कानपुर में ही मेरी रेखा मौसी भी रहती थीं और उस समय उनकी शादी नहीं हुई थी मैं आपको बता दूं रेखा मौसी सच में बेहतरीन माल थीं एकदम जबरदस्त खूबसूरत लंबे बाल बड़ी आंखें और वो शरीर जो किसी को भी पागल कर दे मुझे तो उनका जमाने से दीवाना था बस मौके नहीं मिल रहे थे रेखा मौसी बीएड कर रही थीं और दिन में उनका कॉलेज रहता था दोपहर को वापस घर आ जाती थीं रेखा मौसी के साथ मेरी मां नाना नानी भी रहते थे पर वो तीनों जॉब करते थे तो सुबह और दोपहर में रेखा मौसी अकेली ही रहती थीं।
मैं अक्सर उनके यहां किसी भी टाइम चला जाता था पर बारहवीं में मैंने कोचिंग उनके घर के पास ही लगा ली वैसे रेखा मौसी के साथ मेरा रिश्ता शुरू से ही दोस्त जैसा था क्योंकि उनकी और मेरी उम्र में सिर्फ 6 साल का ही अंतर था हम दोनों काफी मजाक मस्ती डांस भी करते थे और कभी वो मस्ती में मुझे गालों पर किस भी कर दिया करती थीं मैं जब उनके यहां पढ़ाई करता था तो हमेशा रेखा मौसी के साथ ही सोता था और जब रात को सब सो जाते थे तो रेखा मौसी मेरे से चिपक जाया करती थीं क्या बताऊं दोस्तों मेरा तो लंड खड़ा हो जाया करता था कभी वो मेरे पैरों पर अपने पैर रख लेतीं और कभी लंड पर हाथ फिर मैं अंदर ही जल पड़ता था पर डर से कुछ करता नहीं था क्योंकि मुझे लगता था कि वो नींद में हैं।
एक दिन सर का कॉल आया कि कल कोचिंग दोपहर में तीन से पांच रहेगी क्योंकि शाम को उन्हें कुछ काम है मैंने ओके बोलकर फोन काट दिया अगले दिन मैं कोचिंग के लिए लेट हो गया तो सर ने मुझे डांटा और सर थोड़े सनकी हैं तो उन्होंने मुझे क्लास से भगा दिया मैंने भी सोचा अच्छा है वैसे भी मन नहीं था दोपहर में पढ़ने का तो लौटते समय मैं रेखा मौसी के घर चला गया रेखा मौसी घर में अकेली थीं मैंने बेल बजाई तो रेखा मौसी ने दरवाजा खोला और मुझे देखकर काफी खुश हो गईं मैं अंदर गया और पानी पीकर आराम से रेखा मौसी के साथ सोफे पर बैठ गया रेखा मौसी मुझसे बातें करने लगीं इधर उधर की क्या चल रहा है कैसे हो और ये सब बस पर उनके दिमाग में कुछ चल रहा था जिससे मैं अनजान था बात करते करते अचानक रेखा मौसी उठीं और बेडरूम में जाकर लेट गईं तो मैंने उनसे पूछा कि क्या हुआ थक गई हो नींद आ रही है क्या तो बोलीं नहीं बस थोड़ा पैरों में दर्द है तो आराम करना चाहती हूं।
मैंने कहा ठीक है आप आराम करो मैं जाकर टीवी देखता हूं शाम को जब नाना नानी आ जाएंगे तो उनसे मिलकर चला जाऊंगा इतना कहकर मैं वहां से जाने लगा इतने में रेखा मौसी ने आवाज दी और कहा कि राहुल सुनो तो मैंने कहा हां मौसी बोलो तो वो कहने लगीं कि अगर बुरा न मानो तो मेरे पैर थोड़ी देर दबा दो मैंने कहा ठीक है और मैं उनके पैर दबाने लगा रेखा मौसी ने बिना दुपट्टे के सलवार कुर्ता पहना हुआ था मैं उनके पैर दबाने लगा तो वो बोलीं कि थोड़ा ऊपर तक दबाओ बहुत दर्द है राहुल तो मैं घुटनों तक उनके पैर दबाने लगा मुझे उनके पैर दबाने में मजा आ रहा था और मैं बहुत मसल मसलकर पैर दबा रहा था फिर वो बोलीं कि थोड़ा और ऊपर जांघों