हेलो दोस्तों, मेरा नाम राहुल है, उम्र 26 साल और मैं एक अच्छे परिवार से हूं। आज मैं आपको अपनी एक देसी xxx कहानी सुना रहा हूं, जो मेरी जिंदगी की सच्ची घटना है, जिसे मैंने हमेशा अपने दिल में दबाकर रखा था, कभी किसी से शेयर नहीं किया। ये वो राज है जो मैं छुपाना चाहता था, लेकिन अब बताने का मन कर रहा है।
एक दिन मेरे पास एक ईमेल आया, जिसमें लिखा था, ‘हाय राहुल, मेरा नाम राजेश है, मेरी उम्र 50 साल है और मैं लखनऊ से हूं। मेरा कपड़ों का कारोबार है। क्या तुम मेरे दोस्त बनोगे?’ मैंने जवाब दिया, ‘मिस्टर राजेश, आप मुझसे काफी बड़े हैं, अपनी उम्र के लोगों से दोस्ती करें, मैं तो आपसे बहुत छोटा हूं।’ अगले दिन उनका जवाब आया, ‘राहुल, दोस्ती की कोई उम्र नहीं होती। मैं मैच्योर हूं और अपनी जिंदगी के अनुभव तुमसे शेयर करना चाहता हूं।’
मैं एक अमीर घराने से हूं और अच्छे परिवार से भी। मैंने जवाब दिया, ‘ठीक है सर, आज से हम दोस्त हैं।’ फिर हमने मोबाइल नंबर एक्सचेंज किए और फोन पर बातें शुरू हो गईं। उन्होंने बताया कि उनका एक लड़का है जो लंदन में रहता है। लखनऊ में वो और उनकी पत्नी सीमा रहते हैं। उन्होंने बताया कि उनकी पत्नी 46 साल की है और मुझे फोन पर उनसे बात करवाई। वो बोलीं, ‘हेलो राहुल, मेरे पति तुम्हारी बहुत तारीफ करते हैं।’ मैंने कहा, ‘धन्यवाद।’ वो बोलीं, ‘कभी लखनऊ आओ, हमसे मिलना।’ मैंने कहा, ‘अगले हफ्ते मेरा दिल्ली जाने का प्लान है, तो मैं लखनऊ रुककर आप लोगों से मिलूंगा।’ मैं उन्हें सीमा आंटी कहकर बात करता था।
उनकी बातों से लगता था कि सीमा आंटी बहुत खुली सोच वाली हैं। बोलीं, ‘तुम नई पीढ़ी के लड़के क्या-क्या करते हो? हमारे समय में ऐसा नहीं होता था।’ फिर उन्होंने अंकल को फोन दे दिया। अंकल हंस रहे थे। मैंने कहा, ‘अंकल, आंटी बहुत फ्रैंक हैं।’ वो बोले, ‘हां राहुल, अब तुम आओ, हम तुम्हें लखनऊ घुमाएंगे।’ मैंने कहा, ‘ठीक है, अगले हफ्ते।’ मैंने सोचा, आंटी की आवाज इतनी सेक्सी है, तो वो खुद भी कमाल की होंगी। एक बार लखनऊ जाकर अंकल-आंटी से मिलना चाहिए। अगले हफ्ते मुझे दिल्ली जाना था, लेकिन मैंने लखनऊ रुकने का फैसला किया और लखनऊ पहुंच गया। स्टेशन से मैंने राजेश अंकल को कॉल किया। वो स्टेशन के बाहर थे। मैं बाहर निकला, वो अपनी कार लेकर खड़े थे। हमने अभी तक एक-दूसरे को नहीं देखा था, तो मैंने दोबारा कॉल किया और हम मिले। हमने हाथ मिलाया। वो काफी उम्रदराज थे, थोड़े मोटे। फिर हम उनके घर के लिए निकल पड़े। 30 मिनट बाद हम घर पहुंचे। वहां उनके नौकर ने गेट खोला और मेरे लिए चाय आ गई।