तक दबाओ तो मैं फिर अपने हाथ जांघों तक ले जाने लगा और दबाने की जगह अपना हाथ उनकी जांघों पर फेरने लगा उनकी आंखें बंद थीं और वो पूरा मजा ले रही थीं फिर उन्होंने अपना एक हाथ नीचे करके अपने पजामे का नाड़ा खोल दिया मैं ये देखकर हैरान हो गया कि आज रेखा मौसी चाहती क्या हैं पर जो भी हो आज मेरी लॉटरी थी शायद अचानक वो मुझसे बोलीं कि मेरे पूरे शरीर में दर्द हो रहा है तुम एक काम करो मेरे ऊपर लेट जाओ और बस मेरी तो खुशी में जान निकली जा रही थी।
मैं तुरंत उनके ऊपर लेट गया जैसे ही मैं लेटा तो वो बोलीं कि मेरी जींस उन्हें बॉडी में गड़ रही है मैं इसे उतार दूं तो मैं समझ गया कि आज ये चुदाई ही चाहती हैं मैंने झट से अपनी जींस उतार दी और फिर से उनके ऊपर लेट गया मैं बस लेटा ही था कि उन्होंने मुझे कसकर जकड़ लिया बहुत टाइट हग था तो मेरा लंड अब कुतबमीनार बन गया था और रेखा मौसी भी ये जान गई थीं अब मेरा चेहरा और उनका चेहरा आमने सामने था और उनकी सांसें मेरी सांसों से टकरा रही थीं जिससे एक अजीब सी गर्मी पैदा हो रही थी मैं तो पागल हो रहा था हम दोनों एकदम चुप थे एकदम से उन्होंने मुझे किस करना शुरू कर दिया अब तो मैं भी रह न पाया और उन्हें पागलों की तरह किस करने लगा क्या बताऊं दोस्तों वो मेरी जिंदगी का पहला किस था वो फीलिंग तो मैं आज तक नहीं भूला जब उनकी सांस और मेरी सांस एक थी मुझे बस उनकी खुशबू आ रही थी और उन्हें मेरी और वो सॉफ्ट होंठ जब मैं चूस रहा था तो क्या बताऊं जन्नत मेरे पास थी हमारा किस अच्छा चल रहा था और लगभग बीस मिनट किस करने के बाद उन्होंने किस करना छोड़ा और मेरे हाथ अपने बूब्स पर रखकर बोलीं कि राहुल इन्हें दबाओ मसल दो इन्हें और मैं अपने दोनों हाथों से उनके बूब्स दबाने लगा हाय दोस्तों क्या एकदम सॉफ्ट बूब्स थे रेखा मौसी के बयान नहीं कर सकता क्या सुकून मिल रहा था उन्हें दबाने में और फिर उन्होंने अपना कुर्ता उतार दिया फिर ब्रा भी और बोलीं मेरे दूध पीओ प्लीज मैं तो बस एक मासूम बच्चे की तरह उनकी हर बात मान रहा था और बिना कहे मैं उनके बूब्स पीने लगा और एक हाथ से उनका दूसरा बूब्स दबाने लगा दो मिनट बाद वो बोलीं अब दूसरा पीओ और पंद्रह मिनट तक दूध चुसवाने के बाद वो बोलीं उठो और मेरा लंड पकड़ लिया क्या बताऊं यार पहली बार किसी और ने मेरा लंड पकड़ा था वो भी मेरी सेक्सी रेखा मौसी ने बस मैं पागल हो गया और उन्हें अपनी तरफ खींच लिया और वो बोलीं आराम से जानेमन मैं सब सुख दूंगी तुझे और वो मेरे लंड को सहलाने लगी उसके बाद उन्होंने उसे अपने मुंह में ले लिया और चूसने लगी बाय गॉड यार इससे अच्छा जिंदगी में नहीं लगा और मैंने उनके बाल पकड़कर अपना लंड उनके मुंह में झटके के साथ अंदर किया तो वो उनके गले तक चला गया और वो हड़बड़ा गईं।