मैंने पूछा, ‘सीमा आंटी कहां हैं?’ वो बोले, ‘वो अभी सो रही हैं। तुम तब तक फ्रेश हो लो।’ मैंने चाय पी और फ्रेश होने चला गया। थोड़ी देर बाद जब मैं फ्रेश होकर वापस आया, तो देखा सीमा आंटी बाहर आ गई थीं। वो मोटी थीं, नाइट सूट पहने हुए, लेकिन उनका रंग बिलकुल गोरा था, दूध जैसा। उन्होंने मुझे देखते ही हेलो कहा। मैंने भी हेलो किया। वो बोलीं, ‘राहुल, तुम तो बहुत जवान हो।’ फिर बोलीं, ‘मैं नहाकर आती हूं, तुम ब्रेकफास्ट करो।’ और मुस्कुराकर नहाने चली गईं। मैंने सोचा था फोन पर आंटी की आवाज इतनी मस्त थी, लेकिन वो मुझे ज्यादा अच्छी नहीं लगीं। हां, उनका रंग गोरा था, दूध जैसा। थोड़ी देर बाद अंकल और आंटी दोनों आ गए और बोले, ‘चलो, आज तुम्हें लखनऊ घुमाते हैं।’
हम तीनों 11 बजे घर से निकले और पूरे दिन लखनऊ घूमे। हमने फिल्म देखी और रात 10 बजे घर वापस पहुंचे। फिर अंकल ने नौकर को उसके घर भेज दिया। अब सिर्फ हम तीनों घर में थे। मैं बाथरूम में फ्रेश होने गया और अंकल-आंटी अपने रूम में चले गए। मैंने अपना पजामा और टी-शर्ट पहना और बाहर आ गया। थोड़ी देर बाद अंकल ने मुझे आवाज दी और मैं उनके रूम में चला गया। देखा अंकल ने पजामा और टी-शर्ट पहना था और आंटी ने पिंक नाइट ड्रेस। फिर आंटी बोलीं, ‘राहुल आओ, हम तीनों साथ में फिल्म देखते हैं।’
मुझे लग रहा था कि आंटी मुझसे चुदवाने का मन बना रही हैं। आंटी बोलीं, ‘कोई पॉर्न फिल्म देखते हैं।’ मैंने अंकल की तरफ देखा। आंटी बोलीं, ‘तुम्हारे अंकल बहुत फ्रैंक हैं।’ और उन्होंने पॉर्न फिल्म लगा दी। उसमें 2 आदमी एक औरत के साथ सेक्स कर रहे थे। मैं भी अंकल के बेड पर बैठा था। आंटी मेरे पास आ गईं और बोलीं, ‘राहुल, चलो ना हम भी ऐसे करें।’ और उन्होंने मेरे पजामे पर हाथ रख दिया और मेरे होंठों की तरफ बढ़ने लगीं। लेकिन मैं अंकल को देखकर शर्मा रहा था। अंकल बोले, ‘तुम करो, मुझे देखने में मजा आता है।’ अब मुझे परमिशन मिल गई और मैं भी उनके होंठ चूसने लगा। अब मुझे भी मजा आ रहा था। फिर मैंने अपना एक हाथ सीमा आंटी के बूब्स पर रख दिया। वाह, क्या बड़े-बड़े और सॉफ्ट बूब्स थे। मैं उन्हें जोर से दबाने लगा। सीमा आंटी बोलीं, ‘राहुल माय बेबी, धीरे दबाओ।’ और उफ्फ्फ की आवाज निकालने लगीं। लेकिन अब मुझसे कंट्रोल कहां हो रहा था। मैंने और जोर से दबाया, उनकी सांसें तेज हो गईं, और वो मेरे शरीर से चिपक गईं। मैंने उनकी गर्दन पर किस किया, उनकी खुशबू मुझे मदहोश कर रही थी।
फिर मैंने अपनी टी-शर्ट उतार दी। अब मैं सिर्फ पजामे में था। आंटी मेरी छाती चाटने लगीं। मैंने देखा अंकल हमें बड़े ध्यान से देख रहे थे और एंजॉय कर रहे थे। उनकी आंखों में एक अजीब सी चमक थी। फिर मैंने आंटी को खड़ा किया और उनकी नाइट ड्रेस उतार दी। बाप रे, अब वो पिंक ब्रा और पिंक पैंटी में थीं। उनके बड़े-बड़े बूब्स और मोटी-मोटी गोरी जांघें बहुत सेक्सी लग रही थीं। मेरा लंड पूरा खड़ा हो गया। मैंने झट से उनकी पिंक ब्रा उतार दी। अब आंटी के दोनों बूब्स आजाद हो गए। मैंने देखा उनके निप्पल बहुत बड़े थे और बूब्स उनकी तरह गोरे। पहले मुझे आंटी अच्छी नहीं लग रही थीं, लेकिन अब वो मुझे बहुत हॉट लग रही थीं। मैंने उनके बूब्स मुंह में ले लिए और तेज-तेज चूसने लगा। सीमा आंटी को भी मजा आ रहा था, वो उफ्फ्फ हाह्ह की सिसकारियां ले रही थीं। मैंने उनके निप्पल काटे, वो चिल्लाईं, ‘आह राहुल, धीरे…’ लेकिन मैं रुक नहीं रहा था।