बस उसके बाद मैंने उन्हें खड़ा किया और उनका पजामा भी निकाल दिया फिर उन्हें बेड पर लिटाकर उनकी चुत से खेलने लगा और ये मेरा पहला सेक्स था पर ब्लू फिल्म देख देखकर यार मैं काफी कुछ सीख चुका था और मैंने अपनी उंगली चुत में डाली अब वो चुत नहीं थी बल्कि एक लावा बन चुकी थी उनकी चुत पर छोटे छोटे बाल थे पर मुझे बहुत अच्छे लग रहे थे उंगली करते करते मैंने उनसे पूछा कि क्या मैं इसे चाट लूं तो उन्होंने तुरंत मेरा मुंह अपनी चुत पर रख दिया और मैं उसे चाटने लगा और वो तो अब बिल्कुल बेकाबू होने लगीं मर जा रही थीं वो तो बिल्कुल उसकी चुत को चूसाने के लिए करीब दस मिनट तक चूसने के बाद उन्होंने मुझे उठाया और कहा कि बस अब और इंतजार नहीं वरना वो मर जाएंगी बस तू तो डाल दे मेरे अंदर बहुत टाइम से प्यासी है तेरी मौसी डाल दे मेरे राहुल और मेरे लंड को अपनी चुत पर खुद ही सेट करने लगीं मैं तो बस उनकी हर बात मान रहा था चुत पर लंड रखते ही वो बोलीं कब से तेरा लंड नाप रही थी पर तू कभी कुछ समझ ही नहीं रहा था आज आखिर तुझे फंसा ही लिया अब मैं सब समझ गया था कि वो रात में लंड पर हाथ नींद में नहीं बल्कि होश में रखती थीं इस पर मैंने उनसे कहा कि साफ साफ नहीं बोल पा रही थीं कि चुदाई है मैं भी कब से तुम्हें चोदने के लिए परेशान था बस और उन्होंने मेरा लंड सेट कर दिया और गिड़गिड़ाने लगीं कि डाल दे अब बस और नहीं और मैंने एक पूरी ताकत से झटका लगाया तो वो फिसल गया और अंदर नहीं गया तो रेखा मौसी गुस्सा होने लगीं और बोलीं कि पहलवानी अभी नहीं डालने के बाद दिखाना अभी आराम से डाल।
अब एक तो वो टाइट चुत और दोनों सेक्स के बारे में अनजान थे तो कुछ समझ ही नहीं आ रहा था और फिर भी मैंने उनकी बात सुनी और धीरे से लंड डालने लगा वो चिल्लाने लगीं तो मैंने किस करके उनकी आवाज को रोका और पूरा छह इंच का लंड अंदर डाल दिया अब वो भी मस्त हो गई थीं और गांड ऊपर उठा रही थीं फुल सपोर्ट मैं हल्के हल्के से पहली बार था तो मैं पंद्रह मिनट में ही आउट हो गया पर रेखा मौसी कहा मानने वाली थीं उन्होंने उसे फिर खड़ा कर दिया और बोलीं कि एक ट्रिप और मेरी जान बस फिर क्या मैंने उनकी इस तड़प को ढंग से समझा और इस बार आधे घंटे तक जोर से चोदते रहे वो आवाजें करने लगीं धीरे धीरे धहररे मर गई आहह आहह धीरे जान फट जाएगी प्लीज जान आहह हबा अहहा आ धीरे पर मैंने तो खेल जारी रखा और वो झड़ गईं अब मैंने इस बार अपना लंड बाहर निकालकर ब्लू फिल्म स्टाइल की तरह पूरा माल उनके बूब्स और मुंह पर डाल दिया और इतने में मामा की गाड़ी की आवाज आई तो हम फटाफट अलग हो गए मैं जाकर बाहर टीवी देखने लगा और रेखा मौसी बेडरूम में ही लेटी रहीं और मामा को पागल बनाकर मैं वहां से घर निकल आया उस दिन के बाद से तो रेखा मौसी को जब भी तड़प उठती मैंने हमेशा उसे बुझाया मैं उनके घर जाता तो वो मुझे देखते ही अपनी साड़ी का पल्लू सरका देतीं और मुस्कुराकर कहतीं आ गया मेरा चुदक्कड़ और फिर हम दोनों बिना कुछ कहे बेडरूम में घुस जाते मैं उनके लंड को चोदने के लिए तैयार रहता और वो चुदवाने को बेताब रहतीं कभी वो मुझे चोदते हुए ऊपर बैठ जातीं और अपनी चुत में पूरा लंड ले लेतीं तो कभी मैं उन्हें पीछे से चोदता और उनकी चुदाई इतनी जोरदार होती कि कमरा गूंज उठता।
रेखा मौसी की चुत हमेशा गीली रहती थी और जब मैं लंड डालता तो चपचप की आवाजें आने लगतीं वो चिल्लातीं राहुल और तेज चोद मुझे अपनी चुदक्कड़ बना दो मैं उनकी बात मानता और लंड को और तेज अंदर बाहर करता वो मेरे कंधे पर नाखून गड़ा देतीं और अपनी कमर को मेरे साथ मिलातीं हम घंटों चुदाई करते कभी वो कहतीं आज मेरी चुत को आराम से चोदो तो मैं धीरे धीरे लंड घुमाता और वो आहें भरतीं कभी वो खुद मुझसे कहतीं आज मुझे चुदवाने का मन है तो मैं उन्हें टेबल पर लिटाकर खड़े होकर चोदता और वो चीखतीं आहह राहुल फाड़ दो मेरी चुत आज पूरी चुदाई करो मैं उनके बूब्स को चूसता और लंड को पूरा अंदर तक पहुंचाता वो बार बार झड़ जातीं और मैं भी उनके अंदर ही अपना माल छोड़ देता फिर हम दोनों थककर लेट जाते और वो मेरे सीने पर सिर रखकर कहतीं राहुल तुमने मेरी तड़प बुझा दी अब मैं तुम्हारी चुदक्कड़ हूं हमेशा।
कई महीनों तक ये सिलसिला चलता रहा कभी हम दिन में चोदते तो कभी शाम को जब सब सो जाते मैं उनके घर चुपके से पहुंच जाता और रेखा मौसी दरवाजा खोलकर मुझे अंदर खींच लेतीं फिर हम बिना समय गंवाए एक दूसरे के कपड़े उतारने लगते मैं उनका ब्लाउज खोलकर बूब्स चूसता और वो मेरा लंड मुंह में लेकर चोदने की तैयारी करतीं वो कहतीं राहुल आज मेरी चुत बहुत तड़प रही है जल्दी से चोद दो मैं उन्हें बेड पर लिटाता और लंड को उनकी चुत पर रगड़ता फिर एक झटके में पूरा लंड अंदर कर देता वो चीख पड़तीं आहह राहुल मोटा लंड है तुम्हारा फाड़ दोगे पर फिर मजा आने लगता और हम घंटों चुदाई करते कभी वो मुझे चुदवातीं और ऊपर बैठकर कूदतीं तो कभी मैं उन्हें घोड़ी बनाकर पीछे से चोदता और उनकी गांड पर थप्पड़ मारता वो चिल्लातीं हां राहुल और जोर से चोद मुझे अपनी रंडी समझो मैं उनकी चुदाई का मजा लेता और बार बार झड़ता वो भी मेरे साथ झड़ जातीं और फिर हम थककर सो जाते।
एक दिन रेखा मौसी ने मुझे बताया कि उनकी शादी की बात चल रही है पर वो नहीं चाहतीं क्योंकि अब उन्हें मेरे लंड के बिना नहीं रह सकता मैंने कहा मौसी तुम चिंता मत करो मैं हमेशा तुम्हारी चुदाई करूंगा चाहे शादी हो या न हो वो मुस्कुराईं और बोलीं राहुल तुम सच में मेरे चुदक्कड़ हो और फिर हमने उस दिन खूब चुदाई की मैंने उन्हें चार बार चोदा और हर बार वो नई ऊंचाई पर पहुंच जातीं उनकी चुत से रस बहता रहता और मैं लंड से उन्हें भरता रहता आखिर में वो थककर बोलीं राहुल अब मैं तुम्हारी हूं हमेशा के लिए ये चुदाई कभी खत्म नहीं होनी चाहिए हम दोनों ने फैसला किया कि चाहे जिंदगी में कुछ भी हो हम अपनी चुदाई जारी रखेंगे और आज भी जब कभी मौका मिलता है मैं कानपुर जाता हूं और रेखा मौसी के साथ घंटों चोदते रहते हैं उनकी तड़प अब पूरी तरह बुझ चुकी है पर हमारी चुदाई की भूख कभी कम नहीं होती।
यह मेरी असली कहानी है। क्या आपको लगता है मैंने सही किया? कृपया अपनी राय कमेंट में जरूर बताएं। अगर आपकी भी ऐसी कोई अनोखी अनुभव है तो शेयर करें।”
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