सीमा आंटी बोलीं, ‘बेबी, धीरे-धीरे चूसो, नहीं तो सारा दूध खत्म हो जाएगा, तुम्हारे अंकल क्या पिएंगे?’ उन्हें ऐसी बातें करने में मजा आ रहा था। अंकल हमें देखकर बहुत एक्साइटेड हो रहे थे। मैं सीमा आंटी के बूब्स जोर-जोर से चाट रहा था और वो उफ्फ्फ ओह की आहें भर रही थीं। फिर मैंने अपना एक हाथ आंटी की पिंक पैंटी में डाल दिया। उनकी चुत पूरी साफ थी और मैं उनकी चुत में हाथ फेर रहा था। मुझे बहुत मजा आ रहा था। मैंने हाथ से उनकी पैंटी नीचे सरका दी और अब सीमा आंटी पूरी नंगी हो गईं। मैंने देखा बिना कपड़ों के वो कितनी सेक्सी और हॉट लग रही थीं। बिलकुल गोरी जांघें, बड़े बूब्स और मैं उनकी चुत पर हाथ फेर रहा था। मैंने अपनी उंगली उनकी चुत में डाली, वो गीली थी, और वो कराह उठीं, ‘आह राहुल, और अंदर…’ मैंने दो उंगलियां डालीं और अंदर-बाहर करने लगा। उनकी सांसें और तेज हो गईं।
अब वो ज्यादा गर्म सांसें और सिसकारियां भर रही थीं, उफ्फ्फ आह्ह… प्लीज जाने दो मुझे… इतने में अंकल हमारे पास आने लगे। मुझे लगा अब वो भी एक्साइटेड हो गए हैं और आंटी को चोदना चाहते हैं। उन्होंने पास आकर झट से मेरा पजामा उतार दिया। मैंने अंडरवियर नहीं पहना था और मेरा खड़ा लंड अब अंकल और आंटी के सामने आ गया। अंकल मेरे मोटे लंड को ध्यान से देखने लगे और आंटी भी। मैं सोच रहा था अंकल को क्या हुआ, वो मेरे लंड को ऐसे देख रहे हैं। फिर सीमा आंटी ने मेरे लंड को पकड़ लिया और बोलीं, ‘बेबी, तुम्हारे अंकल को भी इसका शौक है।’ मैं थोड़ा शॉक हुआ और बोला, ‘लेकिन मैंने ऐसा कभी नहीं किया।’ सीमा आंटी बोलीं, ‘अंकल को लंड चूसने दो, इन्हें मजा आता है।’ और अंकल ने झट से मेरा मोटा बड़ा लंड अपने मुंह में ले लिया और प्यार से चूसने लगे। आंटी मुझे किस करने लग गईं और अब मैं आंटी के बूब्स चूस रहा था। अंकल का मुंह गर्म था, और वो मेरे लंड को चूसते हुए कराह रहे थे। मुझे अजीब लग रहा था, लेकिन मजा भी आ रहा था।
थोड़ी देर बाद मैंने कहा, ‘सीमा आंटी, अब आप चूसो क्योंकि मुझे अंकल से चुसवाने में उतना मजा नहीं आ रहा।’ लेकिन अंकल को मना भी नहीं कर सकता। सीमा आंटी बेड पर घुटनों के बल बैठ गईं। अब अंकल और आंटी दोनों बेड पर बैठे थे और उनका मुंह मेरे लंड के पास था। आंटी ने मेरा लंड चूसना शुरू किया और बहुत प्यार से धीरे-धीरे आइसक्रीम की तरह चूसने लगीं। मुझे बहुत मजा आ रहा था। मैं एक हाथ से सीमा आंटी की नंगी पीठ सहला रहा था। थोड़ी देर बाद फिर अंकल ने मेरा लंड अपने मुंह में ले लिया और चूसने लगे। फिर अंकल खड़े हुए और उन्होंने अपने कपड़े उतार दिए। मैंने देखा उनका लंड बहुत छोटा था। सीमा आंटी ने उनके लंड को हाथ में लिया और हंसकर बोलीं, ‘राहुल देखो, तुम्हारे अंकल की मूंगफली।’ और हंसने लगीं। अंकल भी हंसने लगे और मेरा लंड और खड़ा हो गया। मैंने अंकल के लंड को छुआ, वो नरम था, लेकिन एक्साइटेड।
फिर मैंने कहा, ‘सीमा आंटी, अब मुझे भी आपकी चुत चाटनी है।’ वो बोलीं, ‘हां बेबी, जरूर।’ और बेड पर टांगें ऊंची करके पूरी चुत बाहर दिखाते हुए लेट गईं। मैं उनकी चुत चाटने लगा। दोस्तों, मुझे बहुत मजा आ रहा था। उनकी चुत बिलकुल साफ थी और वो गीली हो रही थी। मैंने कहा, ‘सीमा आंटी, आपकी चुत से बहुत पानी आता है।’ वो बोलीं, ‘इतना जवान लड़का किसी आंटी की चुत चाटेगा तो पानी तो आएगा ही।’ और आंटी सिसकारियां उफ्फ्फ ओह… भरने लगीं। मैंने जीभ अंदर डाली, उनकी क्लिट चाटी, वो कांप रही थीं। थोड़ी देर बाद सीमा आंटी पूरी झड़ गईं और बोलीं, ‘बेबी, अब मैं थक गई, थोड़ा तुम्हारे अंकल को भी खुश कर दो।’
मैंने देखा अंकल अपना छोटा लंड हिला रहे थे। मैंने कहा, ‘अंकल, क्या चाहते हो?’ वो बोले, ‘राहुल, मुझे तुम्हारा लंड अपनी गांड में चाहिए।’ मैं चौंक गया, लेकिन आंटी ने कहा, ‘करो ना बेबी, इन्हें मजा आता है।’ मैंने हामी भरी और अंकल डॉगी स्टाइल में हो गए। मैंने अपना लंड उनकी गांड पर रगड़ा और धीरे से अंदर डाला। अंकल कराहे, ‘आह राहुल, धीरे…’ लेकिन मैंने स्पीड बढ़ाई। आंटी हमें देख रही थीं और अपनी चुत सहला रही थीं। मैंने अंकल को जोर-जोर से चोदा, उनका छोटा लंड झूल रहा था। थोड़ी देर बाद मैंने अपना रस उनकी गांड में छोड़ दिया। अंकल खुश हो गए।
फिर आंटी बोलीं, ‘अब मेरी बारी।’ मैंने आंटी को बेड पर लिटाया और अपनी टांगें फैलाईं। मेरा लंड फिर खड़ा हो गया। मैंने अपना लंड उनकी चुत पर रगड़ा और एक झटके में अंदर डाल दिया। आंटी चीखीं, ‘आह राहुल, कितना मोटा है तेरा लंड!’ मैंने धक्के मारने शुरू किए, ठप ठप की आवाजें गूंज रही थीं। आंटी की चुत गीली थी, लंड आसानी से अंदर-बाहर हो रहा था। अंकल हमें देख रहे थे और अपना लंड हिला रहे थे। मैंने आंटी के बूब्स दबाए, निप्पल चूसे, वो चिल्ला रही थीं, ‘चोद मुझे राहुल, जोर से चोद!’ मैंने स्पीड बढ़ाई, 10 मिनट तक लगातार पेला। आंटी दो बार झड़ीं, उनकी चुत से रस बह रहा था। आखिर में मैंने अपना रस उनकी चुत में छोड़ दिया। हम तीनों हांफ रहे थे।
फिर हमने साथ में शावर लिया, एक-दूसरे को साफ किया। आंटी ने मेरा लंड फिर चूसा, अंकल ने आंटी की चुत चाटी। रात भर हमने तीन बार और सेक्स किया, अलग-अलग पोजिशन में। सुबह मैंने विदा ली, लेकिन अब हमारी दोस्ती और गहरी हो गई। हर महीने मैं लखनऊ जाता हूं और ऐसी मस्ती करते हैं।
यह मेरी असली कहानी है। क्या आपको लगता है मैंने सही किया? कृपया अपनी राय कमेंट में जरूर बताएं। अगर आपकी भी ऐसी कोई अनोखी अनुभव है तो शेयर करें।”
